नमस्कार दोस्तों, एक बार फिर आप सभी का स्वागत है मनोज फिल्मी पडकास्ट में। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन कई मौकों पर अपने पिता हरिवंश राय बच्चन से मिली सीख का जिक्र कर चुके हैं। उनके पिता के साथ बिताए पलों और उनसे मिली परवरिश की झलक उनकी खुद की परवरिश में भी देखने को मिलती है। उन्होंने इसी विषय पर एक बार आमिर खान से बातचीत में कहा था कि उन्होंने अपने माता-पिता को कभी झगड़ते नहीं देखा और ऐसा ही माहौल उन्होंने अपने घर में भी बनाए रखा। उन्होंने परवरिश को लेकर और क्या कहा जिससे माता-पिता सीख ले सकते हैं?
आइए जानते हैं। दोस्तों, वीडियो में आगे बढ़ने से पहले प्लीज मेरे चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन को जरूर प्रेस कर दीजिएगा। तो चलिए [संगीत] दोस्तों वीडियो को शुरू करते हैं। बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन ने कई फिल्मों में पिता का किरदार निभाकर बच्चों को कई सीख दी है। वहीं असल जिंदगी में भी उन्होंने अपने पिता और बच्चों के रिश्ते को लेकर कई ऐसी बातें साझा की हैं जो आज के पेरेंट्स के लिए सीख देने वाली हैं। चलिए बिना देर किए जानते हैं अमिताभ बच्चन के कुछ ऐसे ही पैरेंटिंग कोर्ट्स। [संगीत] अमिताभ बच्चन कहते हैं कि अब मैं इसे अपना सौभाग्य समझूं कि या क्या कहूं कि मैंने अपने निजी जीवन में कभी भी अपने माता-पिता को झगड़ते या ऊंची आवाज में बात करते नहीं देखा। ऐसा ही वातावरण मैंने अपने घर में रखा है। मैंने आज तक अपने बच्चों पर कभी भी हाथ नहीं उठाया।
बॉलीवुड के महानायक की यह बात हर माता-पिता के लिए एक बड़ा पेरेंटिंग सबक देती है कि बच्चे वही सीखते हैं जो वह अपने घर में देखते हैं। घर में अगर माता-पिता एक दूसरे से सम्मान से बात करें। बिना चिल्लाए अपनी बात रखें और गुस्से में भी संयम बनाए रखें तो बच्चे भी यही व्यवहार सीखते हैं और दूसरों की इज्जत करना समझते हैं। वहीं बच्चों को मारना पीटना किसी भी सूरत में सही तरीका नहीं है। बच्चे को शांति से समझाएं कि आखिर उनकी क्या गलती है। इससे भी वह बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। अमिताभ बच्चन ने अपना एक किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने कहा कि मैंने बाबूजी से उस दिन ऊंची [संगीत] आवाज में बात की और उनसे कहा कि आपने हमको पैदा क्यों किया? उस वक्त तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। फिर देखा कि तकिए के पास एक कागज रखा है। वह एक कविता लिखकर छोड़ गए थे। उस कविता का शीर्षक था
जिंदगी और जमाने की कसमस में। घबराकर मेरा बेटा मुझसे पूछता है कि मुझे पैदा क्यों किया? और मेरे पास भी इसके अलावा कोई जवाब नहीं था कि मेरे बाप ने भी मुझसे बिना [संगीत] पूछे मुझे पैदा क्यों किया। बिग बी की यह बात पेरेंट्स को समझाती है कि बच्चे गुस्से या परेशानी में ऐसी बातें कह सकते हैं। लेकिन उस वक्त उन्हें डांटने के बजाय उनकी फीलिंग्स को समझने की कोशिश करनी चाहिए। कई बार बच्चे के सवाल के पीछे कोई गहरी परेशानी या उलझन छिपी होती है। इसीलिए पेरेंट्स उसे समझने की कोशिश करें। किसी बच्चे के साथ जबरदस्ती करना कि तुम मर्द हो, तुम सशक्त बनो और लोगों को पीटो। यह सब गलत चीजें हैं। यह चीजें नहीं सिखानी चाहिए। बच्चों को अच्छी बातें सिखाएं।
पेरेंट्स की स्नेह, प्यार और बंधन कैसे बनते हैं? एक दूसरे से प्यार और स्नेह कैसे करते हैं? एक ईमानदार, अच्छे और सच्चे इंसान बनो। बस इससे बढ़कर कोई और चीज नहीं है। बिग बी की यह बात भी पेरेंट्स को बड़ी सीख देती है कि बच्चों को मजबूत बनाने के नाम पर उन्हें गुस्सा और मारपीट करना सिखाना सही नहीं है। खासतौर पर लड़कों से यह कहना कि तुम मर्द हो इसीलिए तुम्हें मारपीट करनी आनी चाहिए। यह बिल्कुल गलत है। उन्हें प्यार, स्नेह और दूसरों का सम्मान करना सीखना चाहिए। साथ ही बच्चों को एक अच्छा ईमानदार और सच्चा इंसान बनाना ही सबसे जरूरी है। तो दोस्तों, आज [संगीत] का यह वीडियो यहीं समाप्त करते हैं। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। तब तक के लिए आप सभी को टाटा बाय-ब टेक केयर।