उन्हें मैं कहूंगा 500 मिलियन से ज्यादा Instagram यूज़र्स हैं। आप सोच रहे होंगे कि अमेरिका के अरबपति एलन मस्क भारत और पीएम मोदी पर अपनी झल्लाहट निकाल रहे हैं। लेकिन पीएम मोदी कुछ बोल नहीं रहे। मगर आपको बता दें कि पीएम मोदी हवाबाजी करने वालों को पहले पूरा मौका देते हैं कि वह जितना नीचे गिर सकता है गिर जाए। उसके बाद पीएम मोदी अपने स्टाइल और स्टैंडर्ड के मुताबिक जवाब देते हैं। पीएम मोदी ने अमेरिका और दुनिया भर से आए विदेशी डेलीगेट्स, पॉलिसी मेकर्स, बिजनेस और इंडस्ट्री के लीडर्स के बीच बैठकर एललेन मस्क को उधेड़ दिया। पीएम मोदी ने इशारे इशारे में ऐसा बयान दिया जिसे सुनने के बाद ना तो एललेन मस्क को नींद आएगी और ना ही उनसे नया-नया गठबंधन करने वाले राहुल गांधी को। एलन मस्क की धज्जियां उड़ाने वाला पीएम मोदी का यह बयान हम आपको आगे सुनवाएंगे। पीएम मोदी का बयान सुनने के बाद आपको अंदाजा लग जाएगा
कि बेवजह बवाल खड़ा करने वाले एललेन मस्क को अब शायद आसानी से भारत में एंट्री नहीं मिलेगी। लेकिन उससे पहले जल्दी से देख लीजिए कि कैसे पीएम मोदी के एक ताकतवर विरोधी ने भी एललेन मस्क को बेनकाब कर दिया। अमेरिकी सांसद और विपक्ष के नेता बर्नी सेंडर्स पीएम मोदी के बहुत बड़े समर्थक नहीं है। लेकिन इस बार उन्होंने पीएम मोदी की बहुत बड़ी मदद कर दी है। बर्नी सेंडर्स ने खुलासा किया है कि एललेन मस्क ने डॉनल्ड ट्रंप को जिताने के लिए $90 मिलियन खर्च किए थे। इसका फायदा भी एललेन मस्क को मिल गया। डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद एललेन मस्क की संपत्ति में $696 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। वो दुनिया के पहले ट्रिलिनेियर बन गए।
लेकिन इतने से भी एललेन मस्क का मन नहीं भरा। अब एलन मस्क सरकार में रिपब्लिकनंस का कंट्रोल बनाए रखने के लिए 366 मिलियन खर्च कर रहे हैं। हमें एलन मस्क को रोकना होगा। एलेन मस्क असली ओलिगार्क हैं। याद कीजिए कि एललेन मस्क ने ओलिगार्क शब्द का इस्तेमाल करके ही पीएम मोदी पर अपना निशाना साधा था। आज अमेरिकी नेता ने ही उन्हें बेनकाब कर दिया। लेकिन इसके बाद बारी आई पीएम मोदी की। पीएम मोदी ने दिल्ली में हो रहे ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम में पहली बार बिना नाम लिए एललेन मस्क के परखच्चे उड़ा दिए। वो भी कई बड़े-बड़े अमेरिकी बिजनेसमैन के सामने। आपको याद होगा कि एलन मस्क ने कहा था कि मैं भारत के गांवों तक इंटरनेट पहुंचाना चाहता हूं। मैं भारत के लोगों को इंटरनेट देकर ताकत देना चाहता हूं।
इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत के एक छोटे से शहर का विद्यार्थी भी डिजिटल लर्निंग से जुड़ सकता है। भारत में आज किसी गांव में एक छोटा दुकानदार भी अपने नए कस्टमर तक पहुंच सकता है। वह भी अफोर्डेबल इंटरनेट के साथ। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि जिस कीमत पर आपको आज भारत में इंटरनेट मिल रहा है, मौजूदा कीमत पर एलन मस्क का स्टार लिंक उससे 800 गुना महंगा है। तंज कसते हुए पीएम मोदी ने यहां तक कह दिया कि इस इवेंट में आए विदेशी डेलीगेट्स जरा जाते हुए यह जरूर चेक कर ले कि भारत में इंटरनेट के जरिए डिजिटल पेमेंट कैसे होती है। आपको बता दें कि एललेन मस्क के अमेरिका के पास भी भारत जैसा शानदार डिजिटल पेमेंट सिस्टम नहीं है।
अपने काम दिखाकर ही पीएम मोदी किसी का इलाज करते हैं। जाते-जाते बिना नाम लिए राहुल गांधी से हाथ मिला चुके एलेन मस्क को पीएम मोदी ने यह कह दिया कि 12-13 साल पहले किसी के पास अगर मोबाइल और इंटरनेट होता था, तो उसे ताकत समझा जाता था। यानी उस समय इंटरनेट और मोबाइल को अफोर्ड करना इतना आसान नहीं था। लेकिन आज भारत में इंटरनेट इतना सस्ता है और इतना ज्यादा फैल चुका है कि यहां पर 50 करोड़ से ज्यादा YouTube यूज़र्स हैं और 50 करोड़ से ज्यादा Instagram यूज़र्स भी। इतना सुनने के बाद शायद एलन मस्क शर्म के मारे एक महीने तक कमरे से बाहर ना निकलें। बहरहाल अब आपको पीएम मोदी का बयान सुनवाते हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में भारत में 500 मिलियन से अधिक YouTube यूज़र्स हैं। 500 मिलियन से ज्यादा Instagram यूज़र्स हैं। साथियों 12 13 साल पहले तक भारत में एक समय वह भी था जब मोबाइल और इंटरनेट तक पहुंच भी अपने आप में एक शक्ति हुआ करती थी। जिसके पास एक्सेस था, उसके पास इंफॉर्मेशन थी, नॉलेज थी, अपॉर्चुनिटीज थी, 2014 के बाद जब भारत में नई सरकार बनी, हमें सेवा करने का अवसर मिला तो भारत ने मोबाइल डाटा को अफोर्डेबल बनाने पर जोर दिया। इसी का नतीजा है कि आज एक छोटे शहर का विद्यार्थी भी डिजिटल लर्निंग से जुड़ सकता है। किसी गांव में एक छोटा दुकानदार भी नए कस्टमर्स तक पहुंच सकता है। एक युवा भी ऑनलाइन नए कोर्सेज जाइन कर सकता है। यानी भारत में कनेक्टिविटी ने सिर्फ लोगों को कनेक्ट नहीं किया। उसने ओपोरर्चुनिटीज को भी कनेक्ट किया है।
यही यही पावर टू एम पावर है। साथियों आप में से जो अतिथि विदेश से आए हैं उन्हें मैं कहूंगा कि आप भारत के डिजिटल पेमेंट्स इको सिस्टम को भी आजमा कर देखिए। हमारे यहां एक स्ट्रीट वेंडर और एक बड़े कार शोरूम का कारोबार अलग-अलग है। उनका स्केल अलग है। लेकिन भारत में यह दोनों डिजिटल पेमेंट्स के एक ही इको सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही इंक्लूसिव टेक्नोलॉजी की ताकत है। हम्म