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40 फिल्में मिलने के बाद भी एक्टर पर क्यों लगा ‘मनहूसियत’ का ठप्पा?

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बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार रहे है जो अपनी शुरुवाती फिल्मों से काफी चर्चा में रहे है लेकिन कुछ वक्त बाद उनके सितारे खत्म हो गए हो।

आज हम भी आपको एक ऐसे ही कलाकार के बारे में बताएंगे जिसकी शुरुआती फिल्में तो बहुत अच्छी रही लेकिन धीरे-धीरे उसे पर मैनहुसियत का ठप्पा लगने लगा। यह कलाकार है जुगल हंसराज ।

मोहब्बतें फिल्म में शाहरुख के साथ काम कर चुके इस एक्टर ने शुरुआत में बहुत अच्छा नाम कमाया, लेकिन एक वक्त आया जब उनके ऊपर मनहूसियत का थापा लग गया।

एक्टर के बारे में कहा जाता है कि मोहब्बतें’ की अपार सफलता के बाद प्रोड्यूसर्स जुगल के घर के बाहर लाइन लगाकर खड़े थे. उन्होंने एक साथ 40 फिल्में साइन कीं, जो किसी भी नए एक्टर के लिए बहुत बड़ी बात थी. लेकिन बदकिस्मती से उनमें से 30 से 35 फिल्में या तो बनने से पहले ही बंद हो गईं या कभी रिलीज ही नहीं हो सकीं. इसी वजह से इंडस्ट्री ने उन्हें ‘मनहूस’ कहना शुरू कर दिया था.

जिसके बाद जुगल ने यशराज फिल्म्स के बैनर तले भारत की मशहूर एनिमेटेड फिल्म ‘रोडसाइड रोमियो’ (2008) और प्रियंका चोपड़ा स्टारर ‘प्यार इम्पॉसिबल’ (2010) का निर्देशन किया।

बता दे की जुगल हंसराज के पिता एक क्रिकेटर थे, लेकिन जुगल का मन कभी खेल में नहीं लगा. उन्होंने बचपन से ही विज्ञापनों और फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था.

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