हेलो एवरीवन। इस 15th अगस्त को हमारा 80th इंडिपेंडेंस डे है। लेकिन 80 इयर्स में अगर सबसे ज्यादा कोई चीज नेगलेक्ट हुई है, सबसे ज्यादा कोई चीज इग्नोर की गई है तो वो है हमारे गांव में जो सरकारी स्कूल होते हैं वो।
80 साल में हम लोगों ने गांव में जो स्कूल होते हैं उन पर जरा भी काम नहीं किया है। हमने नई पार्लियामेंट बना दी, नया पीएम हाउस बना दिया। तो हम नए स्कूल्स क्यों नहीं बना पाए हमारे गांव में? क्या हमारे गांव में जो किसान और मजदूर के बच्चे पढ़ते हैं उन स्कूलों में क्या उन्हें हम अपने देश का भविष्य नहीं मानते?
आज तक हमने उन बच्चों के लिए क्या किया? और क्यों उनको हम आज तक वो फैसिलिटीज प्रोवाइड नहीं कर सके जो किसी बच्चे को एक बड़े सिटी में मिलती है। आज भी गांव के बच्चों को पैदल चलकर पता नहीं कितनी दूर जाना पड़ता है स्कूल अटेंड करने के लिए और वहां जाने के बाद ना पानी की फैसिलिटीज होती है ना टॉयलेट की फैसिलिटीज होती है।
इससे खास करके जो छोटी लड़कियां होती हैं उनको कितनी दिक्कत होती है। तो मुझे लगता है कि इस 15 अगस्त को अगर हमको किसी चीज पर ध्यान देना चाहिए। एक नई शुरुआत अगर करनी चाहिए तो वह शुरुआत हमारे सरकारी स्कूलों को ठीक करके करनी चाहिए और इसके लिए मैं खुद अपने गांव जाकर वहां के सरपंच से रिक्वेस्ट करूंगा कि प्लीज आप गांव का स्कूल ठीक करिए और उसके साथ-साथ जितने भी सरपंच ये वीडियो देख रहे हैं मैं उन सभी लोगों से अपील करता हूं कि एक चांस है हम लोगों के पास अब कुछ नया करने का कुछ अच्छा करने का तो क्यों ना हम जितने भी गांव में सरकारी स्कूल हैं उन स्कूलों को ठीक करें उन स्कूलों को बेहतर बनाए ताकि जो किसान और मजदूर के बच्चे गांव के स्कूलों में पढ़ सकते हैं उनको भी लगे कि वो भी इस देश का भविष्य है।
तो अगर गांव के सरपंच अपने गांव का स्कूल ठीक करते हैं तो हम उसके बाद उन स्कूलों के फोटो लेकर उस सरपंच का नाम भी बताएंगे और गांव का नाम भी बताएंगे हमारे सोशल मीडिया पर हम पोस्ट करेंगे सीजीपी पर और हम आप लोगों को क्रेडिट दे क्रेडिट देंगे ताकि आप लोगों को देखकर आपने जो स्कूल ठीक करे उसको देखकर कई और दूसरे सरपंच भी अपने गांव के स्कूल ठीक करना शुरू करें और इसके साथ-साथ हम एक और चीज करना चाहते हैं
वो है सोशल ऑडिट तो जितने भी पेरेंट्स हैं जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। मैं उन पेरेंट्स से रिक्वेस्ट करता हूं कि आप अभी एक सोशल ऑडिट करना शुरू कर दीजिए। आप अपने बच्चों के स्कूलों में जाइए। देखिए क्या वहां पर बेसिक फैसिलिटीज अवेलेबल है या नहीं? देखिए वहां पर बिजली आती है या नहीं?
पानी आता है या नहीं? क्या आपके बच्चों को वाशरूम की फैसिलिटीज मिलती है या नहीं? मिड डे मील्स मिलते हैं या नहीं? और अगर ऐसा नहीं होता है तो आप उसकी वीडियोस बनाइए। क्योंकि आपके बच्चों की जो स्कूलिंग है वो अच्छी होनी चाहिए। वो आपका फंडामेंटल राइट है। आपके बच्चों का फंडामेंटल राइट है। इसके लिए हम एक फॉर्म भी इशू करेंगे जो हम आप लोगों को जल्दी शेयर कर देंगे जिसको आप प्रिंट करके फिल कर सकते हैं और बता सकते हैं