जिस तरीके से फैसला आया है क्या कहेंगे आप कॉशेस जो है पीछे लिए गए मैं ऑनरेबल कोर्ट का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं कि आज सही मायनों में जस्टिस हुआ है उन सभी लोगों के लिए जो जंतरमंतर पर लड़ रहे थे नीट में जिन बच्चों ने करी उनके लिए आज सही मायनों में जाकर उन फैमिलीज के साथ भी न्याय हुआ है जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है.
पेपर लीक के कारण और यह हर उस इंसान की जीत है जो इस प्रोटेस्ट के दौरान सड़कों पर उतरा था बस जंतरमंतर पर नहीं देश भर यह हर उस इंसान की जीत है जो अगर सड़क पर नहीं उतरा तो लेकिन क्या हुआ सोशल मीडिया पर पर तो पोस्ट की थी ये उन लोगों की भी जीत है ये उन लोगों की भी जीत है जिन्होंने अपने WhatsApp पर स्टोरी लगाई थी फर्क नहीं पड़ता है कि आप अपनी आवाज कैसे उठा रहे थे आपने अपनी आवाज उठाई यह उसकी जीत है और यह इसीलिए आप सभी लोगों की जीत है.
अगर आप सभी लोग आवाज नहीं उठाते उसके बिना मुझे नहीं लगता यह पॉसिबल हो पाता और यह आप लोगों की ही ताकत थी ये आप लोगों की आवाज थी जिसकी वजह से दिल्ली से डेलीगेशन महाराष्ट्र आता है और महाराष्ट्र में आकर मीटिंग करता है और कोशिश करता है कि कुछ भी करके जो डिमांड्स है उसको मीट की जाए जिसकी वजह से और एक आंदोलन ना हुआ जाए।
तो मुझे लगता है कि यह लोगों की ताकत है जिसने यह पॉसिबल करवाया है। पिछले दो दिनों से दो-तीन दिनों से बहुत लगातार मेरी भी मीटिंग्स पर मीटिंग्स हुई। के साथ दिल्ली से खास यहां पर आया था और हमारी कई मतलब सात आठ मीटिंग्स हुई और उस मीटिंग्स में हमारा बस यही था कि कैसे एब्सोल्यूट जस्टिस मिल सके उन सभी स्टूडेंट्स को जो बस अपने हक के लिए लड़ रहे थे उन सभी फैमिलीज को जो अपने बच्चों के लिए न्याय के लिए लड़ रहे थे। सो यह सभी भारतवासियों की जीत है जिन्होंने अपनी आवाज उठाई और इतने सारी के बावजूद इतने सारे के बावजूद भी आपने अपनी आवाज उठाना बंद नहीं करा। आप डरे नहीं आप पीछे नहीं हटे। यह विक्ट्री आपको बिलोंग करती है। और नीट की फैमिली नीट के जो बच्चे हैं उनकी फैमिलीज के लिए मैं कहना चाहता हूं। मैं सबसे पहले तो आप लोगों से माफी मांगना चाहता हूं। आप लोगों के बच्चों हम बचा नहीं सके। और वो जो मुझे पता है यह कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती है। आप लोगों के बच्चों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। जो भी हुआ गलत हुआ और काश ऐसा नहीं होता। लेकिन मुझे पता है मैं मिला हूं कई सारे नीट की फैमिलीज़ के साथ। आकांक्षा के पापा के साथ मैं मिला हूं।
काहान पटेल के पापा के साथ मैं मिला हूं। प्रदीप मेघवाल के पापा से मैं मिला हूं। रिया थापा के पापा से मैं मिला हूं। और आज मैं उन सभी फैमिलीज को यही कहना चाहता हूं। वी आर वेरी सॉरी दैट यू हैव टू यू हैड लॉस्ट योर किड्स। और उनकी कोई गलती नहीं थी।
उन बच्चों की कोई गलती नहीं थी। उन बच्चों ने बहुत मेहनत करी थी। उन लोगों ने बहुत ईमानदारी से पढ़ाई करी थी। उन लोगों ने उन बच्चों ने अपनी तरफ से जो बन सकता था डॉक्टर बनने के लिए वो सब किया। यह सरकार का फेलियर था जिसकी वजह से आपके बच्चों को जान गवानी पड़ी। और मैं जानता हूं आप लोग अभी बहुत फाइनेंस