केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। 25 जुलाई के दिन 2:18 पर धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर एक चिट्ठी की तस्वीरें जारी की। बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
प्रधान का इस्तीफा कॉकरो जनता पार्टी की तीन मांगों में से सबसे बड़ी मांग थी। सबसे बड़ी मांग तो पूरी हो गई है। इस्तीफा हो गया है। लेकिन इसके साथ ही डिमांड्स की लिस्ट में एक और डिमांड बढ़ गई है। पुलिस वाले गुंडों ने हरकत करी थी 20 तारीख को। उसके ऊपर पुलिस वालों के ऊपर एक्शन तो होना ही चाहिए।
सचिन शर्मा ये जो लाठियां चलाई है ना आपने अमित शाह और मोदी के नाम पर अभी एक इस्तीफा हुआ है। याद रखना से पंगा नहीं लेना है। सीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के आधे घंटे बाद एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें लिखा गया कि सीजेपी की डिमांड लिस्ट अपडेट हो गई है। उन्होंने अपनी चार डिमांड्स लिखी है। पहली मांग है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। इसके आगे सीजेपी ने राइट टिक किया है। माने इस्तीफा हो गया है। दूसरी मांग जिन स्टूडेंट्स ने अपनी जान दी उनके परिवार को ₹1 एक करोड़ का मुआवजा मिले। सीजेपी ने इस डिमांड के आगे पेंडिंग लिखा है। तीसरी मांग किसी भी प्रदर्शनकारी स्टूडेंट के खिलाफ कोई कारवाई नहीं होनी चाहिए और इसके आगे भी लिखा गया है पेंडिंग। चौथी मांग आरएफ और दिल्ली पुलिस पब्लिकली माफी मांगे। यहां भी लिखा गया है पेंडिंग। चौथी डिमांड ही आज अपडेट हुई है।
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान जंतरमंतर और आसपास के इलाकों में लाठी चार्ज हुआ था। आंसू गैस के भी चले। दिल्ली पुलिस पर चलाने के भी आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी संदीप लांबा एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए भी दिखे थे। इन्हीं संदीप लांबा का नाम दीपके ने आज सीजेपी के मंच से लिया है।
अभिजीत दीपके ने कहा है कि जब तक बाकी तीन डिमांड्स पूरी नहीं हो जाती तब तक प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।