हेलो एवरीवन। मैंने अभी देखा कि एक लड़की के ऊपर देने के लिए केस किया गया है। तो एक बात तो यह है कि अगर आप केस कर रहे हो देने के लिए तो उन बीजेपी के आईटी सेल पर कब केस किए जाएंगे जो इतने सालों से लड़कियों को गंदी गंदी ऑनलाइन दे रहे थे। क्या-क्या शब्द इस्तेमाल नहीं कर रहे थे वो लड़कियों के लिए। कहीं पर कहीं से भी वो इज्जत नहीं कर रहे थे लड़कियों की। और वो लोग प्राउडली अपने बायो में लिखते थे फॉललोड बाय पीएम मोदी।
ऐसे लोगों ने लड़कियों को गंदी गंदी दी है। उनके ऊपर केस कब होंगे? और बात बस बीजेपी आईटी सेल तक नहीं है। इनके मेंबर ऑफ पार्लियामेंट जो है रमेश बिदुड़ी जी उन्होंने किन शब्दों का इस्तेमाल किया था एक फेलो मेंबर ऑफ पार्लियामेंट के लिए सबको याद है। यूपी के जो सीएम है योगी आदित्यनाथ उनका एक वीडियो भी आया था जहां पर जो एनआई का कैमरा पर्सन था उसके लिए भी उन्होंने दी थी।
तो ये क्या चल रहा है? इस देश में दो कानून चल रहे हैं क्या? यूथ के लिए एक अलग कानून है और बीजेपी और उनके नेताओं के लिए अलग कानून है और देना कोई अपराध नहीं है। देना इज नॉट अ । अगर कोई देता है वो बुरा हो सकता है। वो बुरी बात हो सकती है। तो उसको आप समझाइए।
उसको आप कहिए कि मत दो। लेकिन केस किस बात पर किया जा रहा है? अगर देने पर केस करना पड़े तो सबसे ज्यादा केसेस जो होंगे वो बीजेपी आईटी सेल पर होंगे। क्योंकि सबसे ज्यादा औरतों को गंदी गंदी उन्होंने ही दी है। और बीजेपी के नेताओं पर होंगे। जिन्होंने इतनी गंदी इतने सालों से दी और पार्लियामेंट के अंदर भी दी है।