। बॉलीवुड के खूबसूरत अदाकारा जिसकी मोहब्बत अधूरी रह गई। जिस शख्स को उन्होंने अपना जीवन साथी बनाना चाहा उसी ने उनके प्यार को स्वीकार नहीं किया। लेकिन किस्मत का खेल देखिए दोनों की जिंदगी में एक ऐसा सहयोग जुड़ा जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। जिस दिन उनकी प्रेमी ने उस दुनिया को अलविदा कहा था। ठीक उसी तारीख को 40 साल बाद उन्होंने भी अपनी आखिरी सांस ली। आखिर कौन थी यह एक्ट्रेस और क्या थी उनकी अधूरी मोहब्बत? बॉलीवुड की थ्रोबैक रिपोर्ट में आज हम बात कर रहे हैं मशहूर एक्ट्रेस और गायिका सुलक्षणा पंडित की जिनका निधन 6 नवंबर 2025 को 71 साल की उम्र में हुआ था। उनका निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ।
उन्हें नानावटी अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उन्होंने दम तोड़ दिया और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस तारीख को सुलक्षणा ने दुनिया को अलविदा कहा उसी तारीख को ठीक 40 साल पहले उनके सबसे करीबी और उनके पहले प्यार का भी निधन हुआ था। जी हां, हम बात करें दिग्गज एक्टर संजीव कुमार की जिनका निधन 6 नवंबर 1985 को हुआ था। लेकिन दोनों के बीच आखिर ऐसा क्या रिश्ता था जो इस सहयोग को और भी ज्यादा खास बना देता है। दरअसल सुलक्षणा पंडित संजीव कुमार से बेइंतहा मोहब्बत करती थी। दोनों की मुलाकात साल 1975 में फिल्म उलझन के दौरान हुई थी और इसी फिल्म से सुलक्षणा ने बतौर एक्ट्रेस बॉलीवुड में कदम रखा था। फिल्म की शूटिंग के दौरान सुलक्षणा का दिल संजीव कुमार पर आ गया। बताया जाता है कि सुलक्षणा संजीव कुमार से शादी करना चाहती थी। यहां तक कि उन्होंने एक मंदिर में संजीव कुमार से शादी करने की इच्छा भी जताई थी। उनसे अपनी मांग में सिंदूर भरने के लिए कहा था। लेकिन संजीव कुमार ने उनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। दरअसल संजीव कुमार का दिल पहले से ही हेमा मालिनी के लिए धड़कता था। वो उनसे शादी करना चाहती थी और लेकिन उनकी यह मोहब्बत भी अधूरी रह गई। मतलब दोनों की मोहब्बत अधूरी ही रह गई। हेमा मालिनी ने उनकी शादी के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। ऐसे में संजीव कुमार का प्यार अधूरा रह गया और सुलक्षणा पंडित का प्यार भी मुकम्मल नहीं हो पाया। सुलक्षणा ने इसके बाद कभी शादी नहीं की और जिंदगी भर अकेली रहीं। लेकिन सुलक्षणा पंडित की पहचान सिर्फ उनकी अधूरी प्रेम कहानी से नहीं है। वो अपने दौर की बेहद प्रतिभाशाली एक्ट्रेस और गायिका भी थी। 12 जुलाई 1954 को जन्मी सुलक्षणा एक प्रतिष्ठित संगीत परिवार से ताल्लुक रखती थी। उनके चाचा महान शास्त्रीय गायक पंडित जसराज थे और उनके भाई जतिन ललित बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार हैं और उनकी बहन विजेता पंडित भी अभिनेत्री और गायिका थी।
सुलक्षणा ने महज 9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था। सर 1967 में फिल्म तकदीर के लिए उन्होंने लता मंगेशकर के साथ सात समुंदर पार से गाना गाया था। इसके बाद उनकी आवाज लोगों के बीच में पॉपुलर हो गई। साल 1975 में फिल्म संकल्प के गाने तू ही सागर और तू ही किनारे ने उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड दिलाया। उन्होंने मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और यशुदास जैसे दिग्गज गायकों के साथ कई यादगार गाने गाए। वहीं अभिनय की दुनिया में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उलझन, संकोच, अपनापन, खानदान, धर्म कांटा और वक्त की दीवार जैसी फिल्मों में उन्होंने काम किया। वह राजेश खन्ना, जितेंद्र, विनोद खन्ना, शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े सितारों के साथ नजर आई। लेकिन वक्त के साथ उनकी जिंदगी में मुश्किलें बढ़ती चली गई। संजीव कुमार की मौत ने उन्हें इतना सदमा दिया। इसके बाद माका ने फिर दूसरी तरफ पारिवारिक परेशानी ने भी उनको तोड़ कर रख दिया। बाद में सालों बाद उन्हें हिप की चोट और कई सर्जरी के कारण उनकी जिंदगी और मुश्किल हो गई। उनकी बहन विजेता पंडित और जीजा आदेश श्रीवास्तव ने उनकी देखभाल की। बहन विजेता के मुताबिक सुलक्षना ने जिंदगी में आखिरी कई साल बेहद सीमित दायरे में बिताई और लंबे समय तक बिस्तर पर रहीं।
साल 1996 में फिल्म खामोशी द म्यूजिकल में उनकी आवाज आखिरी बार सुनाई दी थी। और 6 नवंबर 2025 को सुलक्षणा पंडित ने दुनिया को अलविदा कह दिया। इत्तेफाक देखिए 6 नवंबर 1985 को संजीव कुमार का निधन हुआ और ठीक 40 साल बाद 6 नवंबर 2025 को सुलक्षणा पंडित ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। जिस मोहब्बत को सुलक्षणा जिंदगी भर हासिल नहीं कर पाई उस मोहब्बत से जुड़ी तारीख उनकी जिंदगी का आखिरी दिन भी बन गई।
एक ऐसा कलाकार जिसने अपनी आवाज से लाखों दिलों को जीता लेकिन अपनी निजी जिंदगी में अधूरी मोहब्बत अकेलेपन का दर्द झेला। सुलक्षणा पंडित भले ही आज हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके गाने, उनकी फिल्में और उनकी जिंदगी से जुड़ा यह अनोखा सहयोग हमेशा याद किया जाएगा। मैं