नसीरुद्दीन शाह जैसे लोग यह कमाते तो हमारे इस हिंदू राष्ट्र से हैं मगर नमक खाते हैं पाकिस्तान का। नसीरुद्दीन शाह हमारे हिंदू राष्ट्र में बड़ा हुआ है। उनके मूवीज या चित्रपट, फिल्म्स यहां पे लगते थे। पाकिस्तान में लगते नहीं थे। जिनका अभी नमक खा के हमारे हिंदू राष्ट्र में बैठ के बात कर रहे हैं। आज हमारा भारत देश नहीं होता। हमारा हिंदू राष्ट्र नहीं होता ना तो नसीरुद्दीन शाह को कोई कुत्ता भी नहीं पहचानता। आप एनालिसिस करने की बात कर रहे हैं .
रिजल्ट्स को चुनावी रिजल्ट्स को। लेकिन क्या एनालिसिस इस बात का भी होगा कि महायक्ति में सब ठीक चल रहा है क्योंकि जो धनेगर और जो अब्दुल सत्तार का रोल रहा वो गठबंधन की राजनीति तो नहीं देखिए ऐसा है एनालिसिस के बारे में अगर बात करेंगे तो हमारी महायुवति क्या हमारी भारतीय जनता पार्टी जहां दो पे जीती है जो महायुती बन के हम लोग जहां दो पे जीते हैं वहां पे 5 साल पहले तो हम लोग जीते भी नहीं थे जीरो से हम लोग टू पे गए हैं। हम नहीं बोल रहे कि वो बहुत बड़ी जीत है। मगर महायुद्ध इतनी तीन-तीन पार्टियों की सरकार है। कभी-कभी ये दो चार चीजें होती है। हमारे में भी कोई शकुनी मामा बैठ जाते हैं जो यहां आके उद्धव ठाकरे को जो पसंद है वो स्क्रिप्ट बोल के दिखाते हैं।
उसके बारे में हमारे जो अभी वरिष्ठ नेता हैं एकनाथ शिंद जी हैं, देवेंद्र फडनवीस जी है, रवि चौहान जी है, सुमित्रा ताई पवार है। ये सारे हमारे वरिष्ठ नेता बैठेंगे और ये कल रात को लेट रात को जो रिजल्ट आया उसके बारे में क्या करना है? उसके बारे में एक्शन मोड में जाएंगे। अहम बात है कि अलायंस पार्टनर्स को लेके यह जिसका अभी जिक्र किया कि शिवसेना श ने जो है उन्होंने आपको मदद नहीं की। यू आर एक्सपेक्टिंग मोर देम डिसपॉइंटमेंट है। ऐसा है कि ये सारे चीज का विश्लेषण करने के लिए अभी आपको हमको थोड़ा वक्त देना पड़ेगा। क्योंकि कल जैसे मैंने कहा बैलेट पेपर के होने के वजह से कल लेट रात को रिजल्ट आया है। अभी सही मामले में क्या हुआ? किसने इसमें महायुति में अलग भूमिका अगर ली होगी तो उसके बारे में सभी का हम लोग स्टडी करेंगे और उसके बारे में आपको मिलके बता देंगे। आखिर में इतना ही बोल सकूंगा महायुवती अगर एक ड्यूटी से एक ताकत से जहांजहां लड़ लड़ी लड़ी है अभी तक वहां वहां हमको सक्सेस मिला है।
आपको क्या लगता है डिसपॉइंटिंग है या देखिए ऐसा है जीरो से टू पे तो हम लोग गए हैं। नागपुर की जो हमारी सीट है वह सेकंड प्रेफरेंस पर जीती गई है। फर्स्ट प्रेफरेंस पे भारतीय जनता पार्टी का हमारा उम्मीदवार हमारा कैंडिडेट आगे था। अभी देश में कांग्रेस ही आखिर में सेकंड प्रेफरेंस पे चली गई है या तो लास्ट प्रेफरेंस पे चली गई है। इसलिए तो जो सेकंड प्रेफरेंस पे जो एक इंडिपेंडेंट कैंडिडेट को मिले हुए वोट्स पे कांग्रेस का उम्मीदवार जीता है। मतलब यह कांग्रेस वाले किस बात का सेलिब्रेशन कर रहे हैं, यह भी हमको मालूम नहीं। उनको यह भी नहीं मालूम कि लड़का हुआ है कि लड़की हुआ है। मगर पेड़े बांट रहे हैं। तभी थोड़ा उन्होंने थोड़ा यह समझना चाहिए राहुल गांधी का चेहरा दिखा के राहुल गांधी का यह सारा जो उन्होंने नौटंकी करके दिखा के उनका उम्मीदवार जीता नहीं है। एक जो इंडिपेंडेंट कैंडिडेट था करा ले गुरु जी नाम का उनका सेकंड प्रेफरेंस वोट इनको मिला।
इसलिए इनका कांग्रेस का उम्मीदवार जीता है। तो इसमें कांग्रेस जीती कैसी है? उन्होंने कभी तो मुझे बैठ के समझाना चाहिए। सेकंड प्रेफरेंस एक इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के सेकंड प्रेफरेंस के वोट पे अगर आप लोग जल्लोश कर रहे हैं ना तो कांग्रेस के सच्ची बुरे दिन आए। सर ये एक्टर नसरुद्दीन शाह ने जो है पोस्ट किया है और ये कहा है कि प्राउडली मैं जो हूं दिमागी नक्सल हूं। कैसे देख झूठी पार्टी देखिए ऐसा है ना ये नसीरुद्दीन शाह जैसे लोग यह कमाते तो हमारे हिंदू राष्ट्र से हैं मगर नमक खाते हैं पाकिस्तान का। यह समझ लीजिए। वहां से इनका जो पाकिस्तान में बैठे हुए इनके जो अब्बा है वह इनको यह ऐसे जिहादियों को और ऐसे दिमागी नक्शेलों को इनको स्क्रिप्ट देते हैं और ये नसीरुद्दीन शाह हमारे हिंदू राष्ट्र में बड़ा हुआ है। उनके मूवीज या चित्रपट फिल्म्स यहां पे लगते थे। पाकिस्तान में लगते नहीं थे।
जिनका अभी नमक खा के हमारे हिंदू राष्ट्र में बैठ के बात कर रहे हैं। तो उनको इतना हमारे हिंदू राष्ट्र से अगर गुस्सा होगा इतना खुद को दिमागी नक्सल बुलाना होगा ना तो पाकिस्तान चले जाए ना वहां उनके ऐसे बहुत मिलेंगे। वहां तो दिमागी नक्सल जिहादियों का तो बहुत बड़ा ता बहुत बड़ी तादादी है। तू बैग लेके भर के निकल जाए। आज हमारा भारत देश नहीं होता। हमारा हिंदू राष्ट्र नहीं होता ना तो नसीरुद्दीन शाह को कोई कुत्ता भी नहीं पहचानता। सर राहुल गांधी ने ट्वीट किया है 1 नवंबर की रैली के लिए कहा है कि यह किसी राजनीतिक पार्टी का रैली नहीं है। यह हिंदुस्तान की आत्मा का रैली है। तो यही यही हिंदुस्तान राहुल गांधी जी को बोलूंगा। यही हिंदुस्तान जो एक हिंदू राष्ट्र है जहां 90% लोग हिंदू रहते हैं। वहां पे दिवाली का इतना बड़ा त्यौहार हमारा आ रहा है।
हमारा ट्रेडर एसोसिएशन व्यापारी सब आपको रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि इतने बड़े हिंदुओं के त्यौहार पे कभी आप इस इस तरीके की परेशानी मत लेके आइए। तो भी आपको अगर इस तरीके का अगर रैली निकालनी है तो आप हमारे हिंदू राष्ट्र के खिलाफ भूमिका ले रहे हैं। राहुल गांधी कभी ईद और रमजान में कभी आंदोलन करते हुए दिखेंगे क्या आपको? तभी तो खजूर खाने बैठ जाते हैं सब जगह। जभी-जभी हिंदुओं के त्यौहार आते हैं। तभी तभी इनको आंदोलन करने गए सोचते हैं ये लोग।
सर सर ये सर सीजेपी जो है सीजेपी ने घोषणा कर दी है 1 नवंबर की रैली के लिए जो है वो पूरा सपोर्ट इंडियन एलयंस को कर रही है। देखिए ऐसा है कि जो जो एंटी नेशनल है जो जो जिहादियों के समर्थन वाले हैं वो एक दूसरे को समर्थन करेंगे ही ना। अभी राहुल गांधी और कांग्रेस को भी उमर खालिद भार चाहिए और बीजेपी वाले को भी उमर खालिद भार चाहिए। तो यह लोग सबको एक दूसरे को सपोर्ट कर रहे होंगे। तो इसमें नई बात क्या है? सर वर्ल्ड हिंदू फोरम की तरफ के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने एक वीडियो रिलीज़ किया था जिसको मेटा ने टेक डाउन कर दिया।
उसके बाद वो अपलोड हुआ। मेटा की मानसिकता कहीं ना कहीं साफ तौर पर जाहिर होती है और कारवाई की भी मांग हो रही है। देखिए इन जैसे सोशल मीडिया जो जॉइंट्स हैं मेटा जैसे उन्होंने भूल ये भूल रहे होंगे कि भारत ये हिंदुओं का देश है। यहां हिंदुओं की तादाद बहुत बड़ी है। 90% लोग यहां हिंदू रहते हैं और हिंदुओं के बारे में अगर हमारे मुख्यमंत्री को आह्वान कर रहे होंगे और उसके वह वीडियो अगर नीचे आप डालेंगे ना तो कल अगर बहुत सारे अनफॉलो की तादाद अगर बेटा की बढ़ गई ना तो फिर तकलीफ नहीं होनी चाहिए कि अब हिंदुओं के खिलाफ भारत देश में भूमिका नहीं ले सकते। सर चुनाव चुनाव को लेके सवाल है कि आप कह रहे हो कि सेल्फ एनालिसिस होगा.
कल रात नतीजे आए तो आज बैठेंगे या फिर आने वाले वक्त में होगा। लेकिन क्या आपको इस बात की मतलब आपको बुरा लग रहा है कि एकनाथ शिंद की शिवसेना ने पुणे हो या फिर कहीं अलग-अलग हो जहां आपको जितनी आपको एक्सपेक्टेशन थी उतनी मदद नहीं की। देखिए ऐसा है ना इसके लिए तो आप हमको थोड़ा वक्त देना चाहिए ना। आपको कैसा भी करके फेविकॉल कम करना है। पत्रकारों का सवालों में हम लोग हम समझ जाते हैं। हम राजनीति में कुछ साल गुजारा है हमने। ऐसा है तो इसलिए थोड़ा हम लोग को वक्त एनालिसिस के लिए दे दीजिए। हम लोग भी आपको बताना चाहेंगे ना कि हमारी हार क्यों हुई है। हमको भी महाराष्ट्र के लोगों के सामने रखना है। हमको भी अभी इंफॉर्मेशन आना चालू हो जाएगा जिलों जिलों में। हमारे प्रदेश अध्यक्ष जी बैठे हैं इंफॉर्मेशन लेने के लिए। एक बार सब इंफॉर्मेशन आ जाएगा तो आपके सामने रखेंगे। सर वेस्ट एशिया सर आप भी पोर्ट डिपार्टमेंट से आते हैं। वेस्ट एशिया कॉन्फ्लिक्ट में जो है 22 इंडियंस नेशनल्स पर जो है हमला हुआ है।
उसमें तीन सी फेरर्स जो है उनकी मौत हो चुकी है और टोटल 14 सीर देखिए सैड है ये। इसके बारे में जो मालूमात मुझे केंद्र सरकार से मुझे लेनी है एज पोर्ट मिनिस्टर जहां मेरी मदद लगेगी। देखिए हमारे सोनवाल जी शिपिंग मंत्री हैं। सेंट्रल पोर्ट मिनिस्टर है। मगर एज महाराष्ट्र का पोर्ट पोर्ट मिनिस्टर के रिस्पसिबिलिटी से मेरी कुछ भी मदद लगेगी तो कुछ भी सहयोग लगे तो मैं करूंगा।