एक्ट्रेस आलिया भट्ट की मम्मी सोनी राजदान और उनके पापा महेश भट्ट एक तरफ बॉलीवुड की सबसे कामयाब एक्ट्रेसेस में गिनी जाने वाली आलिया भट्ट हैं तो दूसरी तरफ उनके पिता महेश भट्ट की जिंदगी हमेशा से सुर्खियों में रही है। लेकिन आपको भी यह जानकर हैरानी होगी कि महेश भट्ट को लेकर धर्म परिवर्तन के दावे खूब चर्चा में आ रहे हैं। वह भी ऐसे समय में जब आज सोनी राजदान अपना जन्मदिन मना रही हैं। जी हां, 25 अक्टूबर 1956 को जन्मी सोनी राजदान के बारे में ज्यादा लोग यह बात नहीं जानते कि उन्होंने अपनी एक्टिंग के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाई थी।
आज भले ही बहुत से लोग उन्हें आलिया भट्ट की मां के रूप में जानते हैं, लेकिन Sony की अपनी एक अलग पहचान रही है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ऐसे दौर में की जब सीरियस कहानी वाली फिल्मों का बोलबाला था। साल 1981 में आई फिल्म 36 चौरंगी लेन से लेकर मंडी त्रिकाल खामोश और सारांश जैसी फिल्मों तक सोनी ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। उनकी एक्टिंग जर्नी सिर्फ ग्लैमर तक लिमिटेड नहीं रही। वो एक ऐसी एक्ट्रेस रही जो अपने किरदारों के जरिए दर्शकों पर प्रभाव छोड़ना चाहती थी। लेकिन फिर उनकी जिंदगी में फिल्म मेकर महेश भट्ट आए और यहीं से शुरू हुई एक ऐसी कहानी जिसमें प्यार तो था लेकिन रिश्तों की मुश्किलें उससे ज्यादा थी और आगे चलकर उन्हें अपना करियर कुर्बान करना पड़ा। महेश भट्ट उस समय तक अपनी फिल्म इंडस्ट्री में एक पहचान बना चुके थे। हालांकि उनकी निजी जिंदगी उतनी आसान नहीं रही। उनकी पहली शादी किरण भट्ट से हुई थी और उनके परिवार में पूजा भट्ट और राहुल भट्ट थे। इसी बीच महेश भट्ट और सोनी राजदान करीब आ गए। दोनों की मुलाकात और नजदीकियों के बाद उनका रिश्ता आगे भी बढ़ा और साल 1986 में दोनों ने शादी कर ली। लेकिन ये शादी इसलिए चर्चा में रही क्योंकि महेश भट्ट पहले से शादीशुदा थे और अब सवाल उठता है कि क्या महेश भट्ट ने सोनी राजदान से शादी करने के लिए अपने धर्म को बदल लिया था?
हालांकि इस मुद्दे पर सालों से मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाएं होती रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा चुका है कि पहली शादी के रहते दूसरी शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन किया गया था।
हालांकि इस बात पर कभी कोई ऑफिशियल पुष्टि सामने नहीं आई। इसलिए इस कहानी का एक दूसरा पहलू भी है। महेश भट्ट की पहली पत्नी और उनके बच्चों के लिए यह पारिवारिक बदलाव बिल्कुल आसान नहीं था। पूजा भट्ट ने अपने पिता की दूसरी शादी के बारे में अपनी मां किरण के दर्द का जिक्र कई बार किया है। यानी कि यह सिर्फ दो लोगों की एक लव स्टोरी नहीं थी बल्कि कई लोगों की जिंदगी और फीलिंग से जुड़ा एक मुश्किल रिश्ता भी था। लेकिन इस रिश्ते की चर्चा के बीच एक ऐसा सवाल भी था जिस पर उतनी बात नहीं हुई। शादी के बाद सोनी राजदान के करियर पर खूब असर पड़ा। उन्होंने एक इंटरव्यू में भी बताया था कि शादी से पहले उनका करियर बहुत अच्छा चल रहा था। वो लगातार काम कर रही थी और उन्हें फिल्मों में मौके भी मिल रहे थे। लेकिन शादी के बाद अचानक से चीजें बदल गई।
Sony ने खुलासा किया कि जिन प्रोजेक्ट्स के लिए वह पहले से तैयार थी उनका काम तो पूरा हुआ लेकिन उसके बाद नए ऑफर आना लगभग बंद हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक ऐसी सोच के बारे में पता चला जिसमें सवाल पूछा जाता था कि जब वह एक बड़ी फिल्म मेकर की पत्नी बन गई हैं तो उन्हें खुद काम करने की जरूरत क्या है? अब आप खुद सोचिए एक एक्ट्रेस जिसने अपनी मेहनत से पहले अपनी पहचान बनाई हो उसके सामने यह सवाल खड़ा कर दिया जाए कि शादी के बाद उसे काम करने की जरूरत ही क्या है? सोनी राजदान ने सोच पर नाराजगी भी जताई थी। उनके मुताबिक वो इस सोच को समझ ही नहीं पा रही थी कि शादी हो जाने का मतलब किसी फीमेल के करियर का खत्म हो जाना कैसे [संगीत] हो सकता है। यही इस कहानी का सबसे अहम पहलू भी है। जब फिल्मों में काम के मौके कम हुए तब सोनी राजदान के करियर में टीवी एक बड़ा मोड़ बनकर आया। साल 1980 के दशक के आखिर में उन्होंने पॉपुलर टीवी सीरियल बुनियाद में काम किया। इस शो ने उन्हें दर्शकों के बीच नई पहचान दिलाई और उनके एक्टिंग करियर को आगे बढ़ने का मौका दिया। इसके बाद भी उन्होंने फिल्मों और टीवी में काम जारी रखा। वहीं महेश भट्ट और सोनी राजदान की दो बेटियां हैं शाहीन भट्ट और आलिया भट्ट।
शाहीन का जन्म 1988 में हुआ था और आलिया का जन्म 1993 में समय के साथ आलिया ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया है और अपनी पीढ़ी की बड़ी एक्ट्रेसेस में से वह अब एक हैं। तो दोस्तों सोनी राजस्थान की जिंदगी को सिर्फ महेश भट्ट की बीवी या फिर आलिया भट्ट की मां के रूप में देखना सही नहीं है। उनकी जिंदगी में प्यार भी रहा, परिवार भी रहा, करियर की मुश्किलें भी आई और अपनी पहचान बनाए रखने का स्ट्रगल भी। उनकी कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर कर जाती है कि किसी फीमेल की शादी उसके सपनों का अंत क्यों मानी जाती है।
किसी का परिवार बड़ा हो जाए तो क्या उसका अपना काम और अपनी पहचान की अहमियत कम हो जाती है? सोनी राजदान ने अपने अनुभवों के जरिए इन सवालों को सामने रखा है? आपको सोनी राजदान की कहानी का कौन सा पहलू सबसे ज्यादा हैरान करने वाला लगा? महेश भट्ट के साथ उनकी शादी, शादी के बाद