अमित शाह तो यहां जन्मा है। यहां रहता है और यहां ही मरेगा। अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं लगने वाला। इस समय पूरे देश में चर्चा है कि राहुल गांधी अचानक विदेश यात्रा पर क्यों निकल जाते हैं। बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी की कई विदेश यात्राएं अघोषित रही हैं। उन्होंने अपनी विदेश यात्राओं से जुड़ी बैंक डिटेल्स नहीं दी है। आधिकारिक मंजूरियों या सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़ी जानकारियों को भी सार्वजनिक नहीं किया है। राहुल गांधी के विरोधी आरोप लगाते हैं कि भारत में जब कुछ बवाल होता है या कुछ बवाल होने वाला होता है तो राहुल गांधी विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं। मगर इसी बीच भारत के गृह मंत्री अमित शाह का एक धमाकेदार बयान सामने आया है।
अमित शाह ने कहा है कि मैं यहीं पर जन्मा हूं, यहीं पर रहता हूं और यहीं पर मरूंगा। मुझे हर 6 महीने में विदेश नहीं जाना पड़ता। मैं तो देश की जनता के बीच ही रहता हूं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गृह मंत्री अमित शाह विदेश यात्रा पर क्यों नहीं जाते? आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि अमित शाह विदेशी दौरों पर नहीं जाते। गृह मंत्री अमित शाह पिछले करीब 20-21 वर्षों से किसी भी आधिकारिक या निजी विदेश यात्रा पर नहीं गए हैं। वर्ष 2019 में गृह मंत्री बनने के बाद भी उन्होंने कोई अंतरराष्ट्रीय दौरा नहीं किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमित शाह का विदेश ना जाना उनकी घरेलू राजनैतिक रणनीति सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और देश के भीतर आंतरिक सुरक्षा व संगठन पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की सोच का एक बड़ा हिस्सा है।
आधिकारिक रिकॉर्ड या अमित शाह की निजी वेबसाइट पर इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि वह आखिरी बार किस देश की यात्रा पर गए थे। अमित शाह के करीबियों और भाजपा नेताओं का कहना है कि वह केवल वहीं यात्रा करना पसंद करते हैं जहां देश की जनता और संगठन का काम हो क्योंकि विदेश में भाजपा का कोई वोट बैंक नहीं है। इसीलिए अमित शाह को चाणक्य कहा जाता है। गृह मंत्री अमित शाह हमेशा से भारत प्रथम की छवि के साथ चलते हैं। अमित शाह खुद को विशुद्ध रूप से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जुड़े नेता की तरह पेश करते हैं। जिनकी राजनैतिक ताकत सिर्फ भारत की मिट्टी से आती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमित शाह का मानना है कि वैश्विक कूटनीति का मोर्चा पीएम मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर संभालते हैं। ऐसे में अमित शाह पूरी तरह से भारत की आंतरिक राजनीति, चुनाव प्रबंधन और देश के जमीनी मुद्दों पर अपना नियंत्रण बनाए रखते हैं। आपको बता दें कि गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी सुरक्षा समझौते या द्विपक्षीय बातचीत की जरूरत पड़ती है.
तो अमित शाह दिल्ली में बैठकर ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ते हैं। अगर विदेश जाने की बहुत ज्यादा आवश्यकता है तो वह गृह मंत्रालय के सीनियर ऑफिसर्स को भेजते हैं। बहरहाल जाते-जाते आपको बता दें कि आज यानी 22 अक्टूबर को अमित शाह अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। चलिए अब जाते-जाते आपको अमित शाह का वो बयान सुनवाते हैं जिसमें उन्होंने बताया कि वह विदेश यात्रा पर क्यों नहीं जाते। 30 साल तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहेगी। ये जनता को कहते हैं देखो वोट चोरी है। वरना अमित शाह जी को कैसे मालूम पड़ा? अरे भाई अमित शाह तो यहां जन्मा है।
यहां रहता है और यहां ही मरेगा। हर छ माह में मुझे विदेश नहीं जाना पड़ता है। मैं तो देश की जनता के बीच में। आप जिस तरह से नकारात्मक राजनीति कर रहे हो। इसके आधार पर मैं कहता हूं कि अगले 30 साल तक 2014 से 30 तक आपकी सरकार कभी नहीं बनने वाली है। मेरी बात सुनकर चलो।
अभी-अभी केरल में चुनाव हुआ यही मतदाता सूची यही इलेक्शन कमिश्नर यही ईवीएम आपने शपथ ले ली आप चुनाव जीत गए इलेक्शन कमीशन अच्छा है तेलंगाना में आप जीत गए इलेक्शन कमीशन अच्छा है मतदाता सूची भी अच्छी है.
हिमाचल में जीत गए इलेक्शन कमीशन अच्छा है मतदाता सूची अच्छी है तमिलनाडु में जिनके के सपोर्ट आप करें वो जीत गए। इलेक्शन कमीशन अच्छा है, मतदाता सूची अच्छी है और जहां हार जाते हो वहां पर इलेक्शन कमीशन ठीक नहीं है। आपके पक्ष में अगर अदालतें फैसला देती है तो अदालतें अच्छी है।और विपक्ष में फैसला देती है, आपके विरोध में देती है तो अदालतें ठीक नहीं है। ये दोहरे मानदंड नहीं चलेंगे।
राहुल जी जनता आपको जान चुकी है। आप कुछ आसपास के प्रदेशों से कैडर इकट्ठा कर कर दिल्ली में प्रदर्शन कर कर जनता के जनादेश को झुठला नहीं सकते। मैं आज कहने आया हूं देश की जनता आपको देख भी रही है, जान भी रही है। और मुझे मालूम है आप मेरी आवाज नहीं सुन सकते। आप विदेश में कहीं बैठे हो। क्यों बैठे हो वह बताते भी नहीं हो मगर कोई बात नहीं वह आपकी निजी जिंदगी परंतु एक बार आप दिल्ली लैंड कर जाइए मेरी बात सुनकर रखना अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं लगने वाला है नहीं