नाना पाटेकर जी के ऊपर मैंने पहले भी एक डिटेल में वीडियो बनाया था उनके मरने के बाद अब उनकी और डिटेल्स मेरे सामने आ गई और जब उनकी वसीयत देखी मेरी भी आंखों में आंसू आ गए थे आज पर्दा खुलेगा उनकी वेल्थ का कि उनकी वेल्थ गई किसको है और हमें जानकर हैरानी हुई कि उनकी 12 लड़कियां थी
जिसका राज खुल गया है और पूरा पूरा वो जो राज था उनके एक क्लोज्ड एनवेलप के अंदर वो छुपा हुआ था जो पीछे पीछे छोड़ कर गए। जब उस एनवेलप को खोला गया उसकी जिसके अंदर उनकी वसीयत थी। उसने रिवील किया कि उनका जो मेजर वेल्थ है ₹80 करोड़ की जो एंपायर है .
उनकी जो फिक्स्ड डिपॉजिट्स है उनकी जो लैंड है पुणे के अंदर गोवा में मुंबई में जितनी भी मेजर एसेट्स है वो ट्रांसफर की गई है डायरेक्टली टू 12 डॉटर्स। ये सारे राज मैं आपके सामने खोलने वाला हूं। और जब वो एनवेलप खुला कोर्ट के अंदर एक साइलेंस था कि वो 12 लड़कियां कौन है? क्या वो वो वो लड़कियां हैं जिनके कारण इनकी वाइफ इनको 35 साल पहले छोड़ के चली गई थी। आज ये सारे राज मैं आपके सामने खोलने वाला हूं।
लेकिन कुछ दिन पहले जब एक सील्ड एनवेलप खोला गया। उसने फाइनली एक लॉ ऑफिस के अंदर वहां पर जो टॉप कॉर्पोरेट के लॉयर्स थे उनके पसीने छूट गए थे उस वसीयत को देखकर। दोस्तों जो मार्केट की रमर्स है उसके हिसाब से नाना पाटेकर की वेल्थ बिटवीन 80 टू 100 करोड़ है। लेकिन जो मेजर वेल्थ उनकी थी वो थी एक बीएच एक बेडरूम का फ्लैट था अंधेरी में जो उन्होंने शुरू में कोई ₹1 लाख में खरीदा था। उसके बाद 27 एकड़ का उनका एक फार्म हाउस है पुणे के अंदर और साथ में एक ओशन फ्रंट का विला है गोवा के अंदर। यह सारी इन्हहेरिटेंस यह सब कुछ वो किसके लिए छोड़ के गई? उनकी वाइफ नीलकांत जो कि 35 साल पहले उन्हें छोड़ के चली गई थी।
लेकिन ऑफिशियली डिवोर्स नहीं लिया था। और पूरी लाइफ नाना पाटेकर ने रिस्पेक्ट किया अपनी वाइफ का और उनका साथ देते रहे। उनको सपोर्ट करते रहे। और वो जो वाइफ है वो भी कोई कंप्लेंट किए बिना वो छोड़ के चली गई थी। दूसरा क्या यह वेल्थ उनका जो लड़का है मल्हार उसके पास जाएगा? लेकिन अगर यह इतना ही सिंपल होता तो मैं वीडियो नहीं बना रहा होता क्योंकि मैं कोई चीप बॉलीवुड की स्क्रिप्ट आपके सामने नहीं रखने वाला हूं। जो पूरी की पूरी स्टोरी है उसके अंदर एक बहुत बड़ा ट्विस्ट है जिसने पूरे नेशन को एब्सोल्यूट डिसबिलीफ में और मुझे आंसुओं में मुझे छोड़ के चला गया। पहली बात यह है कि यह आदमी जो कि बड़ा सिंपल सा देखने वाला है। कभी वो फाइव स्टार होटल में नहीं गया। कभी फाइव स्टार प्रॉपर्टी नहीं खरीदा। उसने इतनी वेल्थ इकट्ठी की कैसे? यह आदमी जो कि सिर्फ ₹200 ₹300 कमाने वाला आदमी था। आपको मालूम है इस चीज का? उसकी जो जो उसने शुरुआत करी थी अपनी लाइफ की वो सड़कों के ऊपर जो जिब्रा क्रॉसिंग होती है उसको पेंट करते हुए या जो पोस्टर होते हैं मूवीस के उसको पेस्ट करने के लिए ₹1.15 ₹1.15 पर डे की सैलरी के ऊपर वो काम करते रहे। उसके बाद वो एक मूवीज में आना शुरू हो गया और जितनी प्राइस मांगी उतनी डायरेक्टर्स ने देनी शुरू कर दी। एक-एक मूवी के वो तीन-ती करोड़ मांगते थे। इसी कारण उनकी जो वेल्थ है वो ₹1.15 पैसे कमाने वाला ₹80 करोड़ के मार्क को क्रॉस कर गया। लेकिन जो उनकी वेल्थ है वो कोई बैंक एफडी में नहीं पड़ी थी। मैंने पहले बताया उनकी प्रॉपर्टीज थी। अब प्रॉपर्टीज का भी विवा आपको पता लगेगा कि वो कितने हंबल वो आदमी थे। एक बेडरूम का घर था अंधेरी में। वो उन्होंने खरीदा था ₹1 लाख में। आज उसकी वर्थ 3 करोड़ की है। लेकिन उन्होंने बेचा क्यों नहीं? वो बेचा इसलिए नहीं क्योंकि उनकी मदर उस घर में उनके साथ रहती थी। उनकी मदर का नाम था निर्मला। एक शेयर डिवोशन फॉर ह मदर।
उन्होंने उस घर को कभी नहीं बेचा। उसके बाद उन्होंने एक 27 एकड़ का एक फार्म ले लिया। नानाची वादी। कहां पर? पुणे के पास। कोई स्विमिंग पूल नहीं था वहां पर। कोई बड़ी-बड़ी पार्टीज वहां पे करने के लिए कोई डेक नहीं बनाया हुआ था। नथिंग। सिर्फ मिट्टी थी उसकी रिच। रिच मिट्टी थी। जहां पर वो खुद ट्रैक्टर चलाते थे। अपनी खुद की खेती वो खुद करते थे। लेकिन वहां पर जो लैंड है वो वर्थ फॉर्च्यून है। कितनी वेल्थ है किसी को नहीं मालूम। लेकिन वहां पर एक रूल बड़ा क्रिस्टल क्लियर था कि इस जमीन से जितनी भी इनकम आएगी वो मैं अपने घर में नहीं लेके जाऊंगा। वो हर पैसा जो वहां के फार्मर्स है, वहां के जो लेबर है, जो काम करती है उनके बेनिफिट के लिए इसे यूज़ किया जाएगा।
इवन खाना भी नाना पाटेकर उन लेबर्स के साथ बैठकर नीचे जमीन पर वो खाते थे। अब यहां पे आता है एब्सोल्यूट ट्विस्ट इन द स्टोरी। दोस्तों मेन स्ट्रीम मीडिया और एक्सपर्ट्स नेचुरली अस्यूम कर रहे थे कि उनकी जो वाइफ जिन्हें उन्होंने कभी छोड़ा नहीं है नीलकांत को या उनका जो बेटा है उन्हें ऑटोमेटिकली ये सारा कुछ ट्रांसफर कर दिया जाएगा अकॉर्डिंग टू हिंदू सक्सेशन एक्ट। बट नाना पाटेकर तो नाना पाटेकर थे। जब उनका सील्ड एनवेलप उनकी वसीयत वाला उसको अनसील किया गया तो उसमें पता लगा कि नाना पाटेकर मरने के पहले सब कुछ ट्रांसफर कर गए थे डायरेक्टली टू हिज 12 डॉटर्स। अब ये ट्रुथ ऑफ हिज डॉटर्स वो वरिड है उनकी लाइफ की स्टोरी के अंदर। अब मैं बताऊंगा आपको ये 12 लड़कियां आई कहां से। पहली बात है कि उनका जो पहला बेटा जो बोर्न हुआ था वो बहुत ज्यादा उसके अंदर प्रॉब्लम्स थी। बहुत कॉम्प्लिकेशंस थी। आंखों से देख नहीं पा रहा था। प्लस डिफ था उसकी पूरी बॉडी। लिप्स भी थोड़ी सी टेढ़ी-मेढ़ी थी। और उसके अंदर एक जैसे होता है ना एक शैलो सा सोशल प्रेशर के अंदर।
नाना पाटेकर को एक सेल्फिश शेम आना शुरू हो गया कि लोग मेरे बेटे को देखकर वो क्या बोलेंगे। लेकिन वो इनोसेंट चाइल्ड वो ढाई साल की उम्र के बाद वो मर गया। लेकिन उसके मरने के बाद नाना पाटेकर का जो दिल था एक फादर का दिल वो हजारों पीसेस में वो टूट के बिखर गया। उसने स्मोकिंग करनी शुरू कर दी। ग्रीफ के अंदर 60 सिगरेटें एक दिन में वो आदमी पीता था। एक सिगरेट बंद होती थी। दूसरी ऑलरेडी शुरू होती थी। इतना ज्यादा ऑब्सेशन था कि वो नहाने भी जाते थे तो मुंह के अंदर उनकी एक सिगरेट लगी रहती थी। इतना डीप ड्रामा उनको टच किया। उसके बाद एक ड्रामा और आ गया। जिसने पूरी लाइफ को चेंज कर दिया 2015 में। नाना एक बहुत लग्जरी गाड़ी ₹1.5 करोड़ की। वो खरीदने वाले थे। कैश उन्होंने साइड पर रख लिया था। लेकिन लेट नाइट वो जब टीवी चैनल्स को देख रहे थे .
उनकी आंखें पड़ी एक न्यूज़ फुटेज के ऊपर कि एक बहुत बड़ा सूखा है जो मराठवाड़ा में महाराष्ट्र में वहां पर आ गया है। वहां पे जो फैमिलीज है वो बिल्कुल डेवोस्टेट हो चुकी हैं। कर्जे के नीचे मर रही है और वहां पे जो जो फार्मर्स है उन्होंने खुदकुशी करनी शुरू कर दी। उनकी जो विधवा जो वाइफ्स हैं वो पीछे रो रही थी। बच्चे भूखे मर रहे थे। वो लेडीज की बच्चों की जो वो रोने की जो वीडियोस थी उसने इनको बिल्कुल हिला के रख दिया। बिल्कुल आत्मा को झंझोर के रख दिया। वो सोए नहीं उस रात और अगले मॉर्निंग परमानेंटली उन्होंने जो प्लान था अपना ₹1.5 करोड़ की गाड़ी खरीदने का अपनी ईगो को सेटिस्फाई करने का उन्होंने खत्म कर दिया। उन्होंने अपना एक दोस्त बहुत क्लोज फ्रेंड मराठी एक्टर मारकरंड उसको फोन किया कि यार भाई यह जो गाड़ी हम खरीद रहे हैं इसको भूल जाओ। अब हम जाएंगे लोगों के आंसुओं को पोंछने के लिए उन्होंने 15-15,000 के चेक बनाए और सीधा चले गए उस फॉरगॉटन विलेज के अंदर लातूर में, भीड़ में उस्मानाबाद में और वहां पर कोई हाई प्रोफाइल का सिक्योरिटी नहीं, कोई गवर्नमेंट की मोटर कार्ड नहीं, कोई फिल्म स्टार नहीं और ना ही कोई मीडिया वाला। वहां पर बिल्कुल अंधेरे में एक कम्युनिटी हॉल था
वहां पे लातूर में। वहां पर नाना ने पर्सनली सबको रिलीफ के चेक 15-15,000 के सबको देने शुरू कर दिए। और तब एक ट्रेजडी और आ गई। ट्रेजडी ये था कि एक पूरा तूफान आया और पूरा का पूरा जो पावर ग्रिड था वो टूट के बिखर गया। वहां पर अंधेरा आ गया। उस अंधेरे के अंदर लोगों ने पैनिकिक में आकर सिर्फ एक काम किया जो उनके लो प्रोफाइल मोबाइल फोन होते हैं जिसमें कैमरा भी नहीं होता उसकी फ्लैश लाइट को ऑन किया और उस जो सोरो वाला टाइम था उसके अंदर उन्होंने वो चेकक्स को लिया। नाना पाटेकर के जो नाना पाटेकर ने वहां पर जो लोगों के आंसू हैं उन्हें अपने हाथों से पोंछा शकते हुए और साथ में उन्होंने क्या बोल दिया एक चीज कि इस डार्कनेस के अंदर यह मुझे एक ऊपर वाले की तरफ से एक मैसेज है कि मुझे अपना लाइफ का ट्रू पर्पस पूरी लाइफ के लिए वो मुझे मिल गया। अब मैं क्या करने वाला हूं लाइफ में मुझे पता लग गया है।
उसके बाद जैसे ही उन्होंने यह बात बोली वहां पर एक बूढ़ी औरत थी। बूढ़ी औरत ने खड़े होकर बोला उसकी वॉइस ट्रेंबल कर रही थी कि नाना साहब आपने 15,000 तो दे दिए। इससे हमारा चूल्हा तीन चार महीने चल भी जाएगा। लेकिन उस तीन-चार महीने के बाद क्या होगा? हमारे मर्द तो मर चुका है। हमारे पास पैसे नहीं है। वहां पे खेती के लिए पानी चाहिए। पानी है नहीं। हम करेंगे क्या? हमें आपके ये जो भीख दे रहे हैं आप ₹15,000 की हमें यह नहीं चाहिए। हमें अपनी डिग्निटी चाहिए। हमें अपनी स्ट्रेंथ चाहिए ताकि हम अपने पैरों पर खुद हम खड़े हो सके। इससे पहले कि वो अपने लिबात को खत्म करती वो उसी वक्त नीचे कोलैप्स कर गई। उस थोड़े से वर्ड्स ने नाना पाटेकर के अंदर तक उनको झंझोर के रख दिया। एंड राइट उसी वक्त उन्होंने एक फाउंडेशन का जन्म लिया जिसका नाम था नाम फाउंडेशन। दोस्तों जो पब्लिक का रिस्पांस था जैसे ही उन्होंने अनाउंस किया कि मैं यह फाउंडेशन शुरू करने वाला हूं। लोगों ने लाखों रुपए पहले दिन ₹80 लाख रुपए डोनेट कर दिए उस फाउंडेशन के अंदर और आज करोड़ों रुपए उस फाउंडेशन के अंदर है। उस पैसे का लाना पाटेकर ने कोई डेढ़ करोड़ की गाड़ी या बड़ा बंगलो नहीं खरीदा।
उन्होंने क्या किया? उन्होंने जो रिवर्स के जो वो होती है उसे डिसिल्टिंग करनी शुरू कर दी। जो चेक डैम्स होते हैं वो बनानी शुरू कर दिए और जो पानी था उस विलेज में जो पानी नहीं आ रहा था उस पानी को वहां पर डायवर्ट करना शुरू कर दिया। दोस्तों स्टोरी यहीं पर खत्म नहीं होती। उनका जो पैशन था देश के लिए, देश की आर्म्ड फर्सेस के लिए वो अंदर तक दिखता था कि आग जलती है। जब 1991 में उन्होंने एक मूवी बनाई जिसका नाम था प्रहार। उसके लिए उन्होंने पूरी मिलिट्री की ट्रेनिंग बैठ के ली थी। मराठा जो लाइट इनफेंट्री है उनके पास बैठकर। कई हफ्ते वहां पर ट्रेनिंग लिया। उनका सिस्टम कैसे चलता है उसको सीखा और उसके बाद उनको एक ऑनरी कैप्टन रैंक भी दे दिया गया था मराठा लाइट इनफेंट्री की तरफ से उनकी डडीिकेशन को देखते हुए। फिर आया 1999 का कारगिल का वॉर जब वहां पर बॉम्ब गिर रहे थे वहां पर क्या हुआ नाना पाटेकर उस फ्रीजिंग एरिया में सब जीरो टेंपरेचर में वहां पे बंकर्स में वहां पे खुद वहां पे अपने सोल्जर्स का मोराल हाई करने के लिए वो खुद पहुंच गए अपनी लाइफ की परवाह नहीं करी और उसके बाद लास्ट ईयर भी जब हमारा ये ऑपरेशन सिंदूर हो रहा था उस वक्त भी जब हैवी क्रॉस बॉर्डर शेलिंग हो रही थी
उस बॉर्डर विलेजेस में रजौरी में पूछ में जम्मू कश्मीर में ये 74 साल का एक बूढ़ा आदमी वो हो जिसके अंदर एक क्रॉनिक चेस्ट की पेन हो रही हो वहां पर वो फ्लाइट लेकर जम्मू जाते हैं और सीधा बाय रोड वो चले जाते हैं फ्रंट लाइन विलेजेस के अंदर। वहां पर जो वाइट नाइट कॉब्स की आर्मी के ऑफिसर्स हैं वहां पर जाकर वो रिलीफ पैकेज देते हैं 117 डेवोस्टेटेड फैमिलीज के हाथों में। दोस्तों वहां पर क्या किया कि आपके बच्चों ने जितनी पूरी लाइफ की जो एक्सपेंसेस है वो सारी मेरी फाउंडेशन पूरी करेगी और वहां पर उन्होंने लोग लोगों जो लोकल लोग हैं उनके साथ बैठकर खाना भी खाया एंड साथ में जो खाना खाने के बाद सबको बोल दिया आपके बर्तन साफ मैं करूंगा जस्ट लाइक अ ऑर्डिनरी किचन हेल्पर 74 इयर्स ओल्ड एक 54 इयर्स का एक एक कांग्रेस का आदमी है वो पूरे देश को तोड़ने पे लगा है और नाना पाटेकर 74 साल में भी देश को जोड़ने का काम, साफ करने का काम वो करते रहे।
अब अल्टीमेट क्वेश्चन वो 12 लड़कियां कौन है? बाकी सारी स्टोरी तो मैंने आपको बता दी। ये एग्जैक्ट इनोसेंट डॉटर्स की है किसकी? दोस्तों ये लड़कियां थी वो फार्मर्स की जिन्होंने सुसाइड कर लिया था मराठवाड़ा के उस ड्रॉट के अंदर। वो लड़कियां हैं उन ब्रेव सोल्जर्स की जिन्होंने अल्टीमेट सैक्रिफाइस हमारी धरती को सेव करने के लिए उन्होंने अपनी जान दे दी। विदाउट एनी मीडिया हाइप कोई Instagram की रील नहीं कोई पीआर का कैंपेन नहीं नाना ने क्वाइटली अपनी सारा का सारा लीगल जो गार्डियनशिप है वो सारी इनको ट्रांसफर कर दी क्या बोल दिया.
हर महीने उनकी जो स्कूल की फीस है हॉस्टल की कॉस्ट है उनके बुक के एक्सपेंसेस है वो पे दे दे विल बी पेड डायरेक्टली फ्रॉम ह फाउंडेशन उनकी वसीयत में एक्सप्रेसिवली ये लिखा गया है कि उनका जो ट्रस्ट है वो उनकी जितनी भी प्रॉपर्टीज है उसकी उसकी जितनी भी इनकम आएगी इन एफडीआर की जो इनकम आएगी वो सारी की सारी अनलॉक की जाएगी इन 12 लड़कियों की लाइफ को चलाने के लिए ताकि इन्हें लाइफ में कभी भी भीख ना मांगनी पड़े अपनी हायर एजुकेशन के लिए अपनी वर्डिंग एक्सपेंसेस के लिए जब मीडिया के कैमरा ने कोशिश करी कि इनका जो बेटा था नाना पाटेकर का उनके मुंह में कुछ डालने की कोशिश करी मलेार के कि यार आपके बेटे ने तो बड़ा गलत काम किया
आपके फादर ने बड़ा गलत काम किया सब कुछ वो लड़कियों को दे गए आपको कुछ दिया ही तो जो मल्हहार है वो अपने बाप से भी ऊपर निकला। ही स्टुड टॉल और वहां पर क्या बोला उसने विद प्राइड कि जो कुछ मेरे फादर पीछे छोड़कर गए हैं और जो कुछ वो करके गए हैं उनकी पूरी फैमिली उसे एज अ बैज ऑफ ऑनर उसे एक्सेप्ट करती है। यानी कि मीडिया का मुंह उनके बेटे ने भी उसी वक्त बंद कर दिया। जो ऑफिशियल कंट्रोल है नाम फाउंडेशन का और जो एक और इनका निर्मला नाम के ऊपर फाउंडेशन था दोनों का वो नेक्स्ट जनरेशन को हैंड ओवर कर दिया गया। प्लस सिर्फ इनके फैमिली मेंबर्स नहीं है। उसके अंदर यंग सोशल वर्कर्स हैं। उनकी टीम को हैंड ओवर करके गए हैं।
लेकिन एक स्ट्रिक्ट कंडीशन है जो लॉक्ड है उस पूरी फाउंडेशन के अंदर कि एक भी रुपया इस पूरी की पूरी फाउंडेशन में वो सिर्फ जाएगा फार्मर्स को प्रोटेक्ट करने के लिए। आर्मी और सोल्जर्स की फैमिली को प्रोटेक्ट करने के लिए उसमें से एक पैसा भी अपने पर्सनल यूज़ के लिए इनकी फैमिली का या फाउंडेशन के मेंबर्स नहीं लेके आ सकते। दोस्तों लाना पाटेकर ने एक बड़ा ही एक कोट था उनके एक ओल्ड इंटरव्यू में जो 2013 में दिया था। क्या बोला उन्होंने कि एक आदमी पूरी लाइफ गाड़ियां, बंगलो, जमीनें खरीदने में लगा देता है। लेकिन एंड में उसे क्या चाहिए? उसे सिर्फ मिट्टी में मिलने के लिए 12 मड की ड्राई वुड चाहिए। 12 म का मतलब है 480 किलो। अब अकॉर्डिंग टू ह वर्ड्स ही वास ट्रू टू ह वर्ड्स आल्सो। उन्होंने क्या किया? 12 मड 480 ड्राई फायर वुड काट कर स्टोर करी हुई थी अपने ही फार्म हाउस के अंदर। और एक स्ट्रिक्ट इंस्ट्रक्शंस वो छोड़ के गए अपनी फैमिली को और अपने जानने वालों को कि जो आप जब मैं मरूंगा मेरे मरने के ऊपर आप फ्रेश वुड या जो गीली लकड़ी होती है उसको यूज़ मत करना क्योंकि जो सूखी लकड़ी है उसका जो धुआं है उससे आंसू नहीं आते क्योंकि अगर धुआं उड़ेगा फ्रेश फ्रेश लकड़ी में से तो लोगों की आंखों में जाएगा तो लोगों के आंसू निकलने शुरू हो जाएंगे। तो उन्होंने क्या बोला मुझे यह इंप्रेशन मिलेगा जो कि गलत इंप्रेशन है कि आप मेरे लिए रो रहे हैं। इसलिए आप जो सूखी लकड़ियां अपने मरने के ऊपर सूखी लकड़ियां तक नाना पाटेकर छोड़कर गए थे। दोस्तों जब उनकी फाइनल जर्नी हुई मरने के बाद फुल स्टेट ऑनर्स के साथ। वहां पर एक चीज नोट करी होगी कि कुछ नहीं था। वहां पे जो नहीं था वो था हाई प्रोफाइल के बॉलीवुड के स्टार्स जानबूझकर वहां पर नहीं आए।
क्योंकि उनका मुंह काला कर कर नाना पाटेकर चले गए थे। दोस्तों वहां पर था कौन? वहां पर कोई यह नहीं कि गवर्नमेंट के लोग थे या कुछ था। नॉटेंट वहां पर थाउजेंड्स ऑफ ऑर्डिनरी फार्मर्स थे। डेली जो कमाने वाले ₹100 कमाने वाले लेबर के लोग हैं वो थे। आर्मी सोल्जर्स थे जिनके साथ वो शोल्डर टू शोल्डर खड़े रहे। पूरी लाइफ और वो सबकी आंखों में आंसू थे। तभी मैंने बोला आपको कि जब मेरे देखा इसको मेरी आंखों में भी आंसू आ गए कि यार जिंदगी हो तो ऐसी एंड उनकी ट्रू वर्थ क्या थी उनकी ट्रू वर्थ वो नहीं थी जो ₹80 करोड़ उन्होंने कमाए उनकी ट्रू वर्थ थी वो इमोर्टल हार्ट्स ऑफ 12 ऑर्फन डॉटर्स जिन्हें वो अपनी बेटियां मानते थे और उनके जाने के बाद वो सब कुछ उनके लिए छोड़ गए दुनिया के लिए छोड़ गए अपने सोल्जर्स के लिए छोड़ गए और उन फार्मर्स के लिए छोड़ गए जिन्होंने अपनी जान सूखे में दे दी थी और हमारी जो गवर्नमेंट है वो बेशक कांग्रेस हो या बीजेपी हो फर्क नहीं पड़ता उन्होंने क्या किया इन फार्मर्स के लिए जो नहीं किया तभी नाना पाटेकर को करना पड़ा दोस्तों इसी को बोलते हैं लेजेंडरी सोल और वो लेजेंडरी सोल का नाम नाना था हमारे नाना पाटेकर कोई मीडिया इसको कवर नहीं करेगा वो कवर किसको करते हैं हर एक कॉकरोचों को खान गैंग को क्योंकि उसके लिए पैसे मिलते हैं उनको नाना पाटेकर ने बिना किसी फैन फेयर के यह सारे काम किए इस सोसाइटी के लिए हम में से कितने लोग हैं जो काम करते हैं।
मुझे लगता है कि मुझे भी अंदर से जब ये सारी चीजें मेरे सामने आती है। मुझे ऐसा लगता है कि शायद मेरे लिए भी कुछ लेसन है जो मुझे भी करना चाहिए। मैंने ऑलरेडी आपको याद होगा मैंने एक वो जो अपना वो शुरू किया था इनोवेशन हब जहां पर हम लोग सपोर्ट कर रहे हैं। कितने ज्यादा आइडियाज को लेकिन मुझे लगता है इसको और तेजी से हमें अब आगे लेके जाना पड़ेगा। नाना पाटेकर से हमें भी हमारे जैसे लोगों को भी कुछ सीखना पड़ेगा। प्लीज लेट्स कम टुगेदर।
लेट्स टेक दिस मुहिम जो इस इस नाना पाटेकर छोड़ के गए हैं। झंझोर के रख दिया है मुझे नाना पाटेकर ने और मुझे लगता है कि अब आगे जाकर आहिस्ताआहिस्ता मैं भी कुछ ऐसे ही काम करने वाला हूं। प्लीज सपोर्ट मी नॉट बाय मनी। मुझे आईडिया चाहिए आपसे कि क्या कुछ हम अपने देश के लिए अपने लोगों के लिए कर सकते हैं।