झाल कि सलमान खान इंडस्ट्री के सुपरस्टार और यह एक फिल्मी फैमिली से बिलॉन्ग करते हैं यह स्टार है आश्विन के तो वहीं के फादर स्टार रेटिंग फिल्म इंडस्ट्री में सलमान के साथ काम कर चुके अरबाज खान के साथ काम कर चुके लेकिन क्या आपने सोचा कि सलमान खान कर चुके हैं उनके लिए सलीम खान साहब ने अब तक सिर्फ दो ही फिल्में सलीम खान ने सलमान के लिए फिल्म क्यों नहीं मैं आपको बताऊंगी आज कब क्यों और कैसे हो अजय को अजय को यहां पर आप सब जानते हैं कि तमिल चीज में अगर राइटर्स के किसी जोड़ी ने रूल किया है तो वह है
सलीम-जावेद के आने के बाद ही फिल्म इंडस्ट्री में राइटर्स को फिल्मों में क्रेडिट दिया जाने लगा यानि कि अगर फिल्म का स्क्रीनप्ले फिल्म के डायलॉग लिखने में अगर कोई बहुत बड़ा चेंज लाया है हमारे बॉलीवुड के इंडस्ट्री में तो वह क्रेडिट जाता है सलीम खान साहब और जावेद अख्तर को अमिताभ बच्चन को बड़ा नाम और सुपरस्टार बनाने में सलीम-जावेद की राइटिंग का बहुत बड़ा हाथ सलीम जावेद अख्तर अपनी फिल्म में अमिताभ को दिमाग में रखकर लिखा करते थे और फिर अमिताभ उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरते थे वह उसी तरह से उन डायलॉग्स और स्टोरी को आगे बढ़ाते थे जिस तरह से सलीम-जावेद ने उस स्टोरी को लिखा होता है जब राइटिंग में इतना नाम था सलीम खान साहब का तो क्यों सलीम खान साहब ने अपने बेटे सलमान के लिए कोई स्टोरी नहीं लिखी और उन्हें लो कॉल करने का नहीं सोचा चलिए मैं आपको बताती हूं सलमान खान बॉलीवुड में एंट्री मारी थी फिल्म बीवी हो तो ऐसी से सपोर्टिंग ऐक्टर के रूप में नजर आए थे लॉन्च हुए थे सूरज बड़जात्या की फिल्म मैंने प्यार किया से स्टोरी स्टोरी थी पत्थर के फूल और इस फिल्म में सलमान खान ने काम किया है
यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट हुई चाहते तो सलीम अपने बेटे के लिए और फिर में पहली बार उन्हें रिजल्ट अच्छा मिला था ऐसा हुआ फिल्म पत्थर के फूल के बाद में दूसरी पर भी काम कर लिया जिसमें वह सलमान को ही कास्ट करने वाले थे सलमान को लेकर उन्होंने यह फिल्म बनाई भी मजूर इस फिल्म में सलमान खान इस फिल्म के हीरो थे और मनीषा कोइराला इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस और इस फिल्म पर काम शुरू हो गया था है कि वो टाइम खर्च सलमान खान बहुत बड़े स्टार बन गए थे वहीं सलीम खान साहब की स्क्रिप्ट कि बॉलीवुड में डिमांड थी सलीम खान साहब स्क्रिप्ट लेकर प्रोड्यूसर्स के पास जाया करते थे लेकिन जितनी बार के पास जाते थे तो उनसे रिक्वेस्ट करते थे तो हम अच्छी लगी लेकिन सलमान की इस फिल्म के लिए सलमान खान के साथ ऐसा हो गया था क्योंकि स्क्रिप्ट को मिलता था जब अपने बेटे सलमान खान में काम करने के लिए जरा
भी मंजूर नहीं था रियल लाइफ में भले ही सलमान के पिता के लिए थे और उसी के पास अपनी स्टोरी लेकर जाते थे लेकिन सलमान कंडीशन आ जाती थी तब सलमान खान साहब जरूरी नहीं है कि सलमान के लिए और यह दो एक तिपाई तब ही होगी तब सलमान खान इसमें काम करेंगे तो मुझे इस तरह के सिचुएशंस में कई बार सलीम खान साहब हंसते रहे और उसके बाद ही उन्होंने डिसाइड किया कि वह सलमान के लिए कभी भी स्टोरी नहीं लिखेंगे वह फिल्म में लिखेंगे लेकिन अब से और आगे से उस सलमान खान के लिए कोई भी फिल्म नहीं लिखेंगे एक तो यह कि प्रोड्यूसर्स डायरेक्टर्स उन्हें वृक्ष में फंसा ना पाए कि आप की स्क्रिप्ट के साथ हमें सलमान खान भी चाहिए और दूसरी बात यह जो सलीम खान साहब में लॉजिक की
कि अगर सलमान खान की लिखी हुई फिल्म में काम करते हैं और वह फिल्म हिट होती है तो उसका क्रेडिट पूरा सलमान खान को जाएगा क्योंकि अच्छी बात है लेकिन अगर वही फैसला हो जाती है तो उसका क्रेडिट सलीम खान साहब को जाएगा इसीलिए सलीम खान साहब ने तब डिसाइड कर लिया कि वह फिल्मों में तो लिखेंगे लेकिन अपने बेटे सलमान खान के लिए नहीं लिखेंगे इसीलिए पत्थर के फूल और मजेदार जोक्स delayed-release 386 में वह रिलीज हुई दो फिल्मों के अलावा सलमान खान साहब ने सलमान कि किसी भी फिल्म की स्टोरी नहीं लिखी और को उन्हें रिक्वेस्ट भी करता है तो वह मना कर देते हैं यही कारण है कि सलमान खान जहां अपनी फैमिली में सोहेल के साथ दिखे अरबाज खान के साथ लेखक सलीम खान साहब की लिखी फिल्मों में उन्हें काम करने का ज्यादा मौका नहीं मिला कब क्यों और कैसे