बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुए फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच से एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इन आरोपियों का पहला टारगेट टाइगर श्रॉफ नहीं बल्कि बॉलीवुड का कोई दूसरा सेलिब्रिटी था। हालांकि जब आरोपी अपने पहले से तय टारगेट तक आसानी से नहीं पहुंच सके तब उन्होंने अपनी योजना बदली और टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किया। सोशल मीडिया के जरिए रखी जा रही थी नजर। शुरुआती पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ और अन्य फिल्मी हस्तियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल किया था। आरोपियों ने सेलिब्रिटीज और उनके फैंस के Instagram अकाउंट पर मौजूद रील्स, स्टोरीज और पोस्ट के जरिए उनकी मूवमेंट और पुलिस सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई थी।
हालांकि शूटरों का पहला निशाना कौन सा सेलिब्रिटी था इस बात का अभी भी पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है और पुलिस इस दिशा में भी गहराई से छानबीन कर रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस हमले के पीछे का मुख्य मकसद सिर्फ किसी एक अभिनेता को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि पूरे बॉलीवुड में अपनी दहशत फैलाना था। पुलिस इस बात की टोह ले रही है कि इस खौफनाक साजिश की पटकथा कहां रची गई? हमलावरों को अंदरूनी और बाहरी जानकारियां किसने मुहैया कराई और इस पूरे सिंडिकेट में कोई अन्य शख्स शामिल था या नहीं। यह पूरी घटना मुंबई के पौश इलाके जूहू की है। पुलिस के मुताबिक रविवार शाम को फुटबॉल मैच खेलने के बाद टाइगर श्रॉफ अपनी BMW कार से वापस लौट रहे थे। तभी घात लगाए बैठे बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस अचानक हुए हमले से इलाके में हड़कंप मच गया था।
घटना के वक्त जूहू के पुष्पा नर्सी पार्क में फैंस को हाथ हिलाकर अलविदा कहने के बाद जैसे ही टाइगर अपनी कार की आगे की सीट पर बैठे तो एक हमलावर कार के ठीक सामने आ गया और दूसरा बाई तरफ से पहुंच गया। गनीमत यह रही कि फायरिंग होते ही टाइगर समझदारी दिखाते हुए अपनी सीट पर नीचे झुक गए जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। इस हमले में टाइगर को विंड शील्ड के टूटे कांच से हल्की खरोचे आई। जबकि उनके ड्राइवर फिरदौस इब्राहिम बलूच और राहगीर उमेश चौहान छर्रे लगने से घायल हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि कैप पहने हुए शूटर रिहान ने कार के पास पहुंचकर पहली गोली चलाई जो टाइगर की सीट के ठीक बगल वाले दरवाजे पर लगी। इसके बाद रिहान ने दोबारा निशाना साधकर गोली चलाने की कोशिश की लेकिन उसकी पिस्तौल अचानक जाम हो गई। पुलिस इसे एक बड़ा टर्निंग पॉइंट मान रही है क्योंकि अगर उस वक्त हथियार जाम नहीं होता तो हमलावर और भी घातक परिणाम को अंजाम दे सकते थे। फॉरेंसिक और बैलेस्टिक एक्सपर्ट्स ने मौके से पांच खाली कारतूस और दो जिंदा कारतूस जो रिहान की बंदूक जाम होने के बाद गिर गए थे उन्हें बरामद किया है। आरोपी फूल सिंह ने कार के सामने से चार से पांच राउंड गोलियां चलाई थी।
जिसमें से एक गोली विंडशील को चीरती हुई पिछली सीट में जा धंसी। कार के अंदर अभी भी एक गोली फंसी हुई है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। लेकिन एक टैक्सी ड्राइवर को किए गए फोन कॉल और तकनीकी सर्िलांस के आधार पर मुंबई पुलिस ने राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीनों मुख्य आरोपियों रिहान फूल सिंह और रितिक कुमार को ध दबोचा है। वहीं आपको बता दें कि रिहान के एक दोस्त को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया जिसका नाम समीर बताया गया है। शुरुआती भ्रम के बाद पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी फूल सिंह वयस्क है। फिलहाल पुलिस इन पर हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई कर रही है और इस बात की भी जांच जारी है कि क्या इस साजिश के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं। वीडियो डेस्क अमर उजाला.com इसी प्रकार की वीडियोस देखने के लिए हमें सब्सक्राइब करना ना भूलें और एस्ट्रोलॉजी से जुड़ी लेटेस्ट जानकारी के लिए डाउनलोड करें my ज्योतिष ऐप। [संगीत] को