वी हैड अ वे सेंशन। हर बार की तरह दशहरे पर इजराइल ने भारतीय हिंदुओं को बधाई देते हुए कहा कि बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाने वाला यह त्यौहार हमें उम्मीद, साहस और हमेशा सही रास्ता चुनने की शक्ति देता है। अब दशहरे पर अमेरिका ने भी भारत पर एक होश उड़ा देने वाला ऐलान कर दिया है। दुनिया जानती है कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और सत्य की जीत का महापर्व है जो अहंकार का नाश कर देता है। इस बार दशहरे पर अमेरिका के अहंकार का नाश हुआ है। खुद अमेरिका ने भारत पर बड़ा ऐलान करते हुए इसकी घोषणा की है।
भारत पर अमेरिका का यह बयान सुनकर सब बोल रहे हैं कि झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत आने से पहले एक बहुत बड़ी बात कह दी है। मार्को रूबियो ने पहली बार कहा है कि अमेरिका भारत के साथ ट्रेड डील करना चाहता है। इसीलिए अमेरिका रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर टेरिफ नहीं लगा सकता। यानी पहली बार अमेरिका ने भारत के आगे सरेंडर कर दिया है। मार्को रूबियो का यह बयान हम आपको सुनवाएंगे। इस बयान का एक-एक शब्द आपको भारत की ताकत का एहसास करवाएगा। लेकिन उससे पहले भारत की ताकत का एक और नजारा देख लीजिए।
इस वक्त फ्रांस, स्पेन, बेल्जियम, इटली, अल्बानिया, पाकिस्तान, यूक्रेन, सऊदी अरब सब जगहों पर दंगे, प्रदर्शन और जंग चल रही हैं। सभी देशों को वामपंथियों, कट्टरपंथियों और कॉकरोचों ने बर्बाद कर दिया है। लेकिन इसी बीच भारत में डांडिया और गरबा खेला जा रहा है। इस बार दशहरे पर एक और बुराई को सरेआम जलाया जाएगा। भारत में जो लोग अभी तक सनातन से जुड़े हैं उनकी ताकत के आगे कोई नहीं टिक पाया। हिंदुओं को बस एक रहने की जरूरत है। कोई शक्ति सनातन को नहीं हरा सकती। कुछ दिन पहले सीएम योगी ने एक बात कही थी।
उन्होंने कहा था कि धन के लिए धर्म नहीं त्यागूंगा। युद्ध छिड़ गया तो बम गोला भी दागूंगा। सीएम योगी ने हर सनातनी को बताया था कि शांति के समय धर्म का स्वरूप संयम, सौहार्द और लोक कल्याण है। लेकिन राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए। बहरहाल इस दशहरे पर अमेरिका के अहंकार का नाश हुआ है। जो अमेरिका पिछले कई महीनों से भारत को रूस से दोस्ती की सजा दे रहा था। भारत पर टेरिफ लगा रहा था। आज वही अमेरिका बोल रहा है कि हम भारत पर टेरिफ नहीं लगाएंगे क्योंकि हमें भारत से ट्रेड डील करनी है।
आइए आपको भारत पर अमेरिका का यह बहुत बड़ा बयान सुनवाते हैं। वी हैड जैसा कि आप जानते हैं पिछले कुछ महीनों में हमें प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमें वैश्विक आपूर्ति, वैश्विक कीमतों और अन्य देशों पर पड़ने वाले इसके असर को देखना पड़ा। मेरा मतलब है मुझे पता है कि अमेरिका में डीजल की कीमतें अधिक हैं। लेकिन दुनिया के कई अन्य देशों में तो यह कीमतें बहुत ही ज्यादा हैं। हमें इन सभी चीजों को संभालना पड़ता है। अभी हम भारत के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम इसके काफी करीब हैं। इसलिए जब राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूट या इस तरह के अन्य मामलों पर कोई फैसला लेते हैं तो हम इन सभी बातों को ध्यान में रखते हैं।