हम सावित्री के देश के हैं। मुस्कान के नहीं। सावित्री अपने पति के प्राण यमराज से वापस ले आई थी। सौरभ बहुत अच्छा लड़का था। उसकी बेरहमी से हत्या हुई। और मुस्कान को अगर फांसी की सजा हो तो हम उसका विरोध नहीं करेंगे। हमारा अब उससे कोई लेना देना नहीं। मुस्कान के माता-पिता ने आज सुबह ही कोर्ट को लिखित में कहा था मुस्कान को अगर फांसी की सजा हो तो हम विरोध नहीं करेंगे और आज ही कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुना दिया। महाभारत का जिक्र, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई और मुस्कान साहिल की बेचैनी।
पति को काटकर नीले ड्रम में भरने वाली मुस्कान अब खुद फांसी के फंदे पर लटकेगी। यूपी के मेरठ में कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। नीले ड्रम केस में दोषी मुस्कान और उसके आशिक साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई है। जज ने महाभारत का जिक्र कर अपना फैसला सुनाया। सजा सुनाते ही मुस्कान और साहिल बेचैन हो गए सजा सुनते ही। और मुस्कान के परिवार ने भी इसका कोई ऐतराज नहीं किया। यह बड़ी बात है। मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत मर्डर केस में आज दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके नशेड़ी बॉयफ्रेंड साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई।
अदालत ने 30 सितंबर को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। सजा की सुनवाई के दौरान दोषी मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। कोर्ट में सौरभ की मां रेणू और भाई बबलू भी मौजूद थे। इस वक्त सौरभ राजपूत की मां मेरे साथ में है। मैम आज जो फैसला कोर्ट का आना है इस फैसले को लेकर क्या कहना चाहेंगे? हम तो बहुत संतुष्ट है भैया। हम तो चाहते हैं जो आगे जो क्राइम लग रहा है आगे क्राइम की जो भी मृत्युदंड की सजा को भी वही मिलनी चाहिए। अच्छा इस फैसले का करीब एक साल तक आपने इंतजार किया। यह वक्त कितना मुश्किल था आपके लिए एक साल तक आपने वेट किया। कितना मुश्किल वक्त था?
हमारे लिए तो चल ही रहा है और आगे भी हमारे लिए मुश्किल मुश्किल वक्त चलेगा ही। हमारा तो बेटा नहीं है तो हमारा तो हर वक्त ही पहुंच के हर चीज पे छोटी-छोटी चीज पे हर छोटे त्यौहार पे हर समय याद आएगा। वो वैसे भी हर समय याद आता है। सौरभ के वकील ने कहा जज साहब ने महाभारत के प्रसंग देते हुए यह कहा है कि न्यायालय अपना कार्य करेगा। बचाव पक्ष की ओर से काफी प्रयास किए गए लेकिन फिर भी हमारी जीत हुई। कोर्ट के बाहर एक महिला वकील ने एनडीटीवी से कहा हम सावित्री के देश के हैं। मुस्कान के नहीं सावित्री अपने पति के प्राण यमराज से वापस ले आई थी। इसमें मौत की सजा ही होनी चाहिए थी।
दोनों को सजा कानून के हिसाब से मिली है। बता दें कि आज सुबह ही कोर्ट में मुस्कान के माता-पिता ने लिखित में कहा कि सौरभ बहुत अच्छा लड़का था। उसकी बेरहमी से हत्या हुई। इसके साथ ही दोषी मुस्कान को अगर फांसी की सजा हो तो हम विरोध नहीं करेंगे। हमारा अब इनसे कोई लेना देना नहीं है। बता दें मुस्कान के परिवार वाले कभी उससे जेल में भी नहीं मिलने गए। मुस्कान ने 3 मार्च 2025 को बॉयफ्रेंड साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में सीमेंट में छिपा दिया था। 126 सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को हत्या के मामले में दोषी माना। कोर्ट ने यह भी माना कि दोनों ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की और बाद में सबूत मिटाने की भी कोशिश की। दोषी करार देते हुए अदालत ने कहा था अपराध समाज में भय का माहौल पैदा करता है। सभी सबूतों की जांच के बाद यह साफ हो गया है कि दोनों ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की और सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की।
कोर्ट ने दोनों दोषियों को सजा के बारे में अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया था। जिसके बाद सजा का ऐलान किया जाना था। अदालत ने 19 सितंबर को ही दोष सिद्धि पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि समाज में इस प्रकार के जघन्य अपराध के लिए अपराधियों को उचित सजा मिलनी चाहिए जिससे समाज में साफ मैसेज जाए।
जब जज साहब आए तो उन्होंने सबसे पहले महाभारत का जिक्र किया। क्या उन्होंने कहा? एक्चुअली उन्होंने महाभारत का प्रसंग देते हुए ये कहा कि न्यायालय अपना काम करता है और इस तरह का जो गंभीर अपराध है उसमें तमाम एविडेंस सब चीज को ध्यान में रखते हुए मैं इनको मृत्युदंड की सजा देता हूं। यद्यपि इसमें मुलजिमान की तरफ से बचाने का काफी प्रयास किया गया था। कहा गया था कि जेल के अंदर इनका कंडक्ट बहुत अच्छा है। मुस्कान के पास दो बच्चे हैं छोटे उनका ध्यान रखा जाए। इस तरह से जो है इनका कोई पुराना अपराधिक इतिहास नहीं है। ये दलील दी थी उन्होंने लेकिन इन दलीलों को न्यायालय ने नहीं माना है क्योंकि साक्षर थी इनके अंदर। यही बताइए कि आज सुबह जो मुस्कान की मां और उनके पिता हैं उन्होंने लिख कर दिया था कि हमें हमारा मुस्कान से कोई मतलब नहीं है और जो भी सजा होगी हम उसको मानेंगे। हां ये हमारी जानकारी में आया है कि न्यायालय को उन्होंने भिजवाया था लिख के।
आप देखिए मुस्कान ने इतना गलत काम किया है समाज में समाज यहां पर कर दिया है और भी जो अधिवक्ता है वो आप देखिए चारों तरफ से एक माहौल दिखाना चाहूंगा सब लोगों के चेहरे के जो यहां पर बंधे हुएज़ आ रहे हैं पुलिस है वो यहां पर थे मृत्युदंड दिया जाना चाहिए और आज जो न्यायालय में हम लोगों ने एविडेंस दी तमाम अधिवक्ता है एविडेंस का केस जिससे अपराध साबित हुआ है और थी जो साबित हुआ है उसको कंसीडर करते हुए उन्होंने क्या कुछ कहा सजा के दौरान या कुछ नहीं कहा वो किस तरीके से लगातार थे मुस्कान ने कहा था मेरे बच्चों का ध्यान रखना जजमेंट