इस बात को देखते हुए कि नाना पाटेकर किस तरह की शख्सियत थे, यह हैरान करने वाला था कि उनकी अंतिम यात्रा में फिल्म इंडस्ट्री से बहुत कम लोग मौजूद थे। नाना पाटेकर इतने बड़े सेलिब्रिटी थे जिन्होंने इतनी सारी फिल्मों में काम किया। इतना शानदार कलाकार इस दुनिया से चला गया, लेकिन मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारे उनकी अंतिम यात्रा के लिए समय भी नहीं निकाल पाए। और यही बात है जिसे अभिनेता-निर्देशक प्रवीण तरडे ने उठाया है। उन्होंने एक बयान देते हुए कहा कि बॉलीवुड इंडस्ट्री की कोई भी बड़ी हस्ती नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई। लेकिन इससे नाना पाटेकर का रुतबा कम नहीं होता, क्योंकि वहां हजारों किसान मौजूद थे, और वो किसान बॉलीवुड इंडस्ट्री के परफ्यूम लगाने वाले सेलेब्स से कहीं ज्यादा मायने रखते हैं।
नाना पाटेकर ने खुद को सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में एक अभिनेता तक ही सीमित नहीं रखा था। वह खुद को एक किसान भी मानते थे और उन्होंने अपनी पहुंच काफी बढ़ा ली थी। प्रवीण तरडे ने आगे कहा कि कम से कम वो लोग तो आते जिन्हें नाना पाटेकर अपना दोस्त मानते थे। जैकी श्रॉफ और सुरेश वाडकर आए थे। इस तरह उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए।वैसे आपको बता दें कि यह सच है कि नाना पाटेकर फिल्म इंडस्ट्री में कुछ लोगों को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानते थे। उन्होंने अपने आखिरी इंटरव्यू में उनके नामों का जिक्र किया था, जिनमें जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, डैनी, ऋषि कपूर और मिथुन चक्रवर्ती शामिल थे। हमारी दोस्ती है। जैकी श्रॉफ है, मिथुन है, डैनी है, ऋषि कपूर है, और अनिल है।नाना पाटेकर उन सभी को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानते थे।
ऋषि कपूर साहब अब इस दुनिया में नहीं हैं। जैकी श्रॉफ अंतिम संस्कार में पहुंचे। लेकिन बाकी कोई भी, जैसे अनिल कपूर, डैनी या मिथुन चक्रवर्ती, नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे। इस वजह से नाना पाटेकर के फैंस का दिल बहुत टूटा।प्रवीण तरडे ने कहा कि मुंबई में अगर कोई छोटा-मोटा सेलिब्रिटी भी गुजर जाता है, तो ये लोग सफेद कुर्ता पहनकर, चश्मा लगाकर लाइन में खड़े हो जाते हैं, लेकिन उन्हें नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार के लिए समय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं; किसान वहां थे, और हम वहां थे
।जहां एक तरफ हर कोई प्रवीण तरडे की इस बात को समझ रहा है। वहीं दूसरी तरफ कई लोग यह भी कह रहे हैं कि नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार बहुत जल्दी कर दिया गया। उनका निधन सुबह-सुबह हुआ था। लेकिन जब लोग सुबह 8 या 9 बजे उठे और अपनी सामान्य दिनचर्या में फोन चेक किया, तो उन्हें पता चला कि नाना पाटेकर नहीं रहे, उनका निधन गोवा में हुआ है, और उनका अंतिम संस्कार पुणे में होना है।तो कई लोग यह मान रहे थे कि अंतिम संस्कार अगले दिन होगा।
क्योंकि आम तौर पर अंतिम संस्कार देर रात में नहीं किया जाता। लेकिन जब नाना पाटेकर के परिवार ने अंतिम संस्कार उसी दिन तय किया, तो कई लोग पहुंच नहीं पाए। किसी की तकनीकी कमिटमेंट थी। कोई मुंबई में नहीं था। कोई कहीं और फंसा हुआ था। यही वजह है कि कई सेलेब्रिटीज वहां नहीं पहुंच पाए। वरना, नाना पाटेकर का बॉलीवुड में बहुत सम्मान है।