जिस पायलट के हाथ में हजारों फीट की ऊंचाई पर सैकड़ों जिंदगियों की जिम्मेदारी होती है, उसकी सैलरी कितनी होती है? हाल ही में फ्लाई दुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मिथ मच्छार के साथ कॉकपिट में हुई गंभीर घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। मुश्किल हालात में घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपेट का दरवाजा खोलने में मदद की। जिसके बाद क्रू और यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की और विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्मृथ के पास करीब 9750 घंटे का फ्लाइंग का अनुभव है।
इस घटना के बाद एक सवाल तेजी से पूछा जा रहा है। आखिर इंटरनेशनल फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट की सैलरी कितनी होती है? क्या वाकई एक सीनियर पायलट सालाना करोड़ों रुपए कमाते हैं? और क्या सिर्फ बेसिक सैलरी ही इतनी बड़ी होती है कि फिर फ्लाइंग पे, हाउसिंग, ट्रांसपोर्ट और दूसरे अलाउंस मिलकर पैकेज को करोड़ों तक पहुंचाते हैं। आइए आसान भाषा में पूरी तस्वीर समझते हैं। नमस्कार आप देख रहे हैं दैनिक जागरण। मैं हूं आपके साथ उन्नति भटनागर। कैप्टन स्मिथ मच्छार की सैलरी कितनी? सबसे पहले बात उस पायलट की जिसकी बहादुरी की इस समय दुनिया भर में चर्चा हो रही है।
कैप्टन स्मिथ मच्छार जून 2022 में फ्लाई दुबई से जुड़े थे। इससे पहले उन्होंने करीब 11 साल स्पाइस जेट में काम किया और वहां सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की भूमिका अदा की। उनके प्रोफेशनल प्रोफाइल के मुताबिक अगर समझे तो उनके पास करीब 9750 घंटे की फ्लाइंग एक्सपीरियंस है। अब सवाल है कि उनकी सैलरी कितनी है? यहां एक बात साफ समझना जरूरी है कि स्मिथ मच्छार की व्यक्तिगत सैलरी सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं हुई है। लेकिन फ्लाई दुबई अपनी आधिकारिक करियर्स वेबसाइट पर कैप्टन पद का पे स्ट्रक्चर जरूर बताती है।
इसके मुताबिक कैप्टन को बेसिक सैलरी प्लस हाउस अलाउंस प्लस ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस मिलाकर हर महीने 50,235 यूएई दहम मिलते हैं। इसके अलावा औसतन 70 फ्लाइंग आवर्स के आधार पर 16310 यूएई दहम का वेरिएबल फ्लाइंग पे भी दिया जाता है। यानी दोनों को अगर जोड़ दिया जाए तो करीब 66545 यूएई दहम प्रति महीने भारतीय मुद्रा में ये रकम लगभग 17.4 लाख प्रति महीने के आसपास बैठती है और सालाना के हिसाब से लगाएं तो यह करीब 2 करोड़ से ज्यादा हो सकती है। लेकिन फिर वही बात यह फ्लाई दुबई के कैप्टन पद का पब्लिश्ड पे स्ट्रक्चर है। स्मिथ मच्छार की व्यक्तिगत सैलरी का ऑफिशियल कंफर्मेशन नहीं है। पायलट की सैलरी इतनी ज्यादा क्यों? अब समझते हैं कि आखिर पायलटों को इतना पैसा क्यों मिलता है?
क्योंकि पायलट की नौकरी सिर्फ विमान उड़ाने तक सीमित नहीं। एक कमर्शियल पायलट को विमान की पूरी उड़ान के दौरान मौसम, एयर ट्रैफिक, टेक्निकल सिस्टम, ईंधन, रूट, एयरपोर्ट कंडीशन और इमरजेंसी जैसी कई चीजों पर लगातार नजर रखनी होती है। और सबसे बड़ी बात विमान में बैठे सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी होती है। इसलिए पायलट बनने के लिए सिर्फ पढ़ाई काफी नहीं होती है। कमर्शियल पायलट लाइसेंस, मेडिकल फिटनेस, एयरक्राफ्ट, स्पेसिफिक ट्रेनिंग साथ ही सिमुलेटर चेकक्स और लगातार ट्रेनिंग और असेसमेंट का हिस्सा बनना पड़ता है।
यानी यह एक ऐसा प्रोफेशन है जहां एक्सपीरियंस और क्वालिफिकेशन के साथ आपके लिए रिस्पांसिबिलिटी भी बढ़ाई जाती है। फर्स्ट ऑफिसर यानी को पायलट कितना कमाता है। अब आते हैं पायलट करियर की शुरुआत बड़े पदों पर। फर्स्ट ऑफिसर। आम भाषा में इसे को पायलट भी कहा जाता है। ध्यान रहे कोपायलट का मतलब यह नहीं है कि वह सिर्फ सहायक भूमिका में होता है। फ्लाइट डेक में फर्स्ट ऑफिसर भी ट्रेंड और लाइसेंस पायलट होता है और फ्लाइट ऑपरेशंस में उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। सप्लाई दुबई की करंट करियर्स लिस्टिंग के मुताबिक फर्स्ट ऑफिसर के लिए बेसिक सैलरी प्लस हाउस अलाउंस प्लस ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस करीब एईडी 37000 प्रति महीने और औसतन 70 फ्लाइंग आवर्स के आधार पर एईडी 11410 वेरिएबल फ्लाइंग पे लिस्टेड है। यानी पब्लिश्ड स्ट्रक्चर के हिसाब से कुल रकम करीब एईडी 48410 प्रति महीने तक पहुंच सकती है। भारतीय रुपए में यह लगभग 12.5 लाख प्रति महीने के आसपास बैठती है। हालांकि हर एयरलाइन, एयरक्राफ्ट, सन्योरिटी और कॉन्ट्रैक्ट में सैलरी अलग हो सकती है।
इसलिए किसी एक एयरलाइन की सैलरी को पूरे एिएशन सेक्टर की फिक्स्ड सैलरी मानना सही नहीं होगा। स्मिथ मच्छार की कहानी सिर्फ सैलरी की ही नहीं है। लेकिन इस पूरी चर्चा में सबसे महत्वपूर्ण बात सैलरी नहीं है। क्योंकि कैप्टन स्मिथ मच्छार की कहानी यह बताती है कि कॉकपेट में बैठे पायलट की जिम्मेदारी आखिर कितनी बड़ी होती है। 30 सितंबर 2026 की फ्लाई दुबई फ्लाइट एफz1073 घटना में कॉकपेट के अंदर गंभीर स्थिति के बाद विमान की स्थिति बेहद मुश्किल हो गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान की ऊंचाई तेजी से गिरी और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने ऐसी कारवाई की जिससे दूसरे क्रू मेंबर्स और पैसेंजर्स हमलावर को काबू करने में मदद कर सके। बाद में विमान को सऊदी अरेबिया के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। उनकी इस भूमिका की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की। तो आखिर कितना कमाते हैं पायलट्स? तो पूरी कहानी को एक लाइन में अगर हम समझें तो फर्स्ट ऑफिसर की कमाई एयरलाइन और एक्सपीरियंस के हिसाब से लाखों रुपए सालाना से शुरू होकर काफी ऊपर जा सकती है। सीनियर कैप्टन बनने पर आपको कंपनसेशन कई गुना आपका बढ़ सकता है और बड़े इंटरनेशनल एयरक्राफ्ट पर एक्सपीरियंस्ड कमांडर्स का एनुअल पैकेज 1 करोड़ से 2 करोड़ या उससे अधिक तक पहुंचना संभव है।
लेकिन यह हर पायलट की फिक्स्ड सैलरी नहीं है। फ्लाई दुबई के ऑफिशियल पब्लिश्ड कैप्टन पैकेज को अगर देखें तो बेसिक हाउसिंग और ट्रांसपोर्टेशन के साथ मंथली एईडी 50,235 और एवरेज फ्लाइंग पे जोड़कर करीब एईडी 66545 का मंथली स्ट्रक्चर बनता है। यानी पायलट की सैलरी सिर्फ आसमान में उड़ने की कीमत नहीं है। यह वर्षों की ट्रेनिंग, लाइसेंस, एक्सपीरियंस, टेक्निकल स्किल्स और उस जिम्मेदारी का कंपनसेशन है जिसमें एक गलत फैसला सैकड़ों लोगों की जिंदगी पर असर डाल सकता है। और कैप्टन स्मिथ मच्छार की हारलिया घटना ने एक बार फिर यही दिखाया है कि कॉकपेट में बैठे पायलट के सामने सिर्फ एक एयरक्राफ्ट नहीं होता। उस विमान में बैठे हर यात्री की जिंदगी भी होती है।