फ्लाइट दुबई की फ्लाइट FZ1073 में कैप्टन स्मिथ मठार पर हमला करने वाले ओमानी को पायलट को लेकर अब कई जानकारियां सामने आ रही है। इजराइल के चैनल 16 के फॉरेन न्यूज़ एडिटर योसेफ इजराइल के एक लाइव ब्रॉडकास्ट में बताया गया कि आरोपी को पायलट रिलीजियस एक्सट्रीमिस्ट यानी कट्टर धार्मिक व्यक्ति है।
यह बात उसके साथ काम कर चुके पायलट्स ने बताई है। जिसके मुताबिक आरोपी दिन में कई बार नमाज पढ़ता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से भी मना करता था। वहीं इजराइल ने भी इस घटना को जिहादी टेररिस्ट अटैक की कोशिश बताया है। इजराइल की वाई नेट न्यूज़ के मुताबिक मामले की जांच में मुसाद और शिनबेट जैसी सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एजेंसीज को भी लगाया गया है। लेकिन यहां एक बात साफ समझना जरूरी है।
किसी का ज्यादा धार्मिक होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उसने विमान पर हमला क्यों किया। इस्लाम में हर बालग मुसलमान के लिए डेली पांच वक्त की नमाज पढ़ना फर्ज यानी अनिवार्य माना गया है। और ना मेहरम को बिना किसी जरूरी मजबूरी या बिना शरीयत की इजाजत के टच करना भी मना ही है। ना मेहरम वो ऑोजिट जेंडर का इंसान होता है जिससे शरीयत के अनुसार निकाह हो सकता है। तो किसी मुस्लिम के लिए ऐसा करना बिल्कुल नॉर्मल है। इस नॉर्मल प्रैक्टिस को रिलीजियस एक्सट्रीमिज्म कहना भी ठीक नहीं होगा।
उसके इस हमले के पीछे असली वजह क्या थी? क्या उसका कोई कनेक्शन था? और क्या उसने पहले से इसकी प्लानिंग की थी? यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन याू ने भी दावा किया है कि ओमानी को पायलट ने कट्टरपंथी सोच की ट्रेनिंग ली थी।
नेतन याू ने न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि हमला करने वाले को पायलट ने कट्टरपंथी सोच की ट्रेनिंग ली और वह मानसिकता वाला लग रहा था। नेतन याू के मुताबिक ऐसा लग रहा था कि उसका इरादा विमान को गिराने का था। नीतन याू ने यह भी बताया कि कोपायलट को काबू किए जाने के बाद उसने किल मी किल मी यानी मुझे मार दीजिए बार-बार कहा था। हालांकि इस बयान के अलावा कोपायलट की मानसिक स्थिति या उसके इरादे को लेकर स्वतंत्र जांच अभी जारी है। नेतन याू ने कहा कि जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि को पायलट का कोई साथी था या नहीं और क्या इस हमले के पीछे ईरान का कोई संबंध था। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इस बारे में ज्यादा जानकारी सामने आ सकती है।
फिलहाल आरोपी से सऊदी अरब में पूछताछ की जा रही है। नेतन याू के मुताबिक इसके बाद उसे संयुक्त अरब अमीरात ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल इस जांच पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर जांच में हिस्सा भी ले सकता है। हालांकि अभी यह बातें सिर्फ नेतन याहू के दावे हैं। को पायलट ने हमला क्यों किया और उसका मकसद सच में विमान को गिराना था और क्या उसका ईरान या किसी आतंकी संगठन से कोई संबंध था? इन सवालों का जवाब पूरी जांच के बाद ही साफ होगा। अब इस मामले में एक और बड़ा सवाल भी उठ रहा है। आखिर एक ओमानी नागरिक को इजराइल जाने वाली इस फ्लाइट में को पायलट की ड्यूटी कैसे मिली? इजराइल और ओमान के बीच डिप्लोमेटिक रिलेशंस नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में इजराइल जाने वाली फ्लाइट्स में पायलट्स की नेशनलिटी को लेकर खास एिएशन का जिक्र किया गया है। आरोपी के साथ काम कर चुके पायलट ने भी सवाल उठाया कि उसे इजराइल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे दी गई? योसुफ इजराइल के मुताबिक उस पायलट ने कहा कि हमने एक आतंकवादी को काम पर रखा और करीब 180 लोगों की जान खतरे में डाल दी। हालांकि यह उस पायलट की कही हुई बात है। फ्लाई दुबई के अंदर पायलट्स की ड्यूटी को लेकर क्या रूल्स हैं और आरोपी को इस फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली? इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। अब बात करते हैं 30 सितंबर को आखिर फ्लाई दुबई की उड़ान में हुआ क्या था? दुबई से दिलवी जा रही इस उड़ान में 174 यात्री सवार थे। करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान में अचानक कॉकपेट के अंदर दोनों पायलटों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक ओमानी को पायलट ने कैप्टन स्मिथ मछहार पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। इसके बाद विमान करीब 17,000 फीट नीचे आ गया। विमान से आपातकालीन संदेश भी भेजा गया। कैप्टन स्मिथ मझहार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद कुछ यात्री और विमान में मौजूद दूसरे पायलट कॉकपेट के अंदर पहुंचे और आरोपी को काबू कर लिया। फ्लाई दुबई के दो ऐसे पायलट भी इस विमान में यात्री के तौर पर मौजूद थे जिनकी उस समय ड्यूटी नहीं थी। उन्होंने कॉकपेट का नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर आपातकालीन रूप से उतारा। विमान के उतरने के बाद कैप्टन स्मिथ और आरोपी को पायलट दोनों को अस्पताल ले जाया गया। अब इस पूरे मामले की जांच दो स्तर पर चल रही है। सबसे पहले सऊदी अरब में जांच हो रही है क्योंकि विमान की आपातकालीन लैंडिंग वहीं हुई थी। इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस घटना के पीछे कोई आतंकी गतिविधि थी या नहीं। क्या हमले की पहले से योजना बनाई गई थी और आखिर कॉकपिट के अंदर हुआ क्या था। मामले में जो भी अपडेट्स होंगी हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। देखते रहिए द ललन टॉक। शुक्रिया।