Cli

केतन को पैर पर…केतन अग्रवाल केस पर चश्मदीद गवाह ने किया खौ!ना! क खुलासा, मचा को!ह!राम

Uncategorized

। पुणे के मशहूर लोहागढ़ किले से जुड़े केतन अग्रवाल केस में अब एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ सामने आ चुका है जिसने पुलिस की जांच से लेकर आम लोगों को हैरान कर दिया है। जिस लड़के की नवंबर में शादी होने वाली थी, जिसके घर में ढोल नगाड़ों और खुशियों की तैयारियां चल रही थी, उसे 18 जून की सुबह एक सोची समझी साजिश के तहत है।

पहले इसे सिर्फ एक पैर फिसलने का हादसा बताने की कोशिश की गई। लेकिन इस पर जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी इस पूरे में एक के बाद एक खुलासे हुए और इस पूरे में एक ऐसा चश्मदीद गवाह सामने आया है जिसने उस दिन किले की चोटी पर जो कुछ हुआ उसे देखा और उसने की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। पूरी कहानी की शुरुआत 18 जून की सुबह से होती है। 25 साल का कितन अग्रवाल अपनी 20 साल की मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के लोहाघाट किले में ट्रैकिंग के लिए गया था।

सुबह करीब 10:45 पर अचानक सिया ने केतन की मां को फोन किया और रोते हुए कहा कि केतन का पैर फिसल गया है और वह किले की गहरी खाई में गिर गया है। उस वक्त तक यह मामला एक साधारण हादसे जैसा लिखा था। लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। अब इस पूरे मामले में जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ है वो यह है कि एक सीक्रेट चश्मदीद गवाह सामने आ गया है। घटना के करीब 5 दिन बाद जब इस गवाह ने टीवी और सोशल मीडिया पर खबरें देखी तो उसने हिम्मत जुटाकर सीधे पुलिस से संपर्क किया।

इस गवाह ने पुलिस को बताया कि उस दिन वह भी लोहागढ़ किले पर मौजूद था। जहां पर वह घटना हुई और उसने अपनी आंखों से पूरी को देखा। गवाह के मुताबिक किले की ढलान पर पहुंचते ही सिया ने चुपके से चेतन को एक इशारा किया।

चेतन की तरफ इशारा किया। इशारा मिलते ही चेतन ने अचानक पीछे से आकर केतन की टांग पर जोर से लात मारी जिससे केतन का संतुलन बिगड़ जाता है और वह सीधे गहरी है। इतना ही नहीं इस चश्मदीद ने एक और बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जैसे ही केतन में चेतन की नजर पास खड़े इस गवाह पर पड़ जाती है।

चेतन तुरंत उसके करीब आया और सीधे भरे लहजे में बोला कि चुप रहो। किसी को कुछ मत बताना वरना तुम्हें भी इसी किले से नीचे फेंक दूंगा। गवाह इतना ज्यादा डर गया था कि वह तुरंत वहां से भाग निकला और पांच दिनों तक चुप रहा। गवाह ने पुलिस को एक और बहुत अहम सुराग दिया। उसने बताया कि जून की तपती दोपहरी और भीषण गर्मी के बावजूद आरोपी चेतन ने सिर से पांव तक हुडी पहन रखी थी। किले पर चढ़ते समय एक दूसरे अनजान राहगीर ने भी चेतन से टोक कर पूछा था कि भाई इतनी भयंकर गर्मी में हुडी क्यों पहन रखी है?

दरअसल चेतन अपनी पहचान छिपाने के फिराक में था लेकिन उसकी यही अजीब हरकत गवाह के दिमाग में छप गई और उसने पुलिस के सामने उसकी पहचान पक्की कर दी। इस चश्मदीद के बयान के बाद पुलिस ने जब मामले की टेक्निकल जांच शुरू की तो हैरान कर देने वाले डिजिटल सबूत सामने आए। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल, फोन, नौ पेनड्राइव, बैकअप डिस्क और करीब 12 डाटा जब्त किया है। इतना ही नहीं पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने आरोपियों के फोन से डिलीट की गई WhatsApp और सोशल मीडिया चैट्स को भी रिकवर कर लिया है। जांच में सामने आया है कि हत्या से पहले बकायदा इंटरनेट पर सर्च किया गया था कि iPhone से डाटा और चैट को परमानेंटली कैसे डिलीट किया जाता है।

ताकि कोई भी सबूत ना बच सके। सिया ने अपना एक मोबाइल फोन तोड़कर घर में छिपा भी दिया था। लेकिन पुलिस ने उस टूटे हुए फोन से भी बैकअप डाटा निकाल लिया है। अब तक पुलिस ने इस पूरे मामले में मंगेतर सिया गोयल, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और इसी के साथ साजिश में साथ देने वाले दोस्त रितेश हांगे तीनों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। यह मामला सिर्फ एक का मामला नहीं है। एक केस नहीं है बल्कि यह दिखाता है कि कैसे रिश्तों में बढ़ता फरेब और साजिश किसी हंसते खेलते परिवार को पल भर में बर्बाद कर सकती है। किसी की जान ले सकती है।

अगर कोई लड़की अपने रिश्ते से खुश नहीं है तो वह सीधे शादी से इंकार कर सकती है। लेकिन शादी से बचने के लिए किसी की जान ले लेना किस तरह की मानसिक वृत्ति है यह सोचने वाली बात हो जाती है। आज लोग सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाते हैं कि कोई मंगेतर अपने होने वाले जीवन साथी के लिए इतनी खूनी साजिशें कैसे रच सकती है?

इसके अलावा यह केस यह जो पूरा मामला है उन तमाम मुजरिमों के लिए भी एक बड़ा सबक है जो सोचते हैं कि टेक्नोलॉजी और डिजिटल जो सबूत हैं उन्हें मिटाकर वो कानून से बच निकलेंगे। 12 टीवी की टेराबाइट की डाटा और डिलीट की गई चैट्स की रिकवरी यह साबित करती है कि आज की साइबर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *