Cli

कानपुर केस:पिता की ह!! को लेकर बेटे सुब्रत ने दिया चौंकाने वाला बयान।

Uncategorized

सुब्रत को करने के बाद आज मीडिया के कैमरों के सामने लाया गया। जहां पर वह मौजूद था। यहां पे अंदर फिलहाल पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही है। सुब्रत को फिलहाल यहां से जेल लेके जाया जाएगा। देख रहे हैं कोशिश करते हैं कि अगर कुछ बात करते हैं सुब्रत। सुब्रत क्यों आपने अपनी पिताजी को? यही मौका मिलेगा। सर यही हमें पसंद नहीं था उनका किसी और के साथ रहना। लेकिन वो बड़े खुलेआम करते। बड़े थे कि हम करते हैं उससे तो हमें मतलब नहीं है। पैसों पैसों का भी हम अपना कुछ मानते हैं पैसा कि हम तो कुछ करना है या अपने अपनी बीवी पत्नी को करते थे।

पत्नी को क्यों फसाया उसका सर नहीं था लेकिन उसने नाम ले लिया तो हमने सोचा कि हम बच सकते हैं। आपका था पत्नी को का? नहीं। वो मौके उसने नाम ले लिया। पहले हमने उससे एक दो बार विचारा था लेकिन फिर मना कर दिया गया था कि बिलकुल भूमिका नहीं लेना है। पत्नी कोई भूमिका नहीं थी। उसको कुछ भी नहीं पता था इस बारे किस चीज का था।

आपके 20 लाख जो पुलिस ने बताया यही वजह थी फाइनेंसियल फाइनेंसियल इंडिपेंडेंस नहीं थी आपके पास फाइनशियल नहीं सर मैं आपको एक बार भी लगा नहीं कि आपके पिता हैं किसी भी चीज है इस तरह क्या आपको पछतावा है मुझे पिताजी को केवल इतना पछतावा है कि जो के उनको दिया गया मैं वैसे नहीं चाहता लेकिन मैं चाहता था कि वो अभी भी आप यही चाहते हैं कि उनका जायज था या इस चीज का थी इससे उनके संबंध से वो कहती थी चलो जो करना है करो अब लेकिन आके वह खुलेआम ऐसे बताते थे। आप आप कोर्ट में इस बात को कबूलेंगे कि हां आप ही ने किया।

पुलिस के सामने तो आपने किसी चीज से आपकी पत्नी आपको मलाल है कि आपकी पत्नी का इतना जो खबरें चली है और तमाम चीजें आपको इस चीज का गिल्ट है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। शाहरुख के साथ नहीं होना चाहिए। नहीं होना चाहिए था। यहां पे आप देखेंगे जो सुब्रत है फिलहाल उनको पुलिस जो है वो कस्टडी से लेकर जेल लेकर जाए जा रही है। यहां पर उनकी पुलिस जो है वो मानी जाएगी।

जेल भेजा जाएगा पहले उसके बाद जो है वो मानी जाएगी। बात करी सुब्रत से। सुब्रत आप इससे पहले कभी नहीं आए कैमरा पे। आज आपको और कुछ कहना है जाने से पहले एक बार। वो कुछ कहना चाहेंगे? नहीं सर। कुछ कहना चाहेंगे? फिलहाल यहां आप देखेंगे सुब्रत ने कैमरे पे बताया कि उनको मलाल जो है वो नहीं है पिताजी के मरने का।

हां हालांकि इस चीज का मलाल जरूर है कि उसको से । यह उनको मलाल जरूर है। बताया गया कि पुलिस जो है गिरफ्तार किया देर रात। पहले सुब्रत अपनी बात को कबूल नहीं रहे थे। लेकिन बाद में जब पुलिस ने गहनता से और कड़ाई से पूछताछ की उसके बाद सुब्रत ने अपने जुर्म को कबूल किया और यह माना कि हां हत्या उसने करवाई थी। पत्नी को के लिए मलाल है। लेकिन यह फिलहाल सुब्रत कह रहे हैं। पुलिस ने क्लीन चिट नहीं दी है। अब देखना यह है कि क्या इस पूरे मामले में सामने निकल कर आता है।

सुब्रत मिनोचा। पिताजी का नाम? विनीत मिनोचा। एड्रेस बताओ। सी 104 रतन ऑर्बिट इंदिरा नगर कल्याण। उम्र कितनी? 34 साल। 34 साल। 5 तारीख की घटना के बारे में बताओ। कैसे हुआ था? सर 5 तारीख को 5 सितंबर की रात। 5 की हुई। उस संबंध में बताइए क्या कहना है? सर 5 सितंबर की रात को हमने तेज बोलो थोड़ा।

हमने विशाल और उसके साथी राजकिशोर को कहा था कि जब हम निकल जाएंगे तब अंदर घुसिएगा। उसको मैंने चाबी दी थी। चाबी से उसने अपनी टिकट बनवाई थी। तो दूसरा उससे कहा था मैंने कि अपना अंदर जाना। जब पिताजी आए तब तक छुपे रहना मेरे कमरे में। हम जब वो खाना खा के सो जाए तब वहां पे अपना से मुंह दबा के एक जना पैर पकड़ना एक

तो पापा को अपने पिताजी को की क्यों कराना चाहते थे आप सर मेरे पिताजी क्या कारण थे कैरेक्टर के आदमी थे उनके कई जगह संबंध थे संबंध थे कई औरतों के साथ जिनमें से इस बार शब्द भी हो जाता है कभी कबार कि मतलब कहीं और कोई आ ना जाए और किसी और को ना ले आए वो ले आने का मतलब मतलब लेके या कोई और ना आ जाए कि ये है या ये है वो संपत्ति संपत्ति ना चली जाए संपत्ति ना चली जाए तुम्हारे ऊपर कर्जा कितना है सर मेरे ऊपर सब मिलाकर के कितना कर्जा होगा सब मिलाकर के लगभग 40 लाख के आसपास का खर्चा है।

उसके कितने महीने में कितनी किस्त कितने रुपए की किस्त जाती है? महीने की लगभग 556000 किस जाती है। आपको आपके पिताजी खर्च के लिए हर महीने कितने पैसे देते थे? ₹00 आप ₹00 खर्च के लिए देते थे। ₹55,000 किस हर महीने आपकी हो जाती थी?

जी सर। तो आप उसको बढ़े हुए पैसे कहां से लाते थे? सर मैं लोन लेते थे लोन चुकाने के लिए या फिर क्रेडिट कार्ड स्वाइप करते थे। पैसा थे और क्या करते थे और सर कभी दुकान से माल पार करवा के

अच्छा जैसे किसी से कह दे जाओ हमारी गाड़ी में रख दो और कहते व से उठा लो अंदर दुकान से गाड़ी खोल उससे अपना खर्चा पूरा कर पहली बार यह योजना कब बनाई वाली सर लगभग तीन चार महीने हो गए विशाल को कब बताई भाई तभी बने तभी उसे बताई थी तीन चार महीने पहले क्या ऑफर दिया था।

उसने उसको कहा तो तुम्हारा चल जाए जितना है वो माफ चुका लगभग कितना पैसा देना लगभग डेढ़ दो लाख डेढ़ दो लाख तो कैसे क्या फिर क्या बनाया आपने आपने विशाल से अपने पापा की कराने के संबंध में क्या-क्या योजना बनाई शुरू में? शुरू में सर विशाल ने जैसे हमको बताया कि भी करवा सकते हैं कि उन गाड़ी से जाए अपना उनके सामने ये रिक्शा करवाते हैं और मुझसे वो ठुकेंगे रुकेंगे उतरेंगे तो फिर तुमको मतलब मार दिया जाएगा। तुमने कहा नहीं ये सही नहीं है।

तुमको क्यों रुकेंगे वहां पे? अगर ठोकेंगे तो निकल जाएंगे आगे बढ़ जाएंगे या उस समय फस सकते हैं ये चीज नहीं करेंगे और तो हमने सोचा था ये कि हमारी किट्टी है पांच तरीके से कि थी तो फुल प्रूफ था किसी को कोई वो नहीं होगा शक नहीं होगा क्यों शक नहीं होगा शक इसलिए नहीं होगा विशाल गौतम को क्या बताया था कि पार्टी वाली रात में कौन घर पे रहेगा और क्या बता दे कि कोई घर पे नहीं होगा कैमरा नहीं चल रहा है।

रिकॉर्डिंग हमने बंद कर रखी और अंदर जाओगे हमारे कमरे में चले जाना पिताजी जब आए ना खाना खाए सो जाए तो उसके बाद अपना दबा देना और वहां से निकल जाना देख के चेक करके कि हैं कि नहीं मरे हैं हम अगले दिन सुबह आएंगे या आएंगे तो देखेंगे नहीं अगले दिन देखेंगे पाएंगे तो क्या कहेंगे क्या चर्चा करेंगे पाए जा पाएंगे रिश्तेदारों को फोन करेंगे भैया ऐसासा हो गया है क्या हो गया हो गई है पिताजी की लोग पूछेंगे नहीं कैसे हुई लोग पूछते तो यही बोलते कि है सो सुबह नहीं उठे हैं

निकाल के आपने दे दी। निकाल के दे दी इसकी डुप्लीकेट बनवा लो। तो बनवाने के बाद ओरिजिनल चाबी उसने वापस किया आपको? तो उसने बनवा के हमको दे दी थी। अगर काम ना करे तो हमने तुम ओरिजिनल रख लो। ठीक है। हमको दे दो। ओके।

तो शाम को 7:00 बजे 5 तारीख को मिले थे बिरााना रोड में दोनों। शाम को मिले नहीं थे। मिले थे हो सकता बात हुई हो वो दुकान के आसपास हो आपको मिले हो अच्छा मिले हैं राजकिशोर को कभी पहले देखा था नहीं कभी नहीं को पहले कभी देखा नहीं लेकिन उसने कहा था कि एक साथ में लाएंगे क्योंकि मैं अकेले नहीं कर पाऊंगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *