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शाहरुख ,सलमान का नाम लेकर राम मंदिर और हिंदू होने पर स्वरा भास्कर ने दिया घिनौना बयान, मचा बवाल!

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राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो एक हिंदू होने के नाते मुझे शर्मिंदगीगी महसूस हुई। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर का एक बयान फिर से चर्चे में है। जिसमें उन्होंने राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अपनी राय रखी है। स्वरा भास्कर ने यह बात द मिडनाइट आवर नाम के एक YouTube चैनल के पॉडकास्ट में कही है।

हु गेट्स टू बिलॉन्ग इन इंडिया नाम के वीडियो में स्वरा अपनी लव स्टोरी सुना रही थी। वो बता रही थी कि वो अपने पति फहाद अहमद से कैसे मिली? उनकी दोस्ती कैसे हुई और शादी का फैसला कैसे लिया गया। इस पॉडकास्ट में सोरा कहती है जब राम जन्मभूमि का फैसला आया तब मैं बहुत परेशान और निराश थी। मुझे यह फैसला सही नहीं लगा। एक हिंदू होने के नाते मैंने अपने फोन बुक में मौजूद सभी मुस्लिम लोगों जिनमें आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान और फहाद अहमद जैसे नाम शामिल है, सबको मैसेज किया।

स्वरा के मुताबिक उन्होंने मैसेज में लिखा कि वह इस फैसले से सहमत नहीं है। उन्हें बहुत खेद है और वह शर्मिंदा महसूस कर रही है। स्वरा का यह बयान वायरल होने के बाद कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं तो कुछ लोग उनके सपोर्ट में राय दे रहे हैं। स्वरा को ट्रोल करने वाले लोगों का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाना देश की न्यायप्र है। राम जन्मभूमि का फैसला सबूतों और कानूनी आधार पर लिया गया था। इसलिए इस पर विवाद खड़ा करना गलत है। वहींजो लोग स्वरा के सपोर्ट में हैं उनका लॉजिक है कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी है। उन्हें किसी भी फैसले पर अपनी व्यक्तिगत राय या असहमति जताने का अधिकार है। चाहे वह राय बहुसंख्यक वर्ग से अलग ही क्यों ना हो।

स्वरा सुप्रीम कोर्ट के राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद पर 2019 के फैसले का जिक्र कर रही है। इसलिए पहले इस फैसले को समझ लेते हैं। अयोध्या का विवाद उस जमीन को लेकर था जहां 1992 में ढहाए जाने से पहले बाबरी मस्जिद का ढांचा मौजूद था। इस जमीन पर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच कानूनी विवाद चल रहा था। 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की कॉन्स्टिट्यूशन बेंच ने सर्वसहमति से फैसला सुनाया। कोर्ट ने विवादित 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान को देने का आदेश दिया ताकि वहां राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो सके। साथ ही केंद्र सरकार को निर्देश दिया गया कि सुन्नी सेंट्रल वफ बोर्ड को अयोध्या में किसी उपयुक्त जगह पर 5 एकड़ जमीन दी जाए जहां मस्जिद बनाई जा सके।

फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद का विध्वंस कानून का गंभीर उल्लंघन था। यानी कोर्ट ने जमीन के टाइटल पर फैसला करते हुए 1992 के विध्वंस को वैध नहीं ठहराया था। इस तरह सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले ने विवादित जमीन के टाइटल से जुड़े मुख्य दीवानी मुकदमे का निपटारा किया और मंदिर निर्माण और मस्जिद के लिए वैकल्पिक जमीन दोनों के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले को लेकर स्वरा ने पॉडकास्ट में अपनी राय रखी थी। जिस पर अब विवाद हो रहा है। वैसे ये पहली बार नहीं है जब स्वरा के बयान पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले 31 अगस्त को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर ऑफ गिली में वुमेन लाइफ फ्रीडम टॉक में स्वरा ने को लेकर एक बयान दिया था। स्वरा ने कहा था कि जब मैं फिल्म का सीन देख रही थी जिसमें सभी 800 महिलाएं करती है तो मैंने सोचा कि यार ईश्वर ना करे लेकिन अगर मैं होती तो यह फिल्म आखिर मुझे क्या संदेश दे रही है?

मैं कायर जैसा महसूस करती कि मैंने खुद की इज्जत बचाने के लिए अपनी जान नहीं ली। क्या हम किसी औरत से यह कहना चाह रहे हैं कि रेप उसकी जिंदगी का अंत है। बहुत सारी चीजें हैं जो परेशान करने वाली है। इस बयान की क्लिप 1 सितंबर को सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गई।

लोग सवाल उठाने लगे। स्वरा से माफी की मांग होने लगी। जिसके बाद स्वरा की सफाई भी आई। स्वरा ने कहा मैं साफ तौर पर कह रही हूं कि मैंने कतई ऐसा नहीं कहा कि रानी पद्मावती कायर थी और मैंने यह भी नहीं कहा कि वो बाकी महिलाएं जो रानियां जिन्होंने किया था वो कायर थी। इस बयान के 15 दिन बाद स्वरा ने फिर ऐसी बात कह दी है जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस हो रही है। जब हम ये वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं

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