जितने किस्से राजेश खन्ना के स्टारडम के हैं, उतने ही किस्से राजेश खन्ना के डाउनफॉल के भी हैं। राजेश खन्ना के स्टारडम के किस्से तो बहुत लोगों से मिल जाएंगे। लेकिन राजेश खन्ना का डाउनफॉल वही लोग ठीक से बता सकते हैं जिन्होंने उनके स्टारडम के डेज और उनके डाउनफॉल के डेज दोनों बहुत नजदीक से देखे हैं। उनमें से एक है कल्याण जी आनंद जी के आनंद जी। आनंद जी ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में खुलासा किया है कि राजेश खन्ना के करियर के इनिशियल डेज में हमने उन्हें कई सारे प्रोड्यूसर्स को रेकमेंड किया था। हमने राजेश खन्ना की सेकंड फिल्म राज का म्यूजिक दिया था और उसके बाद से हमने राजेश खन्ना को बहुत पुश किया।
कई प्रोड्यूसर्स को उनका नाम सजेस्ट किया इंक्लूडिंग सच्चा झूठा। लेकिन एक बार जब वो स्टार बन गए तो उसके बाद वो यह समझने लग गए कि हमने यह जो कुछ पाया है अपने दम पर पाया है और अपने पुराने लोगों को कुछ नहीं समझते थे।
उन्हें सब सर कह कर बुलाते थे और वह हमसे भी उम्मीद रखते थे कि हम उन्हें सर कहकर बुलाए और तो और जिस तरह से नए लोग नए प्रोड्यूसर्स उनसे मिलने के लिए लाइन में लगते थे हमें भी उसी तरह से वह टाइम और लाइन से बुलाते थे। उन्होंने फिल्म जोरू का गुलाम का एक किस्सा शेयर किया और कहा कि इस फिल्म के एक गाने के रिकॉर्डिंग में राजेश खन्ना आए थे और फिर गाने की शूट भी रखी गई थी। शूट पर उन्होंने मुझे बुलाया था।
मैं वहां पर गया। राजेश खन्ना शूट पर आए और उन्होंने वहां पर सीन क्रिएट कर दिया। यह कहते हुए कि उन्हें यह गाना चाहिए ही नहीं। उन्हें यह शूट ही नहीं करना है। तो फिर उन्होंने वह गाना रिकॉर्ड क्यों करवाया था? रिकॉर्डिंग पर क्यों आए थे? वह बहुत ज्यादा करने लगे। के में ही रहने लगे और लोगों से बात करने का कायदा भी भूल गए।
यही वजह है कि राजेश खन्ना का डाउनफॉल आया। और तो और उनका कहना है कि राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन दोनों ने अपने जीवन में डाउनफॉल देखा। लेकिन दोनों में फर्क ये था कि चाहे अपने अच्छे दिन हो या बुरे दिन हो। अमिताभ बच्चन हमेशा डायरेक्टर की सुनते थे एक स्टूडेंट की तरह। लेकिन राजेश खन्ना स्टार बन गए। उसके बाद उन्होंने गाइड करना शुरू कर दिया लोगों को। यह कहना शुरू कर दिया कि यह चीज ऐसे नहीं ऐसे होनी चाहिए। और वहीं से उनका डाउनफॉल शुरू हो