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सोनाली बेंद्रे और राज ठाकरे के बीच क्या था रिश्ता? जानिए 90 के दशक के उस अनसुने किस्से की पूरी सच्चाई

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90 के दशक की मशहूर अदाकारा सोनाली बेंद्रे ने राज ठाकरे संग अफेयर की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इसे महज अफवाह बताते हुए कहा कि दोनों परिवारों के बीच दशकों पुराने संबंध हैं। सोनाली ने बताया कि उनके जीजा और राज ठाकरे के कजिन बहन के पति साथ में क्रिकेट खेलते थे।बॉलीवुड इंडस्ट्री की कई एक्ट्रेसेस हैं, जिनका शादी के पहले और उसके बाद भी दूसरे मर्दों से नाम जोड़ा गया है। 90 के दशक की मशहूर अदाकारा सोनाली बेंद्रे के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उनका नाम महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के साथ जोड़ा जा रहा था। एक क्लिप भी वायरल हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि राज ठाकरे एक्ट्रेस से प्यार करते थे। उन पर क्रश था। लेकिन अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है और उन्होंने इसे महज अफवाह बताया है।

भारतीय सिनेमा का इतिहास कई ऐसी खूबसूरत और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों की कहानियों से भरा पड़ा है जिन्होंने अपनी पहली ही झलक से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी। लेकिन दोस्तों 90 के दशक की बात ही कुछ अलग थी। उस दौर में जब बॉलीवुड पर एक से बढ़कर एक दिग्गज अभिनेत्रियों का कब्जा था। तभी बॉलीवुड में एक ऐसी नई नवेली अदाकारा ने कदम रखा था जिसकी सादगी कातिलाना मुस्कान और बेहतरीन अभिनय ने हर किसी को अपना दीवाना बना लिया था। महज एक दशक के छोटे से फिल्मी सफर में लगभग 40 से भी ज्यादा फिल्मों में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरने वाली यह अभिनेत्री कोई और नहीं बल्कि हम सब की चहेती सोनाली बिंद्रे हैं। उस समय के लगभग हर छोटे और बड़े सुपरस्टार के साथ काम करने वाली सोनाली ने बहुत ही कम समय में सफलता की उन ऊंचाइयों को छू लिया था जहां पहुंचने का सपना हर एक नया कलाकार देखता है। लेकिन फिर अचानक बॉलीवुड की इस चमकती हुई दुनिया में ऐसा क्या मोड़ आया कि जिस हसीना के पीछे बड़े-बड़े डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स की लाइन लगी रहती थी, उसे रातोंरात फिल्मों से दरकिनार कर दिया गया।

क्या लगातार फ्लॉप होती फिल्में उनके करियर के डूबने की वजह बनी? या फिर इसके पीछे फिल्म इंडस्ट्री के पावरफुल लोगों की कोई सोची समझी गहरी साजिश थी। आज के इस बेहद खास और दिलचस्प एपिसोड में हम सोनाली बिंद्रे के शुरुआती जीवन से लेकर उनके करियर की बुलंदियों, विवादों, प्रेम संबंधों और फिर अचानक फिल्मों से गायब हो जाने के पीछे की पूरी अनसुनी कहानी को विस्तार से टटोलने वाले हैं। दोस्तों, सोनाली बिंद्रे का जन्म 1 जनवरी 1975 को माया नगरी मुंबई के एक संपन्न मराठी परिवार में हुआ था। उनके पिता राज्य सरकार के एक सम्मानित अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। जिसके चलते उनके तबादले अलग-अलग शहरों में होते रहते थे। यही कारण रहा कि सोनाली का बचपन किसी एक शहर में नहीं बीता बल्कि उनकी शुरुआती परवरिश और स्कूली शिक्षा देश के अलग-अलग हिस्सों में संपन्न हुई। हालांकि कुछ सालों के बाद जब उनके पिता का स्थानांतरण वापस मुंबई हुआ तो उनका पूरा परिवार स्थाई रूप से यहीं बस गया। जिसके बाद सोनाली ने अपनी आगे की स्कूलिंग मुंबई के प्रतिष्ठित विद्यालय से पूरी की। वहीं उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाते हुए उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए उत्तराखंड के खूबसूरत शहर देहरादून का रुख किया। लेकिन पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के लिए वह एक बार फिर मुंबई वापस लौट आई। कॉलेज के दिनों में सोनाली की पर्सनालिटी, उनकी हाइट और ग्रेसफुल लुक्स को देखकर उनके दोस्तों और जान पहचान के लोगों ने उन्हें मॉडलिंग में किस्मत आजमाने की सलाह दी।

अपने दोस्तों के कहने पर सोनाली ने कुछ छोटे-मोटे मॉडलिंग, असाइनमेंट्स और टीवी विज्ञापनों में काम करना शुरू किया। जहां उनकी खूबसूरती ने जल्द ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इसी दौर में जानेमाने फिल्म निर्देशक और एक्टर महेश मांजरेकर की पारखी नजर सोनाली बिंद्रे पर पड़ी जो उन दिनों अपनी एकत्वाकांक्षी मल्टीस्टारर फिल्म नाराज की स्टार कास्ट तय कर रहे थे। महेश मांजरेकर को सोनाली का रूप और आत्मविश्वास इतना पसंद आया कि उन्होंने बिना किसी झिझक के उन्हें मिथुन चक्रवर्ती, पूजा भट्ट और अतुल अग्निहोत्री जैसे स्थापित कलाकारों के साथ अपनी फिल्म में कास्ट कर लिया। हालांकि बड़े बजट और कई दिग्गज कलाकारों के होने के कारण फिल्म नाराज के निर्माण में काफी लंबा वक्त लग रहा था और शूटिंग की तारीखें आगे खिसकती ही जा रही थी। इसी बीच सोनाली को एक और फिल्म का ऑफर मिला जिसमें उनके अपोजिट उस दौर के सबसे बड़े एंटरटेनर और सुपरस्टार गोविंदा मुख्य भूमिका में थे। सोनाली ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और फिल्म तुरंत साइन कर ली और इस फिल्म का नाम था आग। दिलचस्प बात यह रही कि बाद में साइन की गई फिल्म आग सिनेमाघरों में पहले बनकर तैयार हो गई और बड़े पर्दे पर रिलीज भी हो गई। जिसके चलते कागजों पर भले ही नाराज फिल्म उनकी पहली फिल्म मानी जाती हो लेकिन आधिकारिक तौर पर सोनाली बेंद्रे की डेब्यू फिल्म आग को ही कहा जाता है।

भले ही यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई और फ्लॉप साबित हुई लेकिन गोविंदा जैसे बड़े स्टार के साथ काम करने की वजह से पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नजरें इस नई और खूबसूरत अदाकारा पर टिक गई। इस पहली फिल्म के सेट से ही सोनाली बिंद्रे और गोविंदा के बीच नजदीकियों की चर्चाएं पूरी इंडस्ट्री में आग की तरह फैलने लगी थी। कहा जाता है कि दोनों के बीच का यह अफेयर काफी गहरा था। लेकिन उस समय गोविंदा पहले से ही शादीशुदा थे और अपने पारिवारिक जीवन में बंधे हुए थे। शादीशुदा होने की वजह से गोविंदा अपने परिवार को छोड़ नहीं सकते थे। जिसके कारण दोनों का यह रिश्ता बहुत ज्यादा लंबा नहीं चल सका और जल्द ही दोनों के रास्ते अलग हो गए। हालांकि सालों बाद एक टॉक शो के दौरान गोविंदा ने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि अगर वह उस समय सिंगल होते या उनकी शादी ना हुई होती तो वह यकीनन सोनाली बिंद्रे से शादी कर लेते। पहली फिल्म के असफल होने के बावजूद सोनाली की स्क्रीन प्रेजेंस और लुक की वजह से उनके पास नए-नए प्रोजेक्ट्स की लाइन लग गई। हालांकि उनके करियर की शुरुआती कुछ फिल्में जैसे मिथुन चक्रवर्ती के साथ डॉन और सुनील शेट्टी के साथ फिल्म टक्कर भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही।

लेकिन सोनाली की किस्मत का सितारा तब चमका जब मणि रत्नम की ऐतिहासिक फिल्म बॉम्बे रिलीज हुई। इस फिल्म के सुपरहिट गीत हम्माह हम्मा में सोनाली की छोटी सी लेकिन बेहद प्रभावशाली मौजूदगी ने रातोंरात उन्हें पूरे देश में मशहूर कर दिया। इसके बाद सुनील शेट्टी के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने इतना ज्यादा पसंद किया कि दोनों ने एक के बाद एक कई फिल्मों में साथ काम किया। पर्दे पर दिखती उनकी केमिस्ट्री असल जिंदगी में भी प्यार में बदल गई और दोनों के अफेयर के चर्चे हर मैगजीन की सुर्खियों में रहने लगे। सोनाली सुनील शेट्टी से बेहद प्यार करती थी और उनसे शादी तक करना चाहती थी, लेकिन गोविंदा की तरह सुनील शेट्टी भी पहले से ही शादीशुदा थे, और अपनी पत्नी माना शेट्टी को किसी भी कीमत पर धोखा नहीं देना चाहते थे। जब सोनाली को इस बात का एहसास हुआ कि इस रिश्ते का कोई भविष्य नहीं है तो उन्होंने भारी मन से सुनील शेट्टी से अपने सारे रिश्ते हमेशा के लिए पूरी तरह तोड़ लिए और पूरी तरह अपने काम पर फोकस करने का फैसला किया। इसके बाद 90 के दशक के अंतिम वर्षों में यानी साल 1998 और 99 के दौरान सोनाली बिंद्रे ने सफलता का वो दौर देखा जहां बॉलीवुड की टॉप लीडिंग एक्ट्रेस बन चुकी थी। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ मेजर साहब अक्षय कुमार के साथ अंगारे अजय देवगन के साथ भावनात्मक फिल्म जख्म और आमिर खान के साथ ब्लॉकबस्टर फिल्म सरफरोश में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। विशेष रूप से फिल्म सरफरोश और फिल्म जख्म में उनके अभिनय को आलोचकों द्वारा जमकर सराहा गया और उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।

लेकिन जैसे-जैसे उनका करियर ऊंचाइयों को छू रहा था, वैसे ही विवादों का काला साया भी उनके पीछे पड़ता चला गया। इसी दौरान उनका नाम महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे ताकतवर घराने यानी बाला साहब ठाकरे के भतीजे और शिवसेना के दिग्गज नेता राज ठाकरे के साथ जोड़ा जाने लगा। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राज ठाकरे और सोनाली एक दूसरे को बेहद पसंद करते थे। लेकिन राजनीति में अपनी साख और पारिवारिक प्रतिष्ठा को बचाए रखने के लिए बाला साहेब ठाकरे इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। बाला साहेब नहीं चाहते थे कि इस रिश्ते की वजह से उनकी पार्टी की छवि पर कोई आंच आए और राज ठाकरे का पारिवारिक जीवन प्रभावित हो जिसकी वजह से राज ठाकरे को अपने कदम पीछे खींचने पड़े और इस प्रेम कहानी का अंत भी काफी दुखद रहा। इसके अलावा पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बयानों और एक मैगजीन के धार्मिक प्रतीक वाले फोटोशूट को लेकर हुई एफआईआर ने भी सोनाली को विवादों के घेरे में ला खड़ा किया था। और रही सही कसर फिल्म हम साथ-साथ हैं कि शूटिंग के दौरान हुए काले हिरण शिकार मामले ने पूरी कर दी। जिसमें सलमान खान के साथ-साथ सोनाली बेंद्रे का नाम भी घसीटा गया और उन्हें बार-बार अदालतों के चक्कर लगाने पड़े। इन तमाम कंट्रोवर्सी के बीच सोनाली के करियर को सबसे बड़ा और घातक झटका तब लगा जब उनका सामना बॉलीवुड के एक बेहद शक्तिशाली फाइनेंसर और प्रोड्यूसर झामू सुगंध से हुआ। झामू सुगंध ने सोनाली को सिस्टम नाम की एक बड़े बजट की फिल्म के लिए साइन किया था और भारीभरकम साइनिंग अमाउंट भी दिया। लेकिन शूटिंग शुरू होते ही फिल्म में बिना सोनाली की मर्जी के कई बोल्ड और ब्लगर सीन जोड़ दिए गए। जिन्हें करने से सोनाली ने साफ इंकार कर दिया। जब मेकर ने उनकी बात मानने से मना कर दिया तो स्वाभिमानी सोनाली ने उस फिल्म को लात मार दी और साइनिंग अमाउंट वापस लौटा दिया। इस बात से नाराज होकर झामू सुगंध ने अपनी ताकत और रसूख का इस्तेमाल करते हुए सोनाली को एक साथ करीब आठ बड़ी फिल्मों से बाहर करवा दिया।

जिनमें महेश माजरेकर की भी दो फिल्में शामिल थी। पूरी इंडस्ट्री में बैकआउट किए जाने और बदलते दौर के हॉट सींस वाले कंटेंट से तंग आकर आखिरकार सोनाली ने बॉलीवुड से दूरी बनाने का मन बना लिया। इसी मुश्किल दौर में उनकी जिंदगी में फिल्म निर्माता गोल्डी बहल की एंट्री हुई जिन्होंने सोनाली का हर कदम पर साथ दिया। दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदली और साल 2002 में दोनों ने धूमधाम से शादी कर ली। शादी के बाद सोनाली ने अपनी पारिवारिक जिंदगी पर ध्यान दिया और साल 2005 में एक प्यारे से बेटे को जन्म दिया। बाद में उन्होंने इंडियन आइडल और इंडियाज गॉड टैलेंट जैसे रियलिटी शोज के जरिए छोटे पर्दे पर अपनी एक नई और गरिमापूर्ण पहचान बनाई। दोस्तों, अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने वाली और हर मुसीबत का डटकर सामना करने वाली सोनाली बिंद्रे की यह खूबसूरत कहानी आपको कैसी लगी? और उनकी कौन सी फिल्म या गाना आपका ऑल टाइम फेवरेट है हमें कमेंट सेक्शन में लिखकर जरूर बताएं। अगर आपको यह वीडियो पसंद आई हो तो इसे लाइक करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें। और अगर आप हमारे चैनल डेली फ्लो पर नए हैं तो ऐसी ही सिनेमाई दुनिया की अनसुनी और रोमांचक कहानियों को देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन जरूर दबाएं। हमारे साथ वीडियो के अंत तक बने रहने के लिए आपका तहे दिल से शुक्रिया।

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