दक्षिण भारतीय सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी (Chiranjeevi) का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने का मुख्य कारण उनका बेजोड़ डांस और उनका लंबा फिल्मी सफर है।इस विषय पर एक आकर्षक और सुंदर है:मेगास्टार चिरंजीवी का गोल्डन रिकॉर्ड: क्यों दर्ज हुआ गिनीज बुक में उनका नाम?जब भी भारतीय सिनेमा में बेहतरीन डांसर्स की बात आती है, तो जहन में कई शानदार नाम आते हैं। लेकिन साउथ सिनेमा के ‘मेगास्टार’ चिरंजीवी ने इस मामले में एक ऐसा इतिहास रच दिया है, जिसकी बराबरी करना किसी के लिए भी आसान नहीं है।
अपने चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने अपनी कला से जो मुकाम हासिल किया है, उसने उन्हें ग्लोबल मंच पर ला खड़ा किया है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में चिरंजीवी का नाम दर्ज किया गया है।किस उपलब्धि के लिए मिला यह सम्मान?साउथ के इस दिग्गज अभिनेता को यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके डांसिंग टैलेंट और सिनेमा में उनके अद्भुत योगदान के लिए मिला है।
चिरंजीवी ने अपने लगभग 45 से 46 साल के लंबे फिल्मी सफर में कुल 156 फिल्मों में काम किया है। इन फिल्मों के 537 गानों में उन्होंने 24,000 से ज्यादा धमाकेदार डांस मूव्स किए हैं, जो अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।जब आमिर खान ने बढ़ाया मानइस ऐतिहासिक पल को और भी ज्यादा खास बनाने के लिए बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान हैदराबाद में आयोजित एक स्पेशल इवेंट में शामिल हुए थे। आमिर खान ने अपने हाथों से मेगास्टार चिरंजीवी को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का यह सर्टिफिकेट सौंपा। इस दौरान आमिर खान ने खुद को चिरंजीवी का बहुत बड़ा फैन बताया
और कहा कि वह उन्हें अपने बड़े भाई की तरह सम्मान देते हैं।”डांस ने ही मुझे स्टार बनाया”इस सम्मान को हासिल करने के बाद भावुक हुए चिरंजीवी ने कहा था कि उन्होंने कभी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने के लिए प्रयास नहीं किया था, लेकिन जब ऐसा सम्मान मिलता है तो दिल को बहुत खुशी होती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने निर्देशक, कोरियोग्राफर, संगीतकार और अपने चाहने वाले फैंस को दिया। उनका मानना है कि यह डांस ही था, जिसने उन्हें पर्दे पर एक अलग पहचान दिलाई और उन्हें जनता का ‘मेगास्टार’ बनाया।
प्रेरणास्त्रोत है यह सफरसाल 1978 में अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले चिरंजीवी ने साबित कर दिया कि लगन और मेहनत से उम्र या समय की कोई सीमा नहीं होती। डांस के प्रति उनका यही समर्पण आज की युवा पीढ़ी और आने वाले कलाकारों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। पद्म विभूषण जैसे बड़े सम्मानों से नवाजे जा चुके चिरंजीवी का गिनीज बुक में नाम दर्ज होना हर भारतीय और खासकर तेलुगु सिनेमा प्रेमियों के लिए गर्व की बात है।