सोचिए देश के सबसे बड़े सुपरस्टार शाहरुख खान के घर की चमकदमक, करोड़ों की दौलत, दुनिया भर में पहचान और उसी घर को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसा दावा सामने आ जाए जो सीधे-सीधे भेदभाव और छुआछूत जैसे बड़े मुद्दे को लेकर सवाल खड़े कर दे, तो मामला अपने आप ही गमा जाएगा। और ठीक कुछ ऐसा ही इस समय हो भी रहा है। बॉलीवुड गलियारों से एक ऐसी खबर सामने आई है जो इस समय हर किसी को चौंकाने पर मजबूर कर रही है।
एक तरफ जहां शाहरुख खान पहले से ही पान मसाला ऐड विवाद को लेकर खबरों में बने हुए हैं। वहीं अब उनके स्टाफ मेंबर के साथ किए गए भेदभाव के दावे ने उन्हें और ज्यादा सुर्खियों का हिस्सा बना दिया है। आखिर बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान को लेकर यह दावा जो है कि उनकी बेटी सुहाना खान के जन्मदिन की पार्टी में उनके क्लासमेट्स को बुलाया गया था। लेकिन उनके साथ एक स्टाफ मेंबर के साथ कथित तौर पर अलग व्यवहार किया गया। कहा गया कि उसे बाकी मेहमानों से अलग रखा गया और खाना भी अलग तरीके से डिस्पोजेबल प्लेट में परोसा गया। इस दावे के सामने आने के बाद अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या वाकई ऐसा हुआ था या फिर सोशल मीडिया पर सालों पुरानी एक घटना को एक नए विवाद का रोक दिया जा रहा है? ऐसे में यह मामला क्या है? आइए आपको बताते हैं।
तो इस पूरे मुद्दे की शुरुआत तब हुई जब एक सोशल मीडिया यूजर ने सुहाना खान के बचपन के जन्मदिन से जुड़ा एक अनुभव इंटरनेट पर शेयर किया। पोस्ट में दावा किया गया कि सुहाना के जन्मदिन के मौके पर उनके कुछ क्लासमेट्स को शाहरुख के घर मन्नत में बुलाया गया था। बच्चों के साथ उनके माता-पिता और स्टाफ के लोग भी मौजूद थे। तो पोस्ट के मुताबिक एक बच्चे के साथ आए स्टाफ सदस्य को बाकी लोगों से अलग रखा गया। आरोप है कि जहां पार्टी में आए बच्चों और मेहमानों के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी तो उस स्टाफ सदस्य को कथित तौर पर अलग खाना डिस्पोजेबल प्लेट में दिया गया। अब इस दावे ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या किसी घर में काम करने वाले व्यक्ति के साथ सिर्फ उसकी नौकरी की वजह से अलग व्यवहार करना चाहिए और अगर किसी बड़े सेलिब्रिटी के घर में ऐसा कुछ हुआ भी हो तो क्या इसे प्रिविलेज और क्लासिज्म के उदाहरण के तौर पर देखा जाना चाहिए। हालांकि यह बहस सिर्फ एक पार्टी तक सीमित नहीं है। दरअसल जब भी किसी बड़े सेलिब्रिटी परिवार से जुड़ी ऐसी बातें सामने आती हैं तो चर्चा उस परिवार तक नहीं रहती। लोग प्रिविलेज, पैसा और सोशल स्टेटस को लेकर सवाल उठाने लगते हैं। क्योंकि बॉलीवुड के बड़े सितारों की जिंदगी आम लोगों से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। बड़े घर, महंगी गाड़ियां, हाई प्रोफाइल पार्टियां, बड़े-बड़े मेहमान और हर छोटी बड़ी चीज के लिए साफ।
ऐसे में एक सवाल हमेशा बना रहता है क्या घर में काम करने वाले लोगों को सिर्फ कर्मचारी के तौर पर देखा जाता है या उन्हें भी उसी रिस्पेक्ट और गरिमा के साथ ट्रीट किया जाता है जिसके वो हकदार हैं। यही वजह है कि इस कथित घटना ने सोशल मीडिया यूज़र्स का ध्यान खींच लिया है। कुछ लोग इसे क्लास डिस्क्रिमिनेशन से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ का कहना है कि किसी भी इंसान की नौकरी या आर्थिक स्थिति उसके सम्मान को तय नहीं करनी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कई लोग यह भी कह रहे हैं कि बिना पूरी जानकारी और सबूत के किसी परिवार पर आरोप लगाना सही नहीं है और शायद यही इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा पहलू है क्योंकि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी पुराने दावे को वायरल होने में ज्यादा समय नहीं लगता। एक पोस्ट सामने आती है। फिर लोग उसे शेयर करते हैं। उस पर अपनी राय देते हैं और कुछ ही घंटों में एक कथित घटना एक बड़े विवाद में बदल सकती है। अब सवाल शाहरुख खान और उनके परिवार को लेकर उठ रहा है। वहीं शाहरुख खान जो देश के सबसे चर्चित फिल्म स्टारों में से एक हैं।
उनका घर मन्नत खुद मुंबई की सबसे पहचान वाली सेलिब्रिटी प्रॉपर्टीज में गिना जाता है। ऐसे में उनके परिवार से जुड़ी कोई भी बात सामने आती है तो लोगों की नजर जाहिर तौर पर उस पर चली ही जाती है। फिलहाल सुहाना खान के जन्मदिन से जुड़ा यह दावा सोशल मीडिया की चर्चा में है। दावे गंभीर है, बहस बड़ी है। लेकिन पुष्टि होना अभी बाकी है और शायद इस पूरे मामले [संगीत] से सबसे बड़ी सीख यही निकलती है। साधन कितना भी बड़ा क्यों ना हो, इंसान की इज्जत उससे बड़ी ही होनी चाहिए। लेकिन किसी पर उंगली उठाने से पहले यह भी तय होना चाहिए कि हमारे पास सच है या फिर सिर्फ वायरल दावा। आप इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं? क्या किसी सेलिब्रिटी के घर में काम करने वाले स्टाफ के साथ अलग व्यवहार करना गलत है या फिर बिना सबूत किसी पुराने सोशल मीडिया दावे को लेकर फैसला सुनाना भी उतना ही गलत है। अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताइएगा और चैनल को सब्सक्राइब कर [संगीत] लीजिएगा। [संगीत]