दोस्तों यह किस्सा अमिताभ बच्चन और सलमान खान की फाइट का है उनके झगड़े का है अमिताभ बच्चन का नाम जब भी आता है तो उनकी फिल्म जंजीर का जिक्र अक्सर होता है यह फिल्म थी जिसने अमिताभ बच्चन को की उपाधि दी इसके बाद जो 20 साल तक लोगों ने उन्हें मैन के तौर पर ही पहचाना हालांकि अमिताभ बच्चन को एंग्री यंग मैन की पहचान दिलाने में जितना हाथ प्रकाश मेहरा का रहा उतना ही सलीम खान का बिरहा कि प्रकाश मेहरा ने भले ही उन्हें फिल्म में रोल दिया.
लेकिन सलीम खान के मुताबिक अमिताभ बच्चन को यह उनकी बदौलत मिला है है हालांकि सलीम खान और अमिताभ बच्चन के बीच रिश्ते कुछ खास अच्छे नहीं रहे जिसके चलते उन्होंने अपने करियर की सक्सेस का क्रेडिट कभी सलीम खान को नहीं दिया.
यह रिश्ते तब बिगड़ी जब सलीम-जावेद की जोड़ी टूट गई थी कि सलीम और जावेद अख्तर की जोड़ी में दूरी किस वजह से आई इस पर चर्चा किसी और दिन करेंगे लेकिन आज बाद उस किस्से कि जिसकी वजह से सलीम खान अमिताभ बच्चन से आज तक खफा है कि दोनों के मनमुटाव की वजह साल 1975 में रिलीज़ हुई फ़िल्म शोले हैं दरअसल एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान जब धर्मेंद्र को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया तब अमिताभ बच्चन ने ही मेन की तारीफ करते हुए कहा था कि फिल्म शोले उन्हें धर्मेंद्र की वजह से लगी.
हालांकि धर्मेंद्र अक्सर इस बात से इंकार कर दिया है कि अमिताभ बच्चन को रोल मिलने के पीछे उनका कोई हाथ नहीं था अब सलीम खान के पुराने इंटरव्यू की बात करें इसमें उन्होंने यह बताया कि फिल्म शोले के लिए उन्होंने अमिताभ बच्चन के सिफारिश की है कि इस किस्से को साझा करते हुए सलीम खान ने एक बार कहा था.
जब है अमिताभ बच्चन ने एक फंक्शन में यह कहा कि मुझे शोले में धर्मेंद्र ने रिक्वेस्ट किया तो वह इस बात पर तकलीफ हुई और गुस्सा दिया था उनके शुरुआती दौर में मैंने उनका हमेशा स्टैंड लिया और उन्हें रिक्वेस्ट किया है कि जब हमने अमिताभ बच्चन का नाम शोले के लिए रिक्वेस्ट किया तो रमेश शिप्पी आसानी से नहीं मानते थे क्योंकि उन्हें अमिताभ बच्चन कभी ऐसा किरदार उन्होंने कभी किया नहीं था.
वह अभी डॉक्टर बने प्रोफेसर बने कवि-शायर बने मुझे लगता है कि उन्हें खुद को भी यह यकीन नहीं था कि वह यह कैरेक्टर कर सकते हैं उस वक्त आ कि यह फिल्म के दौरान की बात है और जब फिल्म बिक नहीं रही थी कोलाबा में थिएटर है वहां अपने खुद के पैसों से फिल्म चलवाई और सिर्फ इस आपके स्टाफ को इस फिल्म दिखाइए
वहां पर सिर्फ इस आपको राजी किया कि वह अमिताभ बच्चन को साइन करें और इसके बाद एसपी साहब का बर्थडे था और अमिताभ बच्चन 101 बुखार में आए 101 बुखार में उन्होंने वह कंफर्मेशन लेटर साइन किया शायद उसमें उनका कॉन्ट्रैक्ट था और 1 लाख रुपए का चेक भी उस वक्त वह बड़े स्टार नहीं थे और उनके नाम पर एक अच्छे एक्टर के तौर पर विचार किया जाता था कि सलीम सामने आ गए बताते हुए कहा कि दीवार में भी हमने इनका नाम रिक्वेस्ट किया और दीवार के लिए गुलशन राय डेढ़ लाख रुपए में राजेश खन्ना को साइन कर चुके थे.
पर हमने कहा कि नहीं इन्हें लीजिए यह मैं कोई एहसान नहीं जता रहा हूं सही बात बता रहा हूं उन्होंने गलत बात कही है आप कैसे तथ्यों को छिपा सकते हैं केवल यह फिल्म ही नहीं सच बताऊं तो उनके जबरदस्त एसोसिएशन जो रहे प्रकाश मेहरा और मनमोहन देसाई उनसे भी इन्हें मैंने ही मिलवाया था आखिर में उन्होंने कहा कि मनमोहन देसाई ने तो इनके लिए इंकार कर दिया था लेकिन मैंने उनसे कहा कि मनमोहन जी 12 सालों में आप इससे संपर्क करेंगे और अपनी फिल्मों में स्टार के तौर पर लेंगे और यह हुआ भी बुरा लगता है.
जब आप किसी और को क्रेडिट किसी और को क्या क्रेडिट आप किसी और को दे देते हैं और मानते नहीं है कि जब अमिताभ बच्चन ने शोले के लिए धर्मेंद्र कोई फंक्शन के दौरान क्रेडिट दिया तब धर्मेंद्र जी ने सबके सामने कह दिया कि अरे मैंने कुछ नहीं किया हालांकि बात वहीं खत्म हो गई लेकिन उन कि यह तकलीफ सलीम खान को