एक हादसे ने बदली मशहूर एक्टर की जिंदगी। ढाई साल तक बिस्तर पर दर्द में बिताया एक-एक दिन। जिंदगी के आखिरी वक्त में भी कम नहीं हुआ एक्टिंग का जुनून। कभी सिर पर था स्टारडम का ताज, फिर पाई-पाई को हुआ मोहताज।
यह कहानी है बीआर चोपड़ा के आइकॉनिक सीरियल महाभारत में इंद्रदेव का किरदार निभाने वाले एक्टर सतीश कॉल की। यह तो सभी जानते हैं कि महाभारत ने कई किरदारों और लोगों को रातोंरात स्टार बनाया था और उन्हीं में से एक थे इंद्रदेव बने सतीश कौर।
भगवान इंद्रदेव का कैरेक्टर प्ले करने के बाद एक्टर को एक वक्त पर रातोंरात स्टारम भी देखने को मिला। लाखों लोगों का प्यार मिला।
लेकिन धीरे-धीरे वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि एक्टर पाईपाई को भी तरस गए थे। यही नहीं हालत इतने खराब हो गए थे कि एक्टर को रोजमर्रा के खर्चों, दवाइयों, राशन और दूसरी जरूरी चीजों के लिए भी स्ट्रगल करना पड़ता था।
तो कैसे एक हादसे ने बदली थी एक्टर की जिंदगी? कैसे रातोंरात स्टारम के बाद बिगड़े थे हालात? आइए आपको समझाते हैं। सबसे पहले तो आपको बता दें कि दुनिया से अलविदा कह चुके दिवंगत एक्टर सतीश कौल की बचपन से ही एक्टिंग में रुचि थी। इसी सपने को पूरा करने के लिए एक्टर ने पुणे के से एक्टिंग की ट्रेनिंग ली और फिल्मों का रुख किया।
धीरे-धीरे पंजाबी सिनेमा में सतीश कॉल की पहचान बनने लगी और देखते ही देखते एक्टर बड़े स्टार बन गए। गौर करने वाली बात है कि करीब 300 हिंदी पंजाबी फिल्मों में काम कर चुके सतीश गौर को पंजाबी सिनेमा का अमिताभ बच्चन तक भी कहा जाने लगा। पंजाबी फिल्मों के बाद एक्टर ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा.
लेकिन यहां उन्हें उतनी सक्सेस नहीं मिली जिसकी उम्मीद उन्हें थी। जिसके बाद एक्टर ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। लेकिन एक्टर की पॉपुलैरिटी को देश भर में सबसे बड़ी पहचान बिया चोपड़ा की महाभारत से मिली।
इसमें उन्होंने इंद्रदेव का कैरेक्टर प्ले किया था। उस वक्त महाभारत घर-घर में देखा जाता था। इसके बाद कलाकार को रातों-रात देश भर में पहचान मिली। सतीश कोल भी इंद्रदेव के कैरेक्टर के बाद हिंदी टीवी दर्शकों के बीच काफी पॉपुलर हो गए। इसके अलावा वो विक्रम और बेताल जैसे पॉपुलर टीवी सीरियल्स में भी नजर आए। लेकिन वक्त का पहिया तब घूमा जब एक्टर ने अपनी सारी सेविंग्स लगाकर एक्टिंग स्कूल शुरू करने का फैसला किया।
लेकिन अफसोस एक्टर की यह कोशिश सक्सेसफुल नहीं हो सकी और कुछ ही वक्त में एक्टिंग स्कूल बंद हो गया। जिसके बाद उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और धीरे-धीरे उनकी मुश्किलें चारों तरफ से बढ़ने लगी। फिर आया साल 2015 जब एक्टर के साथ एक बड़ा हादसा हुआ।
हादसे में उनका हिप बोन टूट गया और करीब ढाई साल तक बिस्तर पर रहे और हर दिन तकलीफ का सामना भी करते रहे। इसके बाद एक्टर ने कुछ वक्त वृद्धा आश्रम में भी बिताया। फिर साल 2019 में वहां से निकलकर किराए के घर में रहा करते थे और उसी वक्त दिवंगत एक्टर एक-एक पैसे को भी तरस रहे थे।
सतीश कोल ने अपने थ्रोबैक इंटरव्यू में आर्थिक परेशानियों के बारे में भी बात की थी। एक्टर ने बताया था कि लॉकडाउन के समय उन्हें दवाइयों, राशन और दूसरी जरूरी चीजों के लिए भी स्ट्रगल करना पड़ा था। फिल्म इंडस्ट्री से मदद की भी अपील की थी। लेकिन इस मुश्किल वक्त में उनके लिए सबसे बड़ी चिंता काम थी।
एक्टर ने कहा कि उनके अंदर एक्टिंग की आग अभी भी जिंदा है और वो आज भी अगर कोई भी रोल दिया जाए तो वह करने के लिए तैयार होंगे। लेकिन जिंदगी के आखिरी वक्त में पाईपाई को तरसने वाले सतीश खोल ने 10 अप्रैल 2021 को आखिरी सांस लेकर दुनिया को अलविदा कह दिया। 74 साल की उम्र में दुनिया से चल बसे एक्टर भले ही आज इस दुनिया में मौजूद ना हो लेकिन उनके किरदार चाहने वालों के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे।