जब भी हम भारत के महान संतों की बात करते हैं तो एक नाम दिल को एक अलग ही सुकून से भर देता है। वह नाम है नीम करौली बाबा का जिन्हें प्यार से लोग नीव करौली बाबा या महाराज जी भी कहते हैं। उनकी लाइफ पर बेस्ड मूवी हनुमान अंश इन दिनों काफी सुर्खियों में है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस संत ने पूरी दुनिया को प्रेम भक्ति और मानवता का पाठ पढ़ाया उनकी अपनी मैरिड लाइफ कैसी थी? उनके अपने बाल बच्चे कहां रहते हैं और किस हालात में हैं?
आइए आपको ले चलते हैं महाराज जी के जीवन के अनछुए पहलुओं पर। बात शुरू होती है यूपी के फिरोजाबाद जिले की टुंडला तहसील के अकबरपुर गांव से। यही महान संत नीव करौरी बाबा का जन्म हुआ था। यह बात है साल 1900 के आसपास की। उनका मूल नाम लक्ष्मीारायण शर्मा था। बचपन से ही उनके भीतर आध्यात्म और ईश्वर को लेकर गहरी रुचि थी। वह हनुमान जी के बहुत बड़े भक्त थे। अकबरपुर के पास ही एक सुंदर सा छोटा सा गांव मौजूद था। इस गांव में एक रिस्पेक्टेड और संभ्रात ब्राह्मण परिवार रहता था। इसी परिवार में एक काफी सुंदर शांत स्वभाव और संस्कारों से परिपूर्ण कन्या का जन्म हुआ जिनका नाम रामबेटी रखा गया। राम बेटी बचपन से ही बहुत धार्मिक प्रवृत्ति की थी। उनका ज्यादा समय पूजा पाठ, ईश्वर की आराधना और जरूरतमंदों की सेवा में बीतता था।
उनके माता-पिता को इस बात की चिंता थी कि उनकी बेटी के लिए कोई ऐसा योग्य वर मिले जो आध्यात्मिकता और गृहस्ती दोनों के बीच का संतुलन समझ सके। जब बालक लक्ष्मीारायण जी के साथ विवाह की चर्चा चल रही तो उनके परिवार ने राम बेटी के परिवार से संपर्क किया। जब राम बेटी के माता-पिता ने लक्ष्मीारायण को देखा तो वह उनकी सादगी और तेज से बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे। हालांकि लक्ष्मीारायण का मन पूरी तरह से ईश्वर की भक्ति में रमा हुआ था। फिर भी सामाजिक रीति-रिवाजों और पारिवारिक परंपरा का पालन करते हुए उनका विवाह राम बेटी के साथ तय हो गया। विवाह के समय लक्ष्मी नारायण जी की उम्र बहुत कम थी। विवाह के बाद रामबेटी शर्मा अपने ससुराल आई। उन्होंने एक अच्छी पत्नी की तरह अपनी जिम्मेदारियां निभाई। लक्ष्मी नारायण अक्सर घर से महीनों के लिए गायब हो जाते थे। और साधु संतों की तरह यहां वहां भटकते हुए ईश्वर की तलाश करते थे। कहा जाता है कि एक समय ऐसा आया जब लक्ष्मीारायण ने पूरी तरह से घर बार त्याग कर सन्यासी बनने का निर्णय लिया।
उस समय वह बाबा लक्ष्मण दास के तौर पर भी पहचाने जाने लगे थे। वे घर से निकल पड़े और लंबे समय तक अज्ञात वास में रहे। इन हालातों में भी रामबेटी जी ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने परिवार को संभाला। जब लक्ष्मीारायण जी सालों बाद एक सिद्ध संत नीम करौली बाबा के रूप में वापस आए तो रामबेटी जी ने उन्हें एक साधारण पति के रूप में नहीं बल्कि एक दिव्य महापुरुष के रूप में स्वीकार किया। बाबा के भक्तों के लिए रामबेटी जी मां के समान थी। जब भी कोई भक्त उनके दर्शन के लिए जाता तो मां का स्नेह और आशीर्वाद को पाकर धन्य हो जाता था। कहते हैं कि महज 11 साल की छोटी सी उम्र में महाराज जी की शादी रामबेटी शर्मा के साथ हो गई थी। लेकिन भगवान की कुछ और ही लीला थी। महज 17 साल की उम्र में सांसारिक मोह माया से विरक्त होकर उन्होंने घर छोड़ दिया और एक साधु का जीवन अपना लिया। हालांकि परिवार और पिता के बहुत आग्रह और मनाने के बाद वे वापस पारिवारिक जीवन में लौटे भी। बाबा नीव करौरी और उनकी पत्नी रामबेटी शर्मा के दो बेटे और एक बेटी हुई। उनके बड़े बेटे का नाम अनेक सिंह शर्मा और छोटे बेटे का नाम धर्म नारायण शर्मा था। इसके अलावा बाबा की एक बेटी भी हैं जिनका नाम गिरजा भटेले है
। समय का पहिया घूमा। बच्चे बड़े हुए। बड़े बेटे अनेक सिंह शर्मा ने अपनी राह चुनी। तो वहीं छोटे बेटे धर्मनारायण शर्मा वन विभाग में रेंजेंजर के रूप में कार्यरत रहे और वृंदावन में बसे। समय के साथ साल 2021 परिवार के लिए काफी कठिन रहा। नवंबर 2021 में अनेक सिंह शर्मा और अप्रैल 2021 में धर्मनारायण शर्मा इस दुनिया को अलविदा कह गए। [संगीत] एनबीटी किट्स खबर के मुताबिक आज महाराज जी का परिवार देश के अलग-अलग कोनों में फैला हुआ है। अनेक सिंह शर्मा के बेटे धनंजय शर्मा एक डॉक्टर रह चुके हैं और अब अपनी सरकारी सेवा से रिटायरमेंट के बाद भोपाल में शांत जीवन बिता रहे हैं। वहीं धर्मनारायण शर्मा की छह बेटियां हैं जो देश के अलग-अलग शहरों में बसी हुई हैं। जैसे सुनीता शर्मा वृंदावन में, अर्चना शर्मा और ऋतू तिवारी दिल्ली में, वंदना शर्मा मथुरा में, भावना रावत मुंबई में और रिचा रावत गुड़गांव में अपने परिवार के साथ हैं। 11 सितंबर 1973 को वृंदावन की पावन भूमि पर महासमाधि लेने वाले बाबा नीम करौरी भले ही आज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी कृपा और उनके भक्तों की आस्था आज भी अटूट है। दोस्तों, नीव करोरी बाबा पर यह थी हमारी खास पेशकश। यह एपिसोड आपको कैसा लगा कमेंट करके हमें जरूर बताएं। बने रहिए india.com के साथ। शुक्रिया।