पति की ना कोई संतान। से हुई मशहूर एक्ट्रेस की । आखिरी वक्त पर काटती रही कोर्ट के चक्कर। सिंगर से हुआ तगड़ा विवाद। मरते दम तक लड़ती रही हसीना। किस्सा याद कर आज भी निराश हो जाते हैं फैंस।
आज आशा भोसले की बर्थ एनिवर्सरी है और इस मौके पर उनके फैंस उनके गानों को गुनगुना रहे हैं। उनसे जुड़े किस्सों को दोहरा रहे हैं। इसी बीच आशा भोसले और दिग्गज एक्ट्रेस साधना से जुड़ा एक पुराना किस्सा भी चर्चा में आ गया है।
यह किस्सा एक प्रॉपर्टी विवाद का जिसकी वजह से दोनों के बीच कानूनी लड़ाई शुरू हो गई थी। साधना अपने आखिरी वक्त कोर्ट कचहरी के चक्कर काटती रही। साधना वो एक्ट्रेस थी जिनकी खूबसूरती और अदाकारी के लोग दीवाने हुआ करते थे। उनका हेयर स्टाइल इतना पॉपुलर हो गया था कि आज भी उसे साधना कट के नाम से जाना जाता है।
करियर में साधना ने खूब नाम और पैसा कमाया लेकिन जिंदगी के आखिरी पड़ाव में उनकी मुश्किलें बढ़ती चली गई। साधना ने फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर आर के नयर से शादी की थी। दोनों की शादी 1966 में हुई थी और करीब 28 साल तक उनकी जिंदगी अच्छी चली। लेकिन 1995 में पति आर के नयर के निधन के बाद साधना बिल्कुल अकेली पड़ गई। उनका कोई बच्चा भी नहीं था। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को बॉलीवुड और लोगों से दूर कर लिया। बीमार रहने लगी और एक वक्त पर अमेरिका चली गई।
लेकिन साधना को शायद अंदाजा नहीं था कि आगे उनकी जिंदगी में एक और बड़ी परेशानी आने वाली है। उनके घर को लेकर कानूनी जंग। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई के खार इलाके में साधना जिस बंगले में रहती थी उस प्रॉपर्टी पर बिल्डर की नजर थी। बताया जाता है कि बिल्डर उस बंगले को मोटी रकम में बेचकर मुनाफा कमाना चाहता था और उसने आशा भोसले को बेचने का ऑफर भी दिया। इसके बाद मामला धीरे-धीरे बिगड़ता चला गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक साधना को अपने ही घर में परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां तक कि बिल्डर पर उन्हें के आरोप भी लगे। साधना ने पुलिस में शिकायत की और बाद में बिल्डर की गिरफ्तारी की खबरें भी सामने आई। इसी प्रॉपर्टी को लेकर आशा भोसले और साधना के बीच भी विवाद बढ़ गया।
आशा भोसले ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि साधना बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर की किराएदार होने के बावजूद उन्हें और उनके स्टाफ और दूसरे लोगों को बगीचे में जाने से रोकती हैं। आशा का कहना था कि बगीचे पर उनका अधिकार है। वहीं साधना की कहानी बिल्कुल अलग थी।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह करीब 50 साल से उस बंगले में रह रही हैं और उन्होंने कभी आशा भोसले को बगीचे में जाने से नहीं रोका। उनका कहना था कि उन्हें सिर्फ इस बात पर आपत्ति थी कि उनके घर में बिना बताए अजनबी लोग ना आए। इस तरह एक प्रॉपर्टी का विवाद दोनों को आमने-सामने ले आया।
मामला लंबे समय तक चलता रहा। साधना की तबीयत भी लगातार खराब होती चली गई। उन्हें मुंह का था और दिसंबर 2014 में उनकी भी हुई थी। लेकिन बीमारी के बावजूद उनकी कानूनी लड़ाई जारी रही थी। फिर आया 15 दिसंबर 2015 का वह दिन जब साधना ने इस दुनिया को हमेशा हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।