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सलमान खान की फिल्म ‘वीरगति’ की सह-कलाकार अब टिफिन सेवा चलाती हैं?

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जब हम चकाचौंध की ओर देखते हैं, तो अक्सर हम उस जीवन को भूल जाते हैं जो इससे पहले मौजूद था—और उस जीवन को भी जो इसके खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। एक समय की बात है, एक 16 वर्षीय लड़की ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, उसकी आँखों में सपने थे और एक ऐसा सपना था जिसकी कई लोग सिर्फ कल्पना ही कर सकते हैं। और फिर, जितनी अचानक वह आई थी, उतनी ही अचानक वह गायब भी हो गई। वर्षों बाद, उसका एक कमजोर सा वीडियो ऑनलाइन सामने आया—जिसमें वह अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही थी, मदद की गुहार लगा रही थी। वह लड़की पूजा दडवाल थी।

पूजा दडवाल ने महज 16 साल की उम्र में 1995 में आई फिल्म ‘वीरगति’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए पूजा ने बताया कि कैसे उन्होंने एक्टिंग की क्लासेस लेना शुरू ही किया था कि उन्हें अपना पहला बड़ा ब्रेक मिल गया।

अभिनेत्री 
पूजा दडवाल , जिन्होंने कभी 
सलमान खान के साथ फिल्म ‘वीरगति’ में काम किया था, फिल्म के बाद निजी जीवन में मुश्किलों से गुज़रीं। भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई, लेकिन उनके अभिनय ने सबका ध्यान खींचा और एक उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई। 
हालांकि, यह शुरुआती उम्मीदें लगातार काम में तब्दील नहीं हुईं। 
बॉलीवुड से ऑफर न मिलने पर उन्होंने टेलीविजन में काम करना शुरू किया और ‘आशिकी’ और ‘घराना’ जैसे शो में नज़र आईं। बाद में, उनकी शादी हो गई और वे गोवा चली गईं और ग्लैमर की दुनिया से दूर हो गईं।

सलमान खान की एक हिट फिल्म आई थी वीरगति और इसी फिल्म में सलमान खान के अपोजिट नजर आई। 16 साल की खूबसूरत हीरोइन पूजा डडवाल। पूजा की ये डेब्यू फिल्म थी। लेकिन उस फिल्म के बाद पूजा किसी बड़े प्रोजेक्ट में नजर नहीं आई। लेकिन अभी हाल ही में उनका एक इंटरव्यू काफी सुर्खियों में है। पूजा ने खुद इंटरव्यू में बताया कि 16 साल की उम्र में जब वो एक्टिंग की क्लासेस ले रही थी तभी उनकी किस्मत उन पर मेहरबान हुई और उन्हें सलमान खान की हीरोइन बनने का मौका मिला। हालांकि उनके करियर में एक तरह का पॉज आ गया। सलमान की हीरोइन बनने के बाद भी उनके पास बड़ी फिल्में नहीं आई। धीरे-धीरे उनका करियर सिमट गया और जब उन्हें लगा कि फिल्म इंडस्ट्री में उनके पास कुछ करने को नहीं है तो वह शादी करके गोवा में अपने पति के साथ उनके कसीनो को

संभालने लगी थी। उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ टीवी में भी किस्मत आजमाई। वो आखिरी बार 2001 में टीवी शो घराना में नजर आई थी। लेकिन उसके बाद वह एक्टिंग से दूर हो गई और गोवा में ही रहने लगी। पूजा ने बताया कि एक वक्त ऐसा था जब कसीनो में काम करते समय उन्हें पता चला कि उनके दोनों फेफड़े खराब हो गए हैं। उनके परिवार ने ऐसे समय पर उनका साथ देने के बजाय उनसे दूरी बना ली थी। उनके पति और इनलॉज़ ने उन्हें घर से बेघर कर दिया था। वह अकेले संघर्ष कर रही थी। ऐसे समय में राजेंद्र सिंह उनकी जिंदगी में आए। वो पूजा को मुंबई ले गए।

उनका इलाज कराने के लिए पूजा के पास। उस समय ना तो ज्यादा पैसे थे और ना ही करियर। उन्होंने बीमारी से लड़ते हुए चोल में रहने का फैसला किया और टिफिन सर्विस का काम शुरू कर दिया। लेकिन 2018 में उन्हें टीबी होने की पुष्टि होने के बाद पूजा ने वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई थी। तब खुद सलमान खान के एनजीओ बीइंग ह्यूमन ने आगे बढ़कर 6 महीनों तक पूजा का इलाज कराया। हालांकि पूजा ने फिर से 2020 में पंजाबी फिल्म शुक्राना गुरु नानक देव जी का से वापसी की कोशिश तो की लेकिन वह उनके करियर को पटरी पर लाने के लिए प्राप्त नहीं था। पूजा अब भी चॉल में रहती हैं और टिफिन सर्विस चलाकर अपना गुजारा करती हैं।

खबरों के मुताबिक, वह अपने पति को कैसिनो चलाने में मदद करती थीं। 2018 में उनकी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया जब उन्हें गंभीर टीबी हो गया। इस बीमारी ने न सिर्फ उनकी सेहत पर असर डाला बल्कि आर्थिक तंगी भी ला दी। खबरों के अनुसार, इस दौरान उनके पति और ससुराल वालों ने उनका साथ देना बंद कर दिया, जिसके चलते उन्हें मुंबई में अकेले ही अपना गुजारा करना पड़ा। उस समय, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, उन्होंने सलमान खान को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने उस समय खुलासा किया था, “मैं अपनी भावनाओं को शब्दों में बयान नहीं कर सकती। जब मुझे 2 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो मुझे लगा था कि मैं उस निराशाजनक वार्ड के एक कोने में बिस्तर पर पड़ी-पड़ी मर जाऊंगी।”

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