Cli

धर्म को लेकर ये क्या बोल गई शबाना आज़मी? मचा हड़कंप!

Uncategorized

एक तरफ धर्म के नाम पर बढ़ती बहस, दूसरी तरफ शबाना आजमी का एक ऐसा बयान जिसने एक बार फिर से इस पूरे मामले को स्पॉटलाइट में ला दिया है। दरअसल एक्ट्रेस ने कहा कि सोच रखने वाले लोग उनको और उनके पति को एक्सेप्ट नहीं कर पाते। उनका कहना है कि असली लड़ाई एक धर्म के बीच नहीं बल्कि लोगों की सोच के बीच है।

दरअसल एक इंटरव्यू में शबाना आजमी ने अपने पति और खुद के बारे में अपने एक्सपीरियंस को शेयर किया है। उन्होंने कहा कि दोनों समुदाय में कट्टरपंती लोग हैं जो उन्हें लगातार क्रिटिसाइज करते रहते हैं। शबाना की मानें तो उन्हें कभी भेजा जाता है तो कभी और भी कुछ बोला जाता है।

शबाना ने कहा कि ऐसे माहौल में सबसे ज्यादा जरूरी है कि लोग सिर्फ अपनी धार्मिक मान्यताओं को ना देखें बल्कि इंसानियत को भी आगे रखें। उनके मुताबिक सोसाइटी की सोच से बाहर निकलना बहुत ज्यादा जरूरी है जो कि लोगों को समुदाय में बांट रही है। दरअसल यहीं से यह एंगल पूरी तरह से इंटरेस्टिंग हो जाता है।

शबाना ने कहा कि दरअसल इस मुद्दे को सिर्फ हिंदू वर्सेस मुस्लिम के रूप में देखा जाएगा तो असली प्रॉब्लम्स पीछे छूट जाएंगी। उनके मुताबिक यह जो लड़ाई है सोच की है जो कि दोनों लोगों में दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अक्सर जाल में फंसना नहीं चाहिए।

ऐसा जाल जिसका मकसद समाज में बंटवारा करना हो। शबाना की मानें तो धर्म का इस्तेमाल लोगों को बांटने के लिए नहीं किया जाना चाहिए और इससे बाहर निकलने की जरूरत है। शबाना ने इंडिया की आइडेंटिटी को लेकर भी अपनीबात रखी। उन्होंने कहा कि भारत की असली खूबसूरती मिक्स कल्चर में है। उनके परिवार ने हमेशा से ही हर फेस्टिवल को सेलिब्रेट किया है।

आपको बता दें शबाना और जावेद अख्तर अक्सर नेशनल और सोशल इशू पर अपनी राय खुलकर रखते हैं और इसी वजह से उनके स्टेटमेंट अक्सर सोशल मीडिया पर डिबेट स्टार्ट कर देते हैं। इस बार भी शबाना के बयान के सामने आने के बाद उनके शब्दों को लेकर अलग-अलग रिएक्शन आ रहे हैं। हालांकि शबाना का मैसेज काफी ज्यादा क्लियर है।

यह मैसेज किसी एक कम्युनिटी के लिए नहीं बल्कि उनका पूरा फोकस कट्टरपंथी सोच पर है। यानी कि शबाना आजमी का यह बयान सिर्फ एक कंट्रोवर्सी नहीं बल्कि एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है। क्या हमें लोगों को उनके धर्म से पहले उनकी सोच या फिर इंसानियत के आधार पर देखना नहीं चाहिए? अब यह सवाल इस बयान के बाद एक बार फिर से गॉसिप का हिस्सा बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *