एक सवाल जिसने साउथ सिनेमा के सबसे बड़े स्टार में से एक यश के पुराने सफर को फिर से लोगों के जुबान पर ला दिया। सवाल था केजीएफ से पहले यश कौन था? और इस सवाल पर यश की मां पुष्पा अरुण कुमार ने खुलकर जवाब दिया। वो काफी नाराज नजर आई। उनका जवाब सामने आते ही सोशल मीडिया पर पुराने विवाद की फिर से चर्चा शुरू हो गई। दरअसल यश को आज पूरी दुनिया केजीएफ के रॉकी भाई के नाम से जानती है। केजीएफ ने उन्हें पैन इंडिया सुपरस्टार बना दिया लेकिन उनकी मां का कहना है कि यश की पहचान सिर्फ केजीएफ से शुरू नहीं हुई। उन्होंने कहा कि केजीएफ से पहले उनका बेटा कन्नडा फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बना चुका था और लगातार पांच हिट फिल्में दे चुका था।
यश की मां ने इस पुराने सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि अगर किसी को लगता है कि केजीएफ से पहले यश कोई बड़ा नाम नहीं था तो उन्हें यह भी देखना चाहिए कि उन्होंने केजीएफ से पहले कितनी मेहनत की थी। उनके मुताबिक यश ने सालों तक कन्नड़ सिनेमा में काम किया और अपनी फिल्म के जरिए ऑडियंस में पहचान बनाई। उन्होंने अपने बेटे के संघर्ष का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यश किसी अमीर परिवार से नहीं आता। वह एक बस ड्राइवर का बेटा है। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। एक मां होने के नाते उन्हें अपने बेटे पर बहुत गर्व है। यानी यश की मां का
साफ कहना है कि केजीएफ उनके बेटे के सफर की शुरुआत नहीं थी बल्कि वो ऐसा पड़ाव था जिससे उन्हें देश भर में पहचान दिलवाई। इससे पहले भी यश कन्नड़ सिनेमा में काम कर चुके थे और लगातार सफल फिल्में दे चुके थे। आपको बता दें यह आखिर कंट्रोवर्सी दोबारा से कैसे उठी? आखिर यह सवाल दोबारा क्यों उठे? साल 2023 में प्रोड्यूसर अलू अरविंद का एक पुराना बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने सवाल किया था केजीएफ से पहले यश कौन था? उस टाइम भी इस बयान को लेकर काफी चर्चाएं हुई थी। अब यश की फिल्म टॉक्सिक को लेकर चल रही बहस के बीच यह पुराना बयान फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। हालांकि इस पूरे मामले में यश खुद भी अपनी बात पहले रख चुके थे।
उन्होंने कहा था कि किसी फिल्म की सफलता का पूरा क्रेडिट सिर्फ एक शख्स को नहीं जाता। एक फिल्म को बनाने के पीछे, सफल बनाने के पीछे एक्टर के साथ-साथ राइटर, सपोर्टिंग एक्टर्स और पूरी टीम की मेहनत होती है। यश ने यह भी माना था कि लीड एक्टर की अपनी जिम्मेदारी होती है। लेकिन आखिर में किसी फिल्म को पसंद या ना पसंद करने का फैसला ऑडियंस ही करती है। यानी उन्होंने सफलता का क्रेडिट सिर्फ खुद तक सीमित नहीं रखा बल्कि पूरी टीम और ऑडियंस की भूमिका को भी अहम बताया। वहीं अब यश की फिल्म टॉक्सिक भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म ने रिलीज के सिर्फ 5 दिनों के अंदर ही भारत में ₹200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। अब इसकी नजर दुनिया भर के ₹300 करोड़ के आंकड़े पर है। तो कुल मिलाकर यश की मां का जवाब एक बात साफ करता है कि केजीएफ ने यश को बड़ा पैन इंडिया स्टार जरूर बनाया हो लेकिन उनके मुताबिक यश का संघर्ष, पहचान और सफलता केजीएफ से बहुत पहले शुरू हो चुकी थी। सर सर सोल नहीं मिला था सर। भाई बाय बाय लव यू