दुनिया इधर से उधर हो गई लेकिन मुकेश खन्ना रणवीर सिंह को शक्तिमान बनाने के लिए तैयार नहीं हुए। उनके हिसाब से रणवीर फिल्म के विलेन यानी के रोल में परफेक्ट लगेंगे। मगर उनमें शक्तिमान वाली खूबियां नहीं है। अपनी इसी ज़िद की वजह से उन्होंने Sony इंटरनेशनल और वाईआरएफ से मिले करोड़ों के ऑफर्स ठुकरा दिए हैं। यूबर शुभोजीत घोष से हुई बातचीत में मुकेश ने स्वीकारा कि उनकी वजह से Sony पिक्चर शक्तिमान नहीं बना पा रही।
उनके मुताबिक रणवीर धुरंधर, गली बॉय और पद्मावत के खिलजी बन सकते हैं। लेकिन शक्तिमान नहीं। वह इसलिए क्योंकि रणवीर के चेहरे पर नजर आती है। हालांकि इन शिकायतों के बावजूद मुकेश उन्हें काफी अच्छा एक्टर मानते हैं। कुछ साल पहले रणवीर मुकेश खन्ना को मनाने उनके ऑफिस गए थे। वह 3 घंटे तक वहां रहे मगर बात नहीं बनी।
तब उन्हें का रोल ऑफर किया गया था। लेकिन रणवीर केवल शक्तिमान बनना चाहते थे। मुकेश कहते हैं, “मुझे रणवीर को मना करते हुए थोड़ा बुरा लग रहा था। शक्तिमान के लिए मेरे दिमाग में जो चेहरा था, वह मुझे उसमें नहीं दिख रहा था। लेकिन उसकी एनर्जी कमाल की थी।
करीब 3 घंटे तक वो मेरे सामने बैठकर अपनी पूरी कहानी सुनाता रहा। वो कभी फर्श पर बैठ जाता, कभी उठकर इधर-उधर घूमने लगता। रणवीर को देखकर मैं हैरान रह गया। मैंने उससे ज्यादा एनर्जेटिक इंसान आज तक नहीं देखा। देवानंद साहब के बाद वही एक एक्टर है जिसमें मैंने इतनी एनर्जी देखी है। धुरंधर के बाद मुकेश खन्ना ने रणवीर सिंह की खूब तारीफ की थी। यह देख लोगों को लगा कि शक्तिमान पर भी उनकी राय बदल जाएगी मगर ऐसा नहीं हुआ।
मुकेश कहते हैं कि रणवीर में सभी खूबियां हैं। वह खुद उनकी तारीफ करते हैं। मगर इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने रणवीर को शक्तिमान ऑफर कर दी है। मुकेश कहते हैं कि उनकी इस जिद की वजह से उन्हें करोड़ों का नुकसान हो रहा है।
उनके मुताबिक कमर्शियली मैं एक बेवकूफ इंसान की तरह पेश आ रहा हूं। मैंने लाखों नहीं बल्कि करोड़ों के चेक रोक रखे हैं। मेरे ऑफिस वाले भी कहते हैं कि सर पहले चेक ले लीजिए। लड़ाई तो होती रहेगी। मुकेश कहते हैं कि उनके लिए पैसे उनके सिद्धांत से पहले नहीं आते। इसलिए जब मेकर्स दूसरा चेक भेजने वाले थे तो मुकेश ने उन्हें रोक दिया।
उनके मुताबिक सोनी वाले उनसे सलाह लेकर भी शक्तिमान को अपने हिसाब से बनाना चाहते थे। मगर वह इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसी खींचाताने के चक्कर में आज अनाउंसमेंट के 4 साल बाद भी शक्तिमान की कहीं खोज खबर नहीं है।