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बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री के पति का पैर फिसलने से हुआ था निधन?

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बाथरूम में फिसला पैर और चली गई जान। पति की मौत से एक्ट्रेस पर टूटा पहाड़। डॉक्टर की बात का नहीं हुआ यकीन तो पति के पार्थिव शरीर को हॉस्पिटल लेकर भागी एक्ट्रेस। पोस्टमार्टम से अंतिम संस्कार तक सब अकेले संभाला। हमारी यह बातें सुनकर आप भी जानना चाह रहे होंगे कि आखिर कौन है वह एक्ट्रेस जिसकी हंसती खेलती दुनिया एक झटके में उजड़ गई। वो कोई और नहीं बल्कि दिग्गज एक्ट्रेस हिमानी शिवपुरी हैं।

अपनी दमदार एक्टिंग से हिमानी शिवपुरी ने फैंस के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है। लेकिन आज तक लोग इस बात से अनजान रहे कि हिमानी अपने दिल में कितना दर्द छुपाए रही हैं। जी हां, हिमानी शिवपुरी ने हाल ही में अपनी जिंदगी के उस सबसे मुश्किल दौर का खुलासा किया है जब एक झटके में उनकी शादीशुदा जिंदगी उजड़ कर रह गई थी। बाथरूम में फिसल कर गिरने से उनके पति की जान चली गई थी और एक्ट्रेस को तब इस खबर पर यकीन नहीं हुआ था।

बता दें कि हिमानी शिवपुरी ने एक्टर ज्ञान शिवपुरी से शादी की थी। शादी के बाद दोनों एक बेटे के पेरेंट्स भी बने। लेकिन शादी के कुछ ही साल बाद उनकी खुशियों को नजर लग गई। हिमानी ने बताया कि जब वह फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगी कि शूटिंग कर रही थी तभी उन्हें अपने पति को खोना पड़ा। फिल्म के क्लाइमेक्स का हिस्सा ना होने की वजह बताते हुए हिमानी ने बताया कि तब पति के निधन की वजह से उन्हें शूटिंग बीच में ही छोड़नी पड़ी। हिमानी ने बताया कि उनके पति ज्ञान शिवपुरी बेहोश होकर वाशरूम के फर्श पर गिर पड़े थे। जब उन्होंने उसी बिल्डिंग में रहने वाले डॉक्टर को बुलाया तो डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि तब सदमे की वजह से हिमानी को डॉक्टर पर यकीन नहीं आया।

लिहाजा वह खुद पति को हॉस्पिटल लेकर गई जिसे वह आज अपनी सबसे बड़ी गलती मानती हैं। हिमानी ने कहा कि यह एक गलती थी क्योंकि एक बार जब आप उन्हें अस्पताल लेकर जाते हैं तो वह पूरा पोस्टमार्टम करती हैं। मुझे अकेले ही इन सब चीजों का सामना करना पड़ा। एक तरफ पति की मौत, दूसरी तरफ पोस्टमार्टम की प्रक्रिया। हिमानी के मुताबिक उस दौरान वो अपनी सुध बिल्कुल भुला चुकी थी। इसके बाद हिमानी ने आगे बताया कि तब पति के अंतिम संस्कार की तैयारी भी

उन्हें ही करनी पड़ी थी। हिमानी ने कहा कि उस समय मेरा भाई आ गया था। लेकिन वो मुझसे छोटा था और उसे मुंबई के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। इसलिए अंतिम संस्कार की सारी व्यवस्था मुझे ही करनी पड़ी। मैं उन कामों में इतना बिजी थी कि मुझे ठीक से पता ही नहीं चल पाया कि असल में हुआ क्या था। यह एक बहुत बड़ा सदमा और बड़ी जिम्मेदारी थी। उस हादसे को आज 31 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। लेकिन पति की मौत और उससे मिला दर्द उनके जहन में आज भी ताजा है। ब्यूरो रिपोर्ट ई2

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