आज हम बात करने वाले हैं, एक ऐसी अभिनेत्री की जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से बॉलीवुड में ऐसा धमाका किया कि देखते ही देखते वह इंडस्ट्री की सबसे बड़ी स्टार अभिनेत्रियों में शामिल हो गई। मेरे फार्म पे एक घोड़ा बहुत सरस है। ट्रेन कर सकते हो? हालांकि उन्होंने अपने करियर में बहुत ज्यादा फिल्में नहीं की। लेकिन जितनी भी फिल्मों में काम किया हर फिल्म में अपने शानदार अभिनय का ऐसा जादू चलाया कि दर्शक आज भी उन्हें याद करते हैं। प्यार मेरा चाहे कॉमेडी का किरदार हो या इमोशनल रोल रोमांटिक अंदाज हो या फिर नेगेटिव भूमिका। हर किरदार में उन्होंने खुद को बेहतरीन अभिनेत्री साबित किया। मेरे प्यार की उम्र हो इतनी सारी। जितनी दिलचस्प उनकी फिल्मों की कहानी रही, उससे कहीं ज्यादा फिल्मी उनकी असली जिंदगी भी रही। जहां भारतीय सिनेमा के दो बड़े अभिनेताओं से उनका नाम जुड़ा, वहीं एक मशहूर क्रिकेटर को भी उन्होंने अपना दिल दे दिया। आखिर वह अभिनेता कौन था, जिससे उन्होंने शादी की? और फिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ समय बाद दोनों की राहें हमेशा के लिए अलग हो गई। [संगीत] इतनी बड़ी सफलता और शोहरत हासिल करने के बावजूद आज वह अकेले जिंदगी जीने को क्यों मजबूर हैं? जबकि उनके दो-दो बच्चे भी हैं। [संगीत] आखिर उनकी जिंदगी से जुड़े संघर्ष, प्यार, शादी, विवाद और आज की पूरी सच्चाई क्या है? यही सब हम जानेंगे इस वीडियो में। इसलिए वीडियो को आखिर तक जरूर देखिए और अगर आपने अभी तक हमारे चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो अभी सब्सक्राइब करके बेल आइकॉन जरूर दबा दीजिए। क्या मैंने तेरा तो आज हम जिनके बारे में बात करने वाले हैं उनका नाम है अमृता सिंह। अमृता सिंह को फिल्मों में आने के लिए ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा और इसके पीछे एक बड़ी वजह उनका परिवार था। अमृता सिंह का जन्म साल 1958 में दिल्ली में हुआ था।
बचपन से ही उनका माहौल ग्लैमर और प्रभावशाली लोगों के बीच रहा था। उनके फिल्मों की ओर आकर्षित होने की सबसे बड़ी वजह भी उनका पारिवारिक बैकग्राउंड ही था। क्योंकि उनकी नानी अपने समय में देवानंद के द्वार की एक जानीमानी अभिनेत्री रह चुकी थी। वहीं उनकी मां रुक्साना सुल्ताना अपने समय की एक चर्चित सोशलाइट और राजनीतिक प्रभाव रखने वाली शख्सियत मानी जाती थी। खासकर राजीव गांधी के द्वार में उनका नाम काफी चर्चा में रहा था। वहीं अमृता सिंह के पिता भारतीय सेना में अधिकारी थे और उनका संबंध पंजाब के एक प्रतिष्ठित परिवार से था। उनके पैतृक परिवार की भी समाज में अच्छी पहचान थी। ऐसे माहौल में पली बढ़ी अमृता सिंह के लिए फिल्मों तक पहुंचना उतना मुश्किल नहीं रहा क्योंकि उनका परिवार पहले से ही प्रभावशाली लोगों और फिल्मी दुनिया से जुड़ा हुआ था। इतना ही नहीं कई रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जाता है कि हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता दिलीप कुमार से भी उनका दूर का रिशेदारी का संबंध बताया जाता है। हालांकि अपने शुरुआती दिनों में मशहूर फिल्म निर्माता बी आर चोपड़ा अमृता सिंह को अपनी फिल्म में मौका देना चाहते थे लेकिन किसी कारणवश वह फिल्म उनके हाथ से निकल गई और उन्हें वह ब्रेक नहीं मिल सका। इसके बाद अमृता सिंह की खूबसूरती पर धर्मेंद्र की नजर पड़ी। उस समय धर्मेंद्र अपने बेटे सनी देओल को बॉलीवुड में लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे और उन्हें एक नए चेहरे की तलाश थी। बॉलीवुड में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि जब किसी नए अभिनेता को रोमांटिक फिल्म से लॉन्च किया जाता है तो उसके साथ नई अभिनेत्री को भी मौका दिया जाता है ताकि दोनों की जोड़ी पर्दे पर बिल्कुल ताजा और फ्रेश लगे। कई बार यह प्रयोग बेहद सफल रहा है। तो कई बार दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाया। लेकिन धर्मेंद्र ने भी इसी फार्मूले पर भरोसा किया और सनी देओल के साथ अमृता सिंह को चुन लिया क्योंकि वह न सिर्फ बेहद खूबसूरत थी बल्कि फिल्म की कहानी और किरदार के लिए भी पूरी तरह फिट बैठती थी। यहीं से बनी सनी देओल और अमृता सिंह की पहली फिल्म बेताब। जब ये फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो इसकी कहानी गाने संगीत और दोनों नए कलाकारों की शानदार केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया। जब हम जवा होंगे जाने फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता मिली और सनी देओल
के साथ-साथ अमृता सिंह भी रातोंरात स्टार बन गई। वहीं दर्शकों में यह उत्सुकता भी थी कि धर्मेंद्र जैसे सुपरस्टार का बेटा पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आने वाला है। जिसकी वजह से फिल्म को देखने के लिए सिनेमाघरों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि बेताब की जबरदस्त सफलता के बाद धर्मेंद्र ने एक बार फिर अपने बेटे सनी देओल और अमृता सिंह की जोड़ी पर भरोसा जताया और दोनों को लेकर फिल्म सनी बनाई लेकिन यह फिल्म वैसी सफलता हासिल नहीं कर पाई जैसी उम्मीद की जा रही थी। हालांकि फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा सकी लेकिन लगातार दो फिल्मों में साथ काम करने की वजह से सनी देओल और अमृता सिंह एक दूसरे के काफी करीब आ गए। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और उस दौर में दोनों के अफेयर की खबरें भी खूब सुर्खियों में रहने लगी। बताया जाता है कि अमृता सिंह इस रिश्ते को लेकर काफी गंभीर थी और चाहती थी कि सनी देओल उनसे शादी करें और उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दें। लेकिन उस समय अमृता सिंह को इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि सनी देओल पहले से ही शादीशुदा हैं। दरअसल लंदन में पढ़ाई के दौरान सनी देओल की मुलाकात एक एंग्लो इंडियन लड़की से हुई थी। दोनों के बीच प्यार हुआ और बाद में दोनों ने शादी भी कर ली थी। लेकिन इस रिश्ते को लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं किया गया था। जिसकी वजह से अमृता सिंह भी इस सच्चाई से अनजान रहीं। जब अमृता सिंह को सनी देओल की शादी के बारे में पता चला तो उन्हें गहरा झटका लगा और उनका दिल पूरी तरह टूट गया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जाता है कि सनी देओल अमृता सिंह से शादी करना चाहते थे। लेकिन धर्मेंद्र और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। आखिरकार अमृता सिंह ने इस रिश्ते से खुद को अलग कर लिया और दोनों की राहें हमेशा के लिए जुदा हो गई। सनी देओल से अलग होने के बाद अमृता सिंह की जिंदगी में एक बार फिर प्यार ने दस्तक दी और इस बार उनका नाम भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार क्रिकेटर रवि शास्त्री के साथ जुड़ने लगा। उस दौर में दोनों के रिश्ते की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनी रहती थी। बताया जाता है कि अमृता सिंह रवि शास्त्री के मैच देखने के लिए अलग-अलग शहरों तक जाया करती थी और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां काफी बढ़ गई। धीरे-धीरे दोनों के प्यार की चर्चाएं पूरे देश में होने लगीं और कई रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया कि रवि शास्त्री और अमृता सिंह ने सगाई तक कर ली थी। हालांकि समय बीतने के साथ दोनों के रिश्ते में दूरियां आने लगी और आखिरकार दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया जिसके बाद दोनों की राहें हमेशा के लिए जुदा हो गई और अमृता सिंह की जिंदगी ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया। इसके बाद अमृता सिंह के करियर ने लगातार नई ऊंचाइयों को छूना शुरू कर दिया। उन्होंने आरशी कपूर के साथ फिल्म दुनिया में काम किया और फिर जैकी श्रॉफ के साथ फिल्म साहब में नजर आई। इस फिल्म का मशहूर गाना यार बिना चैन कहां रे?
इतना सुपरहिट हुआ कि आज भी लोगों की जुबान पर बना हुआ है और बड़े ही शौक से सुना जाता है। इसके बाद साल 1985 में रिलीज हुई। फिल्म मर्द ने अमृता सिंह के करियर को एक नई पहचान दी। इस फिल्म में उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया और अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके निभाए गए किरदार को आज भी लोग याद करते हैं। खासकर फिल्म का वह मशहूर चाबुक वाला सीन आज भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। अमिताभ बच्चन जैसे महान अभिनेता के साथ काम करने के बाद अमृता सिंह की लोकप्रियता और भी बढ़ गई और वह बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगी। इसके बाद उन्होंने संजय दत्त, अमिताभ बच्चन, जितेंद्र मिथुन चक्रवर्ती और उस दौर के कई बड़े सितारों के साथ लगातार काम किया। फिल्म मर्द के बाद अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जादूगर और तूफान जैसी फिल्में भी आईं। वहीं खुदगर्ज जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपने शानदार अभिनय का परिचय दिया और यह साबित कर दिया कि वह हर तरह के किरदार को पूरी ईमानदारी और बेहतरीन अंदाज में निभाने की क्षमता रखती है। हालांकि साल 1989 में एक मल्टीस्टारर फिल्म रिलीज हुई थी जिसका नाम बंटवारा था। इस फिल्म में विनोद खन्ना, धर्मेंद्र, सनी देओल और कई बड़े सितारे नजर आए थे। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान विनोद खन्ना और अमृता सिंह की नजदीकियों की खबरें बॉलीवुड गलियारों में तेजी से फैलने लगी थी। उस समय विनोद खन्ना ओशो आश्रम से वापस लौटने के बाद एक बार फिर फिल्मों में अपनी दूसरी पारी की शुरुआत कर रहे थे और बंटवारा उनकी शुरुआती फिल्मों में से एक थी। बताया जाता है कि उस द्वार में विनोद खन्ना अपनी पहली पत्नी से अलग हो चुके थे और अकेले जिंदगी जी रहे थे। इसी वजह से अमृता सिंह और उनके रिश्ते की चर्चाएं भी काफी होने लगी। लेकिन जब अमृता सिंह ने इस रिश्ते के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू किया तो उम्र का बड़ा अंतर और विनोद खन्ना की पिछली शादी जैसी बातें उनके सामने आ गई जिसके बाद उन्होंने इस रिश्ते को आगे ना बढ़ाने का फैसला किया और दोनों की राहें अलग हो गई। अगर अमृता सिंह के फिल्मी करियर की बात करें तो 1990 का दशक आते-आते उन्होंने अपने किरदारों के साथ नए प्रयोग करने शुरू कर दिए। अब वह सिर्फ पारंपरिक हीरोइन के रोल तक सीमित नहीं रही बल्कि नेगेटिव और मजबूत किरदार भी निभाने लगी। दर्शकों ने उनके इस नए अंदाज को भी खूब पसंद किया। अगर फिल्म सूर्यवंशी की बात करें तो उसमें सलमान खान के साथ अमृता सिंह एक बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आई और अपने दमदार अभिनय से एक बार फिर साबित कर दिया कि वह हर तरह के किरदार को पूरी शिद्दत से निभाना जानती है। हालांकि समय के साथ अमृता सिंह को फिल्मों में पहले जैसे मुख्य किरदार कम मिलने लगे और वह कई फिल्मों में अलग तरह की भूमिकाओं में नजर आने लगी। चाहे रंग की बात करें। दिल आशना है कि या फिर आईना जैसी। फिल्मों की इन सभी फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय से यह साबित किया कि वह हर तरह के किरदार को बेहतरीन तरीके से निभा सकती है। लेकिन दिल आशना है आईना और रंग जैसी फिल्मों में काम करने के बाद उनके फिल्मी करियर पर अचानक एक लंबा ब्रेक लग गया और इसकी सबसे बड़ी वजह बनी उनकी शादी क्योंकि उन्होंने अभिनेता सैफ अली खान से शादी कर ली थी। शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और लंबे समय तक बड़े पर्दे पर नजर नहीं आई। अब सवाल यह उठता है कि आखिर अमृता सिंह और सैफ अली खान की मुलाकात कैसे हुई और दोनों के बीच प्यार की शुरुआत कब और कैसे हुई? सबसे दिलचस्प बात यह थी कि उस समय सैफ अली खान ने बॉलीवुड में अपना डेब्यू भी नहीं किया था। जबकि अमृता सिंह इंडस्ट्री की एक स्थापित और सफल अभिनेत्री थीं। उनका अपना एक अलग स्टारडम था। इतना ही नहीं दोनों की उम्र में भी करीब 12 साल का अंतर था। जहां अमृता सिंह सैफ अली खान से लगभग 12 साल बड़ी थी। इसके बावजूद दोनों एक दूसरे के प्यार में पड़ गए और बाद में उनकी प्रेम कहानी पूरे बॉलीवुड की सबसे चर्चित लव स्टोरी में से एक बन गई। दरअसल यह कहानी उस समय की है जब फिल्म बेखदी की शूटिंग शुरू होने वाली थी। लेकिन फिल्म के शुभ मुहूर्त के दौरान सैफ अली खान भी वहां मौजूद थे। वहीं अमृता सिंह, सनी देओल और फिल्म से जुड़े कई दूसरे कलाकार भी इस मौके पर पहुंचे थे। इसी शुभ मुहूर्त के दौरान सैफ अली खान की नजर पहली बार अमृता सिंह पर पड़ी और पहली ही मुलाकात में वह उनकी खूबसूरती और व्यक्तित्व से इतने प्रभावित हुए कि अपना दिल हार बैठे बताया जाता है कि उसी दिन से सैफ अली खान हर समय अमृता सिंह के बारे में ही सोचने लगे। दिन का चयन और रातों की नींद जैसे उनसे दूर हो गई थी। धीरे-धीरे सैफ अली खान किसी भी तरह अमृता सिंह के करीब आने की कोशिश करने लगे और चाहते थे कि वह भी उनसे प्यार करने लगे। आखिरकार एक दिन उन्होंने हिम्मत जुटाई और अमृता सिंह को फोन किया। बातचीत के दौरान बड़े ही सहज अंदाज में उन्होंने पूछा कि क्या आप कल मेरे साथ डिनर पर चलेंगी? अगर आप खाली हो तो इस पर अमृता सिंह ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि मैं बाहर जाकर डिनर करना ज्यादा पसंद नहीं करती। इस पर अमृता सिंह ने हंसते हुए कहा कि बाहर का खाना मुझे ज्यादा पसंद नहीं है। अगर खाना ही खाना है तो मेरे घर आ जाइए।
वहीं बैठकर आराम से बातें भी होंगी और साथ में डिनर भी कर लेंगे। यह सुनते ही सैफ अली खान की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ऐसा लगा मानो उनकी दिल की मुराद पूरी हो गई हो। अगले दिन उन्होंने बड़े ही खास अंदाज में खुद को तैयार किया। अपना पसंदीदा सूट पहना। अच्छा सा परफ्यूम लगाया और पूरे उत्साह के साथ अमृता सिंह के घर पहुंच गए। हालांकि अंदर ही अंदर वह काफी घबराए हुए थे। जैसे ही उन्होंने दरवाजे की घंटी बजाई, उनके दिल की धड़कनें तेज हो गई थी। तभी अमृता सिंह ने दरवाजा खोला और मुस्कुराते हुए उनका स्वागत किया। जिसके बाद दोनों आराम से बैठकर बातें करने लगे। बातचीत का सिलसिला इतना दिलचस्प रहा कि कब समय बीत गया। दोनों को इसका एहसास ही नहीं हुआ। इसी मुलाकात के दौरान दोनों एक दूसरे को पहले से ज्यादा करीब से जानने लगे और उनके बीच की नजदीकियां धीरे-धीरे बढ़ने लगी। इसके बाद अमृता सिंह और सैफ अली खान अक्सर एक दूसरे से मिलने लगे। दोनों कभी किसी रेस्टोरेंट में मिलते तो कभी किसी शांत जगह पर बैठकर घंटों बातें करते। हालांकि उस समय अमृता सिंह बॉलीवुड की बड़ी स्टार थी। इसलिए सार्वजनिक जगहों पर ज्यादा नजर आने से दोनों बचते थे ताकि उनकी मुलाकातें मीडिया की सुर्खियां ना बन जाएं। लेकिन इन लगातार मुलाकातों ने दोनों के रिश्ते को और भी मजबूत कर दिया। प्यार इस कदर बढ़ चुका था कि सैफ अली खान ने ज्यादा इंतजार करना ठीक नहीं समझा और दोनों ने अपने रिश्ते को शादी का नाम देने का फैसला कर लिया। हालांकि उस समय सबसे बड़ी चर्चा उनकी उम्र का अंतर था क्योंकि अमृता सिंह सैफ अली खान से करीब 12 साल बड़ी थी लेकिन प्यार के आगे दोनों ने उम्र की इस दूरी को कोई मायने नहीं दिया। आखिरकार साल 1991 में अमृता सिंह और सैफ अली खान ने अपने परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर शादी कर ली। इस शादी ने पूरे बॉलीवुड में हलचल मचा दी क्योंकि एक तरफ अमृता सिंह उस समय इंडस्ट्री की स्थापित और सफल अभिनेत्री थी। जबकि दूसरी तरफ सैफ अली खान ने अब भी अपने करियर की शुरुआत भी ठीक से नहीं की थी। शादी के बाद दोनों की जिंदगी खुशहाल नजर आने लगी। कुछ समय बाद उनके घर बेटी का जन्म हुआ जिसका नाम सारा अली खान रखा गया और करीब 5 साल बाद बेटे इब्राहिम अली खान ने जन्म लिया जिसके बाद उनका परिवार पूरा हो गया लेकिन समय बीतने के साथ उनके रिश्ते में दरारें भी आने लगी। दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर मनमुटाव बढ़ने लगा और अक्सर घर में झगड़े होने की खबरें सामने आने लगी। इसी दौरान सैफ अली खान का नाम पहले विदेशी मॉडल रोजा कैटालानो के साथ जोड़ा जाने लगा और बाद में उनकी नजदीकियां अभिनेत्री करीना कपूर से भी बढ़ने लगी। कई रिपोर्ट्स में यह माना जाता है कि इन बदलते रिश्तों ने भी अमृता सिंह और सैफ अली खान के वैवाहिक जीवन को प्रभावित किया और आखिरकार दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया
जिसके बाद उनका तलाक हो गया। तलाक के बाद अमृता सिंह अपने दोनों बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी खुद संभालने लगी जबकि सैफ अली खान उनसे अलग हो गए। लेकिन अमृता सिंह ने इस मुश्किल दौर में भी कभी हार नहीं मानी क्योंकि वह एक बेहद प्रतिभाशाली अभिनेत्री थी, और किसी भी किरदार में खुद को पूरी तरह ढाल लेने की कला रखती थी। इसी वजह से उन्होंने फिल्मों में वापसी की और मां के रोल से लेकर मजबूत और नेगेटिव किरदारों तक हर भूमिका में अपनी अलग पहचान बनाई। हालांकि साल 1993 से लेकर करीब 2001 तक वह बड़े पर्दे से लगभग दूर रहीं। लेकिन इसके बाद उन्होंने फिर से फिल्मों में वापसी की। उनकी वापसी की शुरुआती फिल्मों में से एक थी 23 मार्च 1931 शहीद जिसके निर्माता धर्मेंद्र थे और फिल्म में उनके बेटे बॉबी देओल मुख्य भूमिका में नजर आए थे। इस फिल्म में अमृता सिंह ने बॉबी देओल की मां का किरदार निभाया था। यह संयोग भी काफी दिलचस्प था क्योंकि एक समय वही अमृता सिंह फिल्म बेताब में सनी देओल की प्रेमिका के रूप में नजर आई थी और कुछ साल बाद धर्मेंद्र के ही छोटे बेटे बॉबी देओल की फिल्म में मां की भूमिका निभाती दिखाई दी। यह उनके अभिनय की की बहुमुखी प्रतिभा का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है सैफ अली खान और अमृता सिंह का तलाक साल 2004 में आधिकारिक तौर पर हो गया। इसके बाद अमृता सिंह ने एक बार फिर अपने फिल्मी करियर पर पूरा ध्यान देना शुरू किया और साल 2005 के बाद उन्होंने लगातार फिल्मों में वापसी की। इस दौरान उन्होंने कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और यह साबित कर दिया कि आज भी उनके अभिनय का जादू पहले जैसा ही बरकरार है। उनकी वापसी के बाद कलयुग शूट आउट एट, लो खंडवाला, कजरारे, औरंगजेब और दो स्टेट्स जैसी फिल्मों में वह नजर आई। खासकर फिल्म दो स्टेट्स में उन्होंने अर्जुन कपूर की मां का दमदार पंजाबी किरदार निभाया था जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने खूब सराहा। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस को काफी पसंद किया गया और एक बार फिर उन्होंने अपने शानदार अभिनय से लोगों का दिल जीत लिया। इसके बाद वह टाइगर श्रॉफ की फिल्म हीरोपंती दो में भी नजर आई और फिल्मों के अलावा उन्होंने छोटे पर्दे पर भी अपनी पहचान बनाई। उनका टीवी सीरियल काव्यांजलि भी काफी लोकप्रिय रहा और उसमें निभाए गए उनके किरदार की दर्शकों ने खूब तारीफ की। हालांकि आज अमृता सिंह की उम्र 80 वर्ष के करीब पहुंच चुकी है
और बढ़ती उम्र के साथ वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखती है। बताया जाता है कि उन्हें डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या है जिसकी नियमित जांच और रूटीन चेकअप के लिए वह समय-समय पर डॉक्टर के पास जाती रहती है। पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया पर उनके निधन को लेकर कई तरह की अफवाहें भी तेजी से फैल गई थी। जिनकी वजह से उनका नाम काफी चर्चा में रहा। लेकिन ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं थी। अमृता सिंह पूरी तरह जीवित हैं और सिर्फ अपने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल जाती रहती हैं। बढ़ती उम्र की वजह से वह पहले की तरह सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया की चकाचौंध से दूर रहना पसंद करती है और सोशल मीडिया पर भी ज्यादा सक्रिय नहीं रहती। वह अपना अधिकतर समय अपने परिवार के साथ बिताना पसंद करती है। खासकर अपने दोनों बच्चों सारा अली खान और इब्राहिम अली खान के साथ उनका रिश्ता बेहद खास माना जाता है और अक्सर वह उनके साथ समय बिताती नजर आती है। तो दोस्तों, अमृता सिंह के जीवन से जुड़ी यह थी कुछ दिलचस्प बातें जिन्हें हमने इस वीडियो के माध्यम से आपके सामने रखने की कोशिश की है। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक जरूर करें। अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी ना भूलें।