सौरभ डर तो देखिए सबको लगता है जेल जाने से या लॉ से आपको शायद सबसे कम डर लगता होगा इन तीनों में क्योंकि आप तो सुप्रीम कोर्ट के कॉरिडोर में खूब घूमे हैं जजों पर अगर आप दोस्त है वो तो मजाक करते रहे थे कि ये तो 5 साल से जेल जाने के लिए वेट कर रहा है या कोशिश कर रहा है कि हां नहीं कोशिश तो नहीं कर रहा हूं।
मतलब किसको शौक है जेल जाने का लेकिन 5 साल से जिस किस्म से लिखना होता है ना आपको तो पता ही है सारे मीडिया वालों को पता है कि अभी ऑनेस्ट जर्नलिज्म करने का टाइम बहुत है। तो जब कोई ऑनेस्ट जर्नलिज्म करता है तो हमेशा डर रहता है। देखिए मैं तो रिपोर्ट लिखता हूं। कुछ लोग एक स्टेटमेंट पास करते हैं Twitter पे उसके लिए एनएसए लग जाता है।
यूएपीए लग जाता है। स्टोरीज कंकक्ट हो जाती है। तो लेकिन जब ये मूवमेंट हुआ था ना एंड जब मैं शामिल हुआ इसमें। एंड जो फर्स्ट प्रोटेस्ट हुआ था 6 जून को। उस टाइम पर मुझे लगा था तब मुझे जो मेरे डाउट्स थे कि शायद जेल जाना पड़े वो एकदम खत्म हो गए थे क्योंकि द काइंड ऑफ यूनिटी दैट वी सॉ एट जंतरमंतर एंड बिय्ड क्योंकि बहुत सारे लोग दिल्ली नहीं आ पा रहे थे नहीं लेकिन देखिए इतनी बड़ी सरकार को हेड ऑन ऐसे लेना नहीं जब इतनी बड़ी गवर्नमेंट जब 65% पपुलेशन यूनाइट हो जाए युवा यूनाइट हो जाए तो कौन सा कौन सा सरकार कौन सा पावर।
उसके सामने नहीं झुकेगी आपको ऐसा ऐसा कब लगा कि पूरे देश के युवा आपके साथ हैं क्योंकि बहुत लोग कह रहे थे।
वहां तो 15 2000 होंगे 300 होंगे इंस्टा पे ठीक है चल गया नहीं ये ये क्वेश्चन मुझे समझ में नहीं आता है कि 15 2000 लोग ही होंगे सिर्फ आप क्या चाहते हो कि 2 करोड़ लोग अगर फॉलोइंग है पेज का तो 2 करोड़ लोग रोड पर उतर आए फिर तो कौन संभालेगा उनको? तो अगर 15,000 लोग भी आ रहे हैं इट्स अ बिग नंबर एंड सरकार का ड्यूटी बनता है कि वो चीज को सुने क्योंकि 15,000 लोग भी बहुत बड़ा एक संख्या है। बहुत छोटे-छोटे स्टेट्स में तो एक दो हजार वोटों में इलेक्शन पलट जाता है। यू यू बिलोंग टू पोंडीचेरी? आप आपका बचपन वहीं गुजरा है पोंडीचेरी में? मैं यहां पे दिल्ली में बोर्न हुआ हूं।
एंड पोंडीचेरी में मैं ज्यादातर मेरा लाइफ वहीं कटा है। अभी फैमिली वही है? फैमिली वहीं रहती है। पढ़ाई भी मैंने दिल्ली में, पोंडीचेरी में फिर देहरादून में किया है। फिर वापस से अब दिल्ली में हूं। क्या पढ़ाई किया? अंग्रेजी में की होगी आपने तो शायद। एक अच्छे से बढ़िया से स्कूल में पढ़े होंगे। नहीं नहीं। नॉट लाइक अभिजीत। ऐसा नहीं है। माय मदर अ मेरा स्टेट बोर्ड था। मेरा भी सीबीएसई बोर्ड था। सीबीएसई भी अब आपको पता ही है कि क्वालिटी कैसा रह गया है। लेकिन सीबीएसई बोर्ड था हां थोड़ा सा इंटरनेशनल एक्सपोज़र था पोंडीचेरी में क्योंकि इट्स अ लिटिल बिट ऑफ अ कॉस्मोपॉलिटन काइंड ऑफ़ प्लेस दैट शोज़। तो वहां पे पढ़ाई लिखाई किया। फिर मैंने सो यू हैड यू हैड गुड गुड बैकग्राउंड, गुड फैमिली बैकग्राउंड, नो स्ट्रगल इट वाज़ मोस्टली माय मदर।
मेरी मम्मी ने ही मुझे बड़ा किया। तो अ लॉट ऑफ स्ट्रेंथ दैट आई हैव इन मी इट कम्स फ्रॉम माय मदर। उन्होंने अकेले बड़ा किया है आपको। एक तरह से उन्होंने ही मुझे बड़ा किया। तो व्हाटएवर आई एम इट इज बिकॉज़ ऑफ़ हर उनका शी शी इज़ द मोस्ट करेजियस पर्सन आल्सो दैट आई हैव सीन इन लाइफ। एंड उनके वजह से ही मैं जो लिख पाता हूं, कर पाता हूं, उनके वजह से ही है। फिर मैंने जर्नलिज्म एंड पढ़ा। फिर मेरा भी प्लान था कि मैं कोलंबिया यूनिवर्सिटी जाऊं। लास्ट ईयर कोलंबिया यूनिवर्सिटी में हो गया था मेरा इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म कास्टर्स लेकिन मैं गया नहीं। एंड अब अगर प्लान करता हूं जाने के लिए तो ये लोग बोलते हैं कि बिल्कुल नहीं अभी तो नहीं जा सकते। हम नहीं जाने देंगे। अच्छा लगे हाथों लगे हाथों आप उन एलगेशंस का जवाब देना चाहते हैं कि दिल्ली में 8 10 लाख के रेंट का घर है ये तो पता नहीं इसका पैसा कहां से आता मुझे कुछ पूछना है नया ले लेना अगर हर महीने तू 12-12 लाख मुझे लगता है जो लोग ऐसा एलगेशन बनाते हैं देखिए एक एक तो मैं बहुत इंप्रेस्ड हूं ऐसे लोगों से क्यों क्योंकि एक एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी एबिलिटी है कि आप एक पूरा इल्ल्यूजन बनाइए ठीक है किसी चीज के बारे में और उस इल्लुजन के ऊपर आप पूरा वेंट आउट करिए। आप उस पे रेज दिखाइए। उसको आप क्रिटिसाइज करिए। मतलब कि अगर किसी के पास ₹1 लाख महीने होता तो वो वो पूरा बंगलो नहीं खरीद लेता। उसका डाउन पेमेंट करके आज मैं ओन कर रहा होता वो बंगलो। तो जब टाइम आएगा मैं उसको रिवील भी कर दूंगा। लेकिन ऐसे जो लोग हैं उनको मुझे लगता है कि हमें डिग्निफाई नहीं करना चाहिए। पर आपने तो डेफिनेशन किया है ना। नहीं मैंने इंजंक्शन फाइल किया है। डेफमेशन अलग होता है। इंजक्शन फाइल किया है क्योंकि बहुत बकवास बकवास चल रहा है। मैंने सोचा इतने सारे लोग हैं हेल्प करने के लिए हमारे लिए तो उनका हेल्प भी एक्सेप्ट करता हूं।
तो हम लोगों ने इंजंक्शन मैंने फाइल किया है। इसलिए मैं ज्यादा अभी बता नहीं पाऊंगा। एक बार कोर्ट का कुछ आर्डर आ जाए उसके बाद मैं जो रिवील करना है जो कोई पूछेगा मैं खुद ब खुद रिवील कर दूंगा। लेकिन ये एकदम मतलब कि इट्स लाफेबल कि ₹1 लाख महीने का मैं रेंट देता हूं। ऐसे पता नहीं कौन अगर आप ये स्टोरी भी पढ़ोगे ना शुरू में बोला था 5 लाख महीने का देता हूं मैं। फिर 7 से 10 लाख हुआ। फिर 12 लाख महीने का हुआ। एंड अभी जो एक वेबसाइट था वो मेरे घर के बाहर पहुंच गया। उन्होंने बोला 12 लाख एक साल में देता हूं। मतलब कि 1 लाख महीने का। तो इनको ये क्लियर नहीं है कि मेरा रेंट कितना है। मेरा जो ब्रोकर है उसका बहुत भाव बढ़ने वाला है।