बड़ी खबर है नसीरुद्दीन शाह ने जंतरम-मंतर के आंदोलन को समर्थन दिया तो कई लोगों ने उन्हें कटघरे में खड़ा किया। इंटरव्यू में बाबा बागेश्वर ने नसीरुद्दीन शाह को आड़े हाथों लिया।
नसीरुद्दीन शाह ने जो लास्ट में कहा कि सब याद रखा जाएगा और जिस अंदाज में कहा। देखो भैया, सबके अपने-अपने मकसद होते हैं। अब हम सरकार की तरफ से तो हैं नहीं।
जिसके लिए उन्होंने हिंट किया हो शायद तो हम जवाब तो दे नहीं सकते पर इतना कह सकते हैं कि उचित नहीं है। विवाद ही रास्ता नहीं है। संवाद रास्ता है। प्रेम रास्ता है। प्रेम की बात करो ना। संवाद की बात करो ना। की बात क्यों करें? आंदोलन की हम बात ही क्यों करें? आने वाली जनरेशन अल्फा बीटा को हम ये आंदोलन भर के क्यों दें? उनको आंदोलन नहीं आंदोलित होने पर तैयार करें। अशांति फैलाने पर नहीं उन्हें शांति के लिए तैयार करें।
क्रांति हो पर अमर्यादित ना हो ऐसी उनकी तैयारी करें। हम देश में मारकाट की बातें क्यों करें? हम देश में याद रखा जाएगा छोड़ेंगे नहीं। देंगे।
अरे ठटरी के बरे नक तुम अमर हो का तुमने जो है अमर अमर रस पी लिया काहे को चार दिन की जिंदगी फिर अंधेरी रात चार दिन का जीवन है.
यहां जीवन में कौन स्थाई सब आते जाते रहते हैं आज आप एंकर बने बैठे कल कोई और बैठेगा हम एक घंटे बाद किसी और का सो आने वाला है और हमारी जगह कोई और होगा यहां कौन स्थाई है भैया इसलिए हमें लगता है युद्ध रास्ता नहीं बुद्ध रास्ता है। हमें लगता है अशांति रास्ता नहीं शांति रास्ता है।