अपनी बेइज्जती पर पहली बार दुखी होकर बोले बॉलीवुड एक्टर मिथुन चक्रवर्ती। मिथुन चक्रवर्ती बोले मैं छोटा एक्टर हूं शायद इसीलिए लोग मुझे नहीं बुलाते। आखिरकार क्यों हर बार होता है मिथुन चक्रवर्ती के साथ इतना ज्यादा भेदभाव? क्यों जिस जगह पैदा हुए मिथुन चक्रवर्ती वहीं से ही मिथुन चक्रवर्ती को निकाल दिया गया। हेलो दोस्तों, मैं हूं पूनम अधिकारी। बॉलीवुड एक्टर मिथुन चक्रवर्ती जिन्हें आप डिस्को डांसर के नाम से भी जानते हैं। मिथुन चक्रवर्ती के साथ हमेशा ही गलत और बुरा बर्ताव होता आया है। यह पहली बार है जब मिथुन चक्रवर्ती ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। अपना गुस्सा जाहिर किया है और लोगों के सामने ये बोला है कि शायद मैं बहुत बड़ा एक्टर नहीं हूं। मैं एक छोटा सा एक्टर हूं। इसीलिए लोग मुझे इतने बड़े फेस्टिवल में नहीं बुलाते। पूरा मामला क्या है? किस बात ने मिथुन चक्रवर्ती का इतना ज्यादा दिल दुखा दिया? क्यों मिथुन चक्रवर्ती की इतनी बड़ी बेइज्जती की गई उन्हीं के देश में? वह सब मैं आपको बताने वाली हूं इस वीडियो में।
बताने से पहले वीडियो को शेयर करें। चैनल को फॉलो करना मत भूलिएगा। मिथुन चक्रवर्ती उन एक्टर्स में से हैं जिन्हें किसी पहचान की जरूरत नहीं है। मतलब आपको नाम ही लेना ही काफी है कि मिथुन चक्रवर्ती और हर कोई जानता है कि मिथुन चक्रवर्ती कितने बड़े एक्टर हैं। उन्होंने ना सिर्फ बॉलीवुड बल्कि बंगाल की भी कई सारी फिल्मों में काम किया है। हिंदी सिनेमा की बात करूं तो चाहे वो डिस्को डांसर फिल्म हो चाहे वो अग्निपथ फिल्म हो चाहे वो कोई सी भी फिल्म हो। मतलब ऐसी कोई फिल्म नहीं जो मिथुन चक्रवर्ती ने जिनकी फिल्म ने इतिहास नहीं रचा या जिनकी फिल्म ने लोगों को प्रभावित नहीं किया हो। लेकिन उसी मिथुन चक्रवर्ती के साथ हमेशा ही चाहे वो बॉलीवुड वाले हो चाहे वो बॉलीवुड के बाहर वाले लोग हो हमेशा ही भेदभाव करते आते हैं। हमेशा ही उनको दरकिनार कर दिया गया कर दिया जाता है। और ये सिर्फ मिथुन चक्रवर्ती के साथ नहीं होता बल्कि उनके परिवार और अब तो उनके बच्चों के साथ भी ऐसा हो रहा है। दरअसल अगले महीने यानी 8 से 13 सितंबर तक कोलकाता में कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल होने वाला है। इस फेस्टिवल में बहुत बड़े-बड़े जितने भी एक्टर्स हैं, जो इन्फ्लुएंसर्स हैं, जो बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटीज हैं उन सबको बुलाया जा रहा है। पर्सनली इनवाइट किया जा रहा है
क्योंकि बहुत बड़े लेवल पर यह फेस्टिवल हो रहा है। बाहर से भी जो बंगाल के बाहर से भी जो लोग हैं उनको भी बुलाया जा रहा है कि आप बंगाल में आइए 8 से 13 दिन के बीच में 8 से जो 13 तारीख है उसके बीच में कभी भी आइए और इस फेस्टिवल का हिस्सा बनिए। लेकिन सबसे ज्यादा दुख की बात यह है वो शख्स वो मिथुन चक्रवर्ती जिन्होंने बंगाल की कई सारी फिल्मों में काम किया। वो मिथुन चक्रवर्ती जो वहीं पर पैदा हुए उन मिथुन चक्रवर्ती को इस फेस्टिवल में नहीं इनवाइट किया गया। उनको नहीं बुलाया गया। हाल ही में एक बैठक हुई थी, एक मीटिंग हुई थी जिसमें मिथुन चक्रवर्ती भी पहुंचे थे। और जैसे ही इस मीटिंग से मिथुन चक्रवर्ती बाहर आए तो मिथुन चक्रवर्ती से जाहिर है सवाल तो होंगे कि सर आपको ये जो कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल हो रहा है इसमें आपको नहीं बुलाया गया। इसमें तो बहुत सारे बॉलीवुड के भी बहुत सारे एक्टर्स को भी बुलाया जा रहा है। आपको क्यों नहीं बुलाया गया? तो इस पर मिथुन चक्रवर्ती ने क्या बोला? आप भी सुनिए। मुझे निकाल दिया गया है। मुझे कोलकाता फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रित नहीं किया गया। मैं अब मॉस्को जा रहा हूं। मुझे वहां सम्मान देने के लिए बुलाया गया है।
लेकिन यहां बंगाल में मुझे कोलकाता फिल्म फेस्टिवल के लिए इनवाइट ही नहीं किया गया। मैं बहुत छोटा एक्टर हूं। शायद वो इसलिए नहीं बुलाते। वो बाहर के बड़े-बड़े लोगों को बुला रहे हैं। जिनका बंगाल से बिल्कुल कोई लेना देना नहीं। लेकिन मुझे इस फेस्टिवल के लिए नहीं बुलाया गया। सुना आपने। मिथुन चक्रवर्ती ने साफ कहा कि शायद उन लोगों के लिए जो यह फेस्टिवल ऑर्गेनाइज कर रहे हैं उनके लिए मैं एक छोटा एक्टर हूं। मैं इतना बड़ा एक्टर नहीं हूं। इसीलिए मुझे इस तरह की बड़े-बड़े इवेंट्स में नहीं बुलाया जाता। साथ ही सोचिए मिथुन चक्रवर्ती ने यह भी कहा कि वो मॉस्को जा रहे हैं जहां पर उन्हें सम्मान मिलेगा। मतलब उन्हें अवार्ड दिया जाएगा। उन्हें सम्मानित किया जाएगा। क्यों? क्योंकि जो जिस तरह की फिल्में उन्होंने की है जिस तरह का कंट्रीब्यूशन उनका हिंदी सिनेमा के लिए है उसके लिए उन्हें सम्मान किया जाएगा। मतलब कितनी कितनी दुख की बात है। सोचिए हमारे देश में हमारे एक्टर को कोई इज्जत नहीं दी जा रही। कोई फेस्टिवल में उनको इनवाइट नहीं किया जा रहा। लेकिन उसी एक्टर को विदेश में बुलाया जा रहा है, इनवाइट किया जा रहा है और सम्मान अवार्ड भी दिया जा रहा है। तो कितना कितना गलत हो रहा है इस वक्त मिथुन चक्रवर्ती के साथ और मैं आपको बता दूं ये पहली बार नहीं है जब मिथुन चक्रवर्ती के साथ इस तरह का कुछ भेदभाव हुआ हो। इससे पहले भी बॉलीवुड में भी कई तरह के जो मिथुन चक्रवर्ती के बेटे हैं नमाशी चक्रवर्ती जो छोटे बेटे हैं वो भी कई बार मीमू चक्रवर्ती तो चलो उनकी एक फिल्म थी आई थी ह्टेड 3D थी वो सुपरहिट हो गई। तो हर कोई उन्हें पसंद करने लगा।
लेकिन जो नमाशी चक्रवर्ती है वो खुद बोलते हैं कि मेरे पापा की सबसे बुरी आदत क्या है कि वो बड़े-बड़े डायरेक्टर प्रोड्यूसर्स के हाथ नहीं जोड़ते। वो बड़ी-बड़ी पार्टीज में नहीं जाते। उनको घर में फैमिली के साथ टाइम बिताना अच्छा लगता है। इसीलिए मेरे पापा के इतने अच्छे कॉन्टेक्स्ट नहीं है कि वो हमें किसी बड़े डायरेक्टर की फिल्मों में लॉन्च करा सके। और मेरे पापा को भी इसीलिए बॉलीवुड फिल्मों का ऑफर नहीं मिलता क्योंकि वो किसी प्रोड्यूसर के हाथ पैर नहीं जोड़ते हैं। मेरे पापा ने कहा है कि अगर मेरी एक्टिंग में दम होगा तो मुझे फिल्मों का ऑफर मिलेंगे और अगर दम नहीं होगा तो कोई बात नहीं। मैं घर में ही ठीक हूं लेकिन मैं किसी के हाथ पैर नहीं जोडूंगा। तो ये खुद उनके बच्चे तक बोलते हैं मिथुन चक्रवर्ती के कि क्योंकि मिथुन चक्रवर्ती किसी के आगे हाथ पैर नहीं जोड़ते इसीलिए उनके साथ ऐसा बर्ताव होता है। बॉलीवुड का तो चलिए समझ में आता है। बॉलीवुड में तो नेपोटिज्म अलग ही लेवल पे है। कई एक्टर्स की कंप्लेंट कर चुके हैं। लेकिन इस तरह से बंगाल में उनके साथ ऐसा होगा ये किसी ने उम्मीद नहीं की थी। और सोचिए मिथुन चक्रवर्ती को कितना बुरा लगेगा। मॉस्को में उन्हें अवार्ड दिया जा रहा है। उनको सम्मानित किया जा रहा है। विदेश की सरजमी में उन्हें बुलाया जा रहा है। इनवाइट किया जा रहा है। और अपने ही देश में इतना बड़ा फेस्टिवल हो रहा है। अगले महीने कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल है और उसी में मिथुन चक्रवर्ती को नहीं बुलाया जा रहा। आपको लगता है कि मिथुन के साथ गलत हुआ है? जो भी आपकी राय है मुझे कमेंट बॉक्स में लिखकर बताना जरूर और वीडियो को शेयर करना चैनल को फॉलो करना मत भूलना।