केरलम में वीर सावरकर पर घमासान, सावरकर की तारीफ करने पर एक्शन, कासरगोड़ में शिक्षक को किया सस्पेंड, बीजेपी ने शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना। केरल के एक स्कूल में आयोजित फ्रीडम क्विज 2026 को लेकर विवाद हो गया। क्विज में हिंदुत्व विचारक बी डी सावरकर से जुड़ा एक सवाल पूछा गया था। सवाल के जवाब में सावरकर को वह स्वतंत्रता सेनानी बताया गया जिन्हें अंग्रेजों ने सबसे ज्यादा सजा दी थी। इस जवाब को लेकर राजनीतिक विवाद अब शुरू हो गया है। मामला बढ़ने के बाद केरलम के शिक्षा विभाग ने एक शिक्षक को निलंबित करने का आदेश दिया।
अधिकारियों के मुताबिक यह क्विज कासरगोड़ जिले के कुछ स्कूलों में कराया गया था। अब इस जवाब को लेकर विवाद शुरू हो गया है। वामपंथी छात्र संगठनों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार पर आरोप लगाया कि वह संघ परिवार के एजेंडे का समर्थन कर रही है। विवाद बढ़ने के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री एन शमसुद्दीन ने सामान्य शिक्षा निदेशक से मामले की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने शिक्षा विभाग से यह पता लगाने को कहा कि क्विज किसने तैयार कराया और बिना मंजूरी इसे कैसे आयोजित किया गया। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कारवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार यह प्रश्नावली सोशल साइंस क्लब एसोसिएशन के प्रभारी शिक्षकों ने तैयार की थी।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब वामपंथी छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि हिंदुत्व विचारक और महात्मा गांधी की हत्या की साजिश के कथित आरोपी सावरकर को सवाल में एक स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर दिखाया गया है। दूसरी ओर शिक्षक को सस्पेंड करने के खिलाफ [संगीत] भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार जिस शिक्षक को सस्पेंड किया गया है, उनकी पहचान गुरु प्रसाद के रूप में की गई है। शिक्षक गुरु प्रसाद पर एक क्विज में वीर सावरकर की तारीफ करने का आरोप लगा है।
बीजेपी नेताओं ने टीचर को सस्पेंड करने के फैसले का जमकर विरोध किया। जब शिक्षा मंत्री शमसुद्दीन एक कार्यक्रम के लिए कासरगोड़ आए तो बीजेपी नेताओं ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने कारवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। बीजेपी ने कहा कि जब तक टीचर का निलंबन रद्द नहीं किया जाएगा तब तक सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा। भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि अगर राज्य में कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी मुस्लिम लीग कोई विशेष विमर्श को बनाने की पुरानी पर पार्टी की वापसी की कोशिश करती है तो बीजेपी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि केरलम का हर बच्चा वीर सावरकर के देश के लिए किए गए बलिदान को जानता है। अगर कुछ लोगों को इससे दिक्कत है तो वे टीपू सुल्तान पर किताबें पढ़ सकते हैं। सुनिए उन्होंने क्या कहा।
दी हिस्ट्री ऑफ इंडिया वाज अटेम्प्टेड टू बी रिटेन बाय दी लेफ्टिस्ट एंड इस्लामिक हिस्टोरियंस। एंड आई वांट टू कॉशन द मुस्लिम लीग दैट दे शुड नॉट अटेम्प्ट टू गो डाउन दैट डायरेक्शन अगेन। दिस इज इंडिया, दिस इज केरलम। द हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया एंड हिस्ट्री ऑफ़ केरलम इज वेल अंडरस्टुड बाय एव्री इंडियन एव्री मलयाली। वहीं इस विवाद के बाद स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी कि एसएफआई ने भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एसएफआई ने क्विज की आंसर की में सावरकर को शामिल करने की आलोचना की और यूडीएफ सरकार पर भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में संघ परिवार की कहानी के लिए जगह बनाने का आरोप लगाया। हालांकि कांग्रेस की तरफ से इस मुद्दे पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। केरला में वंदे मातरम को लेकर भी राजनीतिक विवाद जारी है। केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया है जिसमें आजादी के दिन से जुड़े कार्यक्रमों के तहत वंदे मातरम को पूरा गाना के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद सीपीआई और ने आरोप लगाया है कि राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार संघ परिवार के राजनीतिक एजेंडे के आगे झुक गई है। इस वीडियो में इतना ही आप देखते रहिए जी यूपी उत्तराखंड।