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Skincare इंडस्ट्री में ये सब भी होता है! अंदर के शख़्स ने भेद ही खोल दिया, मचा बवाल!

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आराम से बैठिए। चायवा लीजिए और इस कन्वर्सेशन को सुनिए क्योंकि आज हम कोई भी मिथ छोड़ने नहीं वाले हैं। मैम चाय की बात मैंने बोल दी है बट आई वांट टू आस्क ठीक है ना पी लें चाय-वा या फिर उसमें कुछ दिक्कत है। अगर दूध वाली चाय कम पीनी चाहिए। कुछ लोग कहते हैं कि मेरी स्किन डस्की है या डार्क स्किन स्किन है तो फिर मुझे जरूरत नहीं है सनस्क्रीन की। इंडियंस को पिगमेंटेशन की प्रॉब्लम सबसे ज्यादा है पूरी दुनिया में। जो कॉर्पोरेट के लोग हैं जो बहुत ज्यादा डेस्क जो कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं उन्हें भी दो बारी लगाना चाहिए। प्लीज Instagram की हैक वाली जो वायरल हुक वाली 7 दिन में पिगमेंटेशन चली जाएगी वैसी वाली सनस्क्रीन बिल्कुल मत खरीदिए जो ₹50-50 हजार खर्च जाते हैं मगर ₹500 की सनस्क्रीन रेगुलरली नहीं लगाते। बहुत सारे फेस मास्क आते हैं लोग रात को लगाते हैं। सुबह उठते हैं और हटाते हैं एंड यू नो दिस स्किन इज लाइक ग्लास। आप स्किन की गोरेपन के पीछे ना भागे। आप स्किन की हेल्दी स्किन लुक के पीछे भागे। 10 स्टेप्स आपको नहीं करने हैं। मैं भी नहीं करती हूं।

मगर रोजाना तीन स्टेप करने पड़ेंगे अगर आपको तीन स्टेप फिर आप बता दीजिए कि अगर किसी को कुछ नहीं करना चाहिए शॉर्टकट व्हाटएवर इज बेस्ट जैसे गोरी के अंदर लोगों की किडनी डैमेज आ गया 18 लेडीज का हमने न्यूज़ में पढ़ा है अभी स्किन प्रोडक्ट का पीने से ज्यादा हार्मफुल होते हैं पैसिव जैसे अगर यहां पे कोई पी रहा है और मैं साथ बैठी हूं तो मेरे को ज्यादा हार्म आएगा तो हम अगर इंटरनेट खोल के देख तो ऐसा लगता है कि हर चीज का इलाज कुछ लगाने से हो जाएगा कि आज की डेट में Google ने Instagram ने को से भी ज्यादा ज्यादा कंफ्यूज कर दिया है। एवरेज इंडियन घर में बाथरूम में ऐसी कौन सी तीन चीजें हैं जो हम लगा रहे हैं यूज़ कर रहे हैं बट करनी नहीं चाहिए और बहुत टाइम से कर रहे हैं। हेयर ऑयल ओके ये बहुत कंट्रोवर्शियल होने वाला है।

मैंने जिंदगी में फ्राउन ज्यादा नहीं किया मगर जो लोग फ्राउन करते हैं गुस्सा करते हैं तो यहां 11 बन जाता है। यस तो ये आ जाता है। आपका मुझसे ज्यादा क्यों है? राखी सावंतिफिकेशन ऑफ इंडियन सेलिब्रिटीज। बैरक ओबामा को देखिए तो आप मुड़ के देखेंगे। मगर उनका स्क्वायर जॉ है। ब्रैट पिट को देखिए। एंड अगर मैं कह सकती हूं तो नरेंद्र मोदी जी को देखिए। केतन अग्रवाल केस के बाद मैं आपको बताती हूं। रिसेंटली मेरे पास कोई पेशेंट आए वो बोल्ड है। वो सिर्फ 19 साल का है। वो कॉलेज जाने से मना कर चुका है। वो कह रहा है कि मैं जाऊंगा ही नहीं। हेयर थिनिंग बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो रही है आजकल यंग मैन में। है ना? क्यों? पहली बात और मैम क्या तरीका है इससे डील करने का? सबसे ज्यादा पहली बात जो लोग काफी सारी लड़कियां जिनकी शादी होने वाली होती है वो इंजेक्शंस ले रही हैं पतला होने के लिए अचानक से शादी से पहले। वो जो स्किन के जो इन्फ्लुएंसर्स, ब्यूटी इन्फ्लुएंसर्स बन गए हैं जो एडवर्टाइजमेंटस कर रहे हैं, डिस्क्लेमर्स नहीं दे रहे हैं। कोई प्रूफ नहीं है कि वो उस तरह के ट्रीटमेंट में उनके ट्रैप में ना जाएं। नानी बोलेंगी हल्दी लगा लो, दादी बोलेंगी बेसन लगा लो, बुआ बोलेंगी रोज वाटर लगा लो और Instagram बोलेगा कि 10,000 का कोई सीरम लगा लो वरना सब गड़बड़। लेकिन हम सब कंफ्यूज्ड हैं। एक चीज में हम सब बड़े कंफर्म्ड हैं कि पिंपल हो तो उसको फोड़ दो। गलत बिल्कुल गलत। और ऐसी बहुत सारी गलत चीजें हम ना करें। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ दीपाली भारद्वाज से। उनकी एक बुक आई है द स्किन केयर गाइड दैट विल चेंज योर लाइफ। इट इज बाय पेंग्विन। डॉक्टर ने हमें बताया दिस बुक इज बाय पेंग्विन। इट इज ऑफ ₹399। सो अगर आपको स्किन केयर का शौक है और यू नो इतनी सारी बातचीत चलती है ना Instagram पे, इंटरनेट पे कि आप कंफ्यूज हो जाएंगे कि क्या माने क्या ना माने। इसीलिए आराम से बैठिए, चायवा लीजिए और इस कन्वर्सेशन को सुनिए क्योंकि आज हम कोई भी मिथ छोड़ने नहीं वाले हैं। डॉक्टर दीपाली थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग अस। । थैंक यू श्रुति। कैसे हैं मैम आप? बहुत बढ़िया। मैम चाय की बात मैंने बोल दी है बट आई वांट टू आस्क। ठीक है ना? पी लें चाय वाले या फिर उसमें कुछ दिक्कत है? बिल्कुल चाय पी सकते हैं। मगर दूध वाली चाय कम पीनी चाहिए। हम दूध वाली चाय कम पीनी चाहिए। क्यों? क्योंकि उसमें हमें दूध का कोई बेनिफिट तो मिलने नहीं वाले। और दूध काफी हद तक अब आप देखेंगे 40 प्लस लोगों के लिए 35 प्लस लोगों को सूट ही नहीं करता।

साथ सब हो चुके हैं। तो जो पाउडर वाला मिल्क फ्री मिल्क है उसमें ना कोई कैल्शियम है ना कुछ है। और उसकी जगह अगर आप ब्लैक कॉफी पे शिफ्ट हो पाए तो आपको पता है आपके हेल्थ के कितने बेनिफिट्स होंगे? मैम जैसे आपने बोला कि अब लोग हो गए हैं। हो गए हैं का क्या मतलब मतलब क्या पहले नहीं थे या ऐसे क्या शिफ्ट हुए हैं जिसकी वजह से ऐसा हुआ है? सबसे पहले अब जो दूध है उसमें केमिकल और होने के बहुत अधिकतर चांस हो चुका है। पपुलेशन बस्ट हो चुकी है और जो दूध इतना है नहीं जितने लोग हैं। तो अगर आप गाय माता जी को लगाएंगे उससे दूध बन रहा है तो आपको भी पता है वो हमारे बॉडी के लिए रियल दूध तो है ही नहीं। सिंथेटिक दूध काफी हद तक मार्केट में आ चुका है। सेकंड प्रॉब्लम ये हो गई है कि हमारे देश में स्पेशली मल्टीबैक्टीरिया रेजिस्टेंट हमारे देश में मल्टी रेजिस्टेंट बहुत आ चुके हैं। क्योंकि कोई भी आपको केमिस्ट्री ही बोल देगा अरे सर्दी जुखाम हो रहा है। ये खा लो। तो आपने अच्छे बैक्टीरिया जो आपके बॉडी के बॉडीगार्ड्स थे वो मार दिए हैं ओवर जनरेशंस। तो इसीलिए लैक्टोज़ इनटॉलरेंस बहुत कॉमन हो गई है। तो मैम मेरा पहला सवाल यही है कि आपके क्लनिक में जब लोग आते हैं ऐसा कौन सा क्वेश्चन है जो आप सुन के थक चुकी हैं कि मुझसे इतना ज्यादा पूछा जा चुका है आई डोंट व्हाट टू डू। मुझे लगता है सबसे ज्यादा है सनस्क्रीन। और लोगों को ये लगता है कि बारिश हो रही है। सनस्क्रीन ना लगाया जाए। और सब लड़कियों को यंगस्टर्स को इवन लड़कों को फिल्टर से जो फोटो खींचने का शौक है और उनको लगता है कि वो कोरियन के ड्रामा आपने श्रुति आपने के ड्रामा वॉच किया है कभी? मैम मैंने नहीं किया एक्चुअली आई एम नॉट द पार्ट ऑफ़ द कल्ट। अच्छा वी डोंट हैव द टाइम। मैंने के ड्रामा वॉच करना शुरू किया सिर्फ अपने अधिकतर पेशेंट्स की वजह से। और मैंने एक चीज नोट करी कि वाकई उसमें फिल्टर ही नहीं बहुत अच्छी स्किन होती है कोरियंस की। मैं कोरिया जाके भी आई हूं। जापान जाके आई हूं। दोनों जगहों के लोगों की जो स्किन की इतनी अच्छी और खूबसूरती है वो कोई सीक्रेट प्रोडक्ट नहीं है और वो सिर्फ और सिर्फ मैटर ऑफ इयर्स ऑफ डिसिप्लिन है। वो क्या खाते हैं कैसे लाइफस्टाइल बिताते हैं उसकी वजह से उनकी स्किन अच्छी है। मैम आपने दो बहुत इंपॉर्टेंट चीजें बोली। एक्चुअली आपकी बुक में जो चैप्टर्स हैं उस चैप्टर में से दो चैप्टर्स के बारे में आपने जिक्र किया एक्चुअली सनस्क्रीन एंड कोरियन स्किन।

कोरियन स्किन सॉरी। तो मैम सनस्क्रीन और कोरियन स्किन के बारे में अगर हम बात करें तो सबसे बड़ी नेशनल डिबेट यह है। धूप नहीं है सनस्क्रीन नहीं लगाएं। कुछ लोग कहते हैं कि मेरी स्किन डस्की है या डार्क स्किन स्किन है तो फिर मुझे जरूरत नहीं है सनस्क्रीन की। और मैम इतने सारे ब्रांड्स हैं ना बाजार में। अगर कोई लगाने के लिए निकले खरीदने के लिए तो पता ही नहीं है क्या करें क्या ना करें। तो मैम पहला क्वेश्चन तो मेरा ये है प्लीज क्लेरिफाई टू आवर व्यूअर्स कि सनस्क्रीन लगाना कितना जरूरी है? किसको जरूरी है और किस ऐज से जरूरी है? एज की बात करें तो एंटी एजिंग तब शुरू होती है जब आपका रिंकल बनना शुरू होता है। रिंकल बनने के बाद जब आपने करा तो वो तो ट्रीटमेंट हो गया। तो सनस्क्रीन आपका पहला स्टेप है कि आपके फेस पे रिंकल्स कम बने। दूसरी बात यह हुई कि बाहर धूप हो, बारिश हो या स्नो हो, दोनों के अंदर बारिश में और स्नो में दोनों में धूप ज्यादा रिफ्लेक्ट करती है। स्विमिंग पूल में आपको सनस्क्रीन लगाना जरूरी है अगर आप दिन में स्विमिंग करते हैं या वहां बहुत लाइट्स हैं स्टेडियम टाइप की। सो वहां पे आपको रिफ्लेक्शन ज्यादा आएगी क्योंकि पानी और स्नो में लाइट रिफ्लेक्ट्स। तो सनस्क्रीन लगाना जो कि एक ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन है वो आपको लगाना है। ब्रॉड स्पेक्ट्रम से मतलब होता है जिसमें और दोनों का फिल्टर हो। और ये सब क्यों लगाना है? इसीलिए सनस्क्रीन लगाना है क्योंकि इंडियंस को पिगमेंटेशन की प्रॉब्लम सबसे ज्यादा है पूरी दुनिया में। सिंपल। तो मैम जैसे सनस्क्रीन में हम लोग हैं। हम लोग मान लीजिए जैसे आज बहुत बारिश है। बाहर तो धूप थी नहीं।

मैं लगा आप लगा के मैं भी लगा के आई हूं। गुड गर्ल। या बस सुन लिया समझ लिया तो लगा लिया था। पर इसका लॉजिक समझना चाहूंगी क्योंकि मैं पूरे दिन यहां काम करूंगी। यहां पे सनलाइट नहीं होगी। पूरे दिन हम एसी रूम्स में बैठे हैं। काफी सारे यंगस्टर्स जो कॉर्पोरेट में काम करते हैं। पूरे दिन में उनका कोई सन से रिश्ता नाता है नहीं। ऐसे में सनस्क्रीन यूज़ करना चाहिए। ब्रैट पिक ब्रैट पिट जो इतने फेमस एक्टर हैं उनकी बहुत अच्छी ऑटोबायोग्राफी है। मैंने 15 साल पहले पढ़ी थी। एंड उस वक्त उन्होंने उसमें उन्होंने लिखा था कि इवनिंग इज माय ब्लैक बेरी टाइम। मैं उस वक्त अपना सनस्क्रीन लगाता हूं। देखिए सनस्क्रीन आपको और लाइट से बचाता है। इस वक्त जिस लाइट में श्रुति जी आपने मुझे बिठाया हुआ है। इतनी बड़ी-बड़ी सी लाइट है आपके सर के ऊपर। इससे भी मेरे स्किन पे रिंकल्स और पिगमेंटेशन, अर्ली एजिंग के चांसेस बढ़ते हैं। तो सनस्क्रीन जो कॉर्पोरेट के लोग हैं जो बहुत ज्यादा डेस्क जो आप कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं उन्हें भी दो बारी लगाना चाहिए। सुबह घर से चलने से पहले और एक बारी लंच से पहले। और चेहरा ना भी धो आप। अगर आपके पास टाइम नहीं है स्पेशली बॉयज के लिए। चेहरा नहीं भी धोना है।

चेहरे पे स्प्रे सनस्क्रीनस आते हैं आजकल तो मैट जेल तरह-तरह के सनस्क्रीन आते हैं मार्केट में। मगर रिक्वेस्ट यह करूंगी जो आजकल में चल रहा है जैसे वह गोरी स्किन प्रोडक्ट। प्लीज Instagram की हैक वाली जो वायरल हुक वाली 7 दिन में पिगमेंटेशन चली जाएगी वैसी वाली सनस्क्रीन बिल्कुल मत खरीदिए। सनस्क्रीन मामूली मैं तो कहती हूं एंटी एजिंग के लिए इतने लोग हैं इंडिया में जो ₹50-50 खर्च जाते हैं मगर ₹500 की सनस्क्रीन रेगुलरली नहीं लगाते। यस। एंड सनस्क्रीन हैज़ टू बी अ मेडिकेटेड प्रोडक्ट। मेडिकेटेड से मतलब है कॉस्मोसटिकल प्रोडक्ट। उस तरह की कंपनी जो हमारे लिए दवाइयां बनाती हैं उनके पास ऐसे इंग्रेडिएंट्स होते हैं, तत्व होते हैं जो वाकई यूवी ए, बी और सी तीनों को ब्लॉक कर देते हैं और अच्छे सनस्क्रीनंस जनरली प्राइस इफेक्टिव होते हैं। सस्ते होते हैं। 500 से ₹700 की रेंज में आपको बहुत बढ़िया सनस्क्रीन मिल जाएगा। तो मैम जैसे आजकल आपको तो पता है इतने सारे ब्रांड्स आ चुके हैं कॉस्मेटिक्स में। तो काफी सारी कॉस्मेटिक कंपनीज़ सनस्क्रीन बनाती हैं। आपने कहा कि जो कंपनीज़ बनाती हैं उनके पास वो प्रोडक्ट्स होते हैं। तो अगर मान लीजिए आई एम अ पर्सन। मुझे कुछ नहीं पता है सनस्क्रीन के बारे में। मैं बाजार में जा रही हूं। आप मुझे एक इजी गाइड बता दीजिए कि आप ना ये देखिए और ये वाला सनस्क्रीन ले लीजिए। व्हाट हाउ शुड आई मेड दैट? मेक दैट डिसजन कि मुझे ये खरीद? ईजीएस्ट इज हम यूवी एंड यूवी बी ब्लॉकर ढूंढना है आपको। ब्रॉड स्पेक्ट्रम ढूंढना है। सनस्क्रीन को महंगा बेचने के लिए कंपनीज़ आपको कहेंगी कि इसके अंदर एसपीएफ 100 है तो उससे उनकी कॉस्ट बढ़ा देते हैं। उसमें ट्रैप में मत जाएं। आज आपने हमें लल्लन टॉप पे देखा है। उस बात का आप एडवांटेज लें। एसपीएफ 25 मोर देन इनफ है इंडियन स्किन के लिए। री-अप्लाई नहीं किया तो 100 एसपीएफ वाला भी आपको कोई काम नहीं देगा।

तो मतलब री एप्लीकेशन मैंने एक्चुअली आपकी जो बुक में चैप्टर है सनस्क्रीन वाला उसमें पढ़ा कि सनस्क्रीन के बारे में मैं बाद में बात करूंगी। पहले मैं बात करूंगी कि इसको दोबारा कितनी बार लगाना है। हाउेंट इज इट टू री-अप्लाई? इफ यू आर कंटीन्यूअसली इन द सन, यू री-अप्लाई इट एव्री थ्री आवर्स। अगर आप धूप में नहीं जा रहे हैं, कॉर्पोरेट जॉब में हैं जैसे यहां पे इतनी लाइटों में बैठे हैं तो इवन थ्री या फोर आवर्स में एक बारी दोबारा लगा लें तो आपके लिए ज्यादा अच्छा है। ओके। मैम आपने कोरियन स्किन की बात की थी। आई हैव नॉट सीन मैंने कोरियन स्किन कोरियन शोज़ नहीं देखे बट उन लोगों की स्किन देखी है। और आपकी बुक में एक चैप्टर बहुत प्रोमिनेंटली डेडिकेटेड है।

ग्लास स्किन को लेके। ऐसा लगता है बहुत सारे फेस मास्क आते हैं। लोग रात को लगाते हैं। सुबह उठते हैं और हटाते हैं। एंड यू नो दिस स्किन इज लाइक ग्लास। क्या वो एक तो इंडियन स्किन के लिए पॉसिबल है? मैं ये पूछना चाहती हूं। यस इट इज पॉसिबल। बट नो इट इज नॉट पॉसिबल। ये पॉसिबल नहीं है महंगे प्रोडक्ट से या कोरियन प्रोडक्ट से। देखिए हमारी स्किन काफी हद तक कोरियन स्किन जैसी है। मगर हमारे साथ प्रॉब्लम है तो पिगमेंटेशन की। हमारे साथ प्रॉब्लम है तो पोल्यूशन की। हमारे साथ प्रॉब्लम है तो डाइट की। आपको कोरियन डाइट की तरफ जाना पड़ेगा जिसको डाइट कहा जाता है। वो अलग तरह के रंग खाते हैं। वो अपने खाने को गैस पे ना के बराबर चढ़ाते हैं। बट मैम क्या वो इंडियन लाइफस्टाइल के लिए ठीक है? क्योंकि जैसे हमारे खाने का एक तरीका है। हमारे खाने के कुछ प्रोडक्ट्स हैं जो उनके और हमारे बहुत अलग है। तो वो जो ग्लास स्किन अचीव करना चाहते हैं और लोग मतलब प्रोडक्ट्स के पीछे भी भागते हैं।

रूटीन के 10 स्टेप स्किन केयर रूटीन जो बोलते हैं। मैं सोच रही थी आप पहुंच जाएंगे। तो 10 स्टेप सीम्स लाइक कि मैं कैसे करूं? किसके पास इतना टाइम है? मैं भी नहीं कर पाती। बट मेरे बहुत पेशेंस हैं। मैं आपको मजाक में नहीं कह रही हूं बट ओपीडी में 15 साल से देख रही हूं। ये कोई जादू या ऐसी कोई मिरेकल चीज नहीं है। बहुत लोग आपके और मेरे जैसे नहीं है। वो बहुत ज्यादा रूटीनंस करते हैं। जैसे आपने कहा शी ये शीट मास्क कितना ज्यादा कॉमन हो गया है। सो मैं सबको यही कहती हूं। आप स्किन की गोरेपन के पीछे ना भागे। आप स्किन की हेल्दी स्किन लुक के पीछे भागे। अपनी स्किन को हेल्दी बनाइए। हेल्दी स्किन इज द न्यू फेयर स्किन। सिंपल। और कभी भी स्किन को परफेक्शन की तरफ ना ले जाएं। आप यह मत सोचें आपकी स्किन परफेक्ट हो सकती है। हेल्दी आपको अपनी स्किन अचीव करनी है। सबसे बड़ी बात सबसे बड़ा ऑर्गन आपको हैरानी होगी। इज ऑफ कोर्स स्किन।

आपको आंखें दिख रही है, नोज दिख रहा है, लिप्स दिख रहा है। आपको बाकी पूरी स्किन दिख रही है। आपको मेरा जिगर, दिमाग, दिल नहीं दिख रहा है। मगर इनमें से किसी में कोई दिक्कत आएगी तो वो सबसे पहले स्किन पे आती है, त्वचा पे आती है। सो टारगेटिंग हेल्दी स्किन इज हेल्दी बॉडी। और हेल्दी स्किन के लिए सिर्फ आप 10,000 20,000 के प्रोडक्ट से नहीं हेल्दी स्किन लेने वाली हैं। आपको एक अच्छा रूटीन बनाना पड़ेगा। 10 स्टेप्स आपको नहीं करने हैं। मैं भी नहीं करती हूं। मगर रोजाना तीन स्टेप करने पड़ेंगे अगर आपको तीन स्टेप फिर आप बता दीजिए कि अगर किसी को कुछ नहीं करना चाहिए। शॉर्टकट व्हाटएवर इज बेस्ट बाय द डॉक्टर। कि यू कैन टेल मी द बेस्ट हम सबको कि तीन स्टेप अगर करने हैं और अफोर्डेबल ये नहीं कि किसी के मैम बहुत सारे लोगों के पास टाइम नहीं है या फिर इसको इतना टाइम नहीं देना चाहते। तो क्या तरीका है? क्या वो तीन स्टेप्स हैं?

श्रुति सबसे जरूरी है मैं दिल्ली में रहती हूं। तो यहां सबसे ज्यादा पोलशन है पूरी दुनिया में सबको पता है। तो उसमें आपको लड़ने के लिए अपनी स्किन जो है ना हमारा जो सबसे बड़ा ऑर्गन है वो अंदर से भी हमारे शरीर का ध्यान देता है और बाहर से भी। बाहर से वो रोज पोल्यूशन से बचाता है हमें। सो प्लीज सुबह शाम नहाएं। अगर आप लोकल ट्रांसपोर्ट से जाते हैं शाम को बारिश के पानी को अपने शरीर पे ना रहने दें। ऑफिस के लिए एक एक्स्ट्रा चप्पल रखें। पता है आज आपको आपके यहां आने के लिए मैं एक्चुअली यही शूज जो पहन के आई हूं गाड़ी में प्लास्टिक शूज थे मेरे पास ताकि ज्यादा देर मेरी लेदर के शूज गीले ना हो। सो ये छोटे-छोटे चेंजेस हैं जो हमें करने चाहिए सबको। सबसे जरूरी तीन स्टेप में आ जाते हैं कि सुबह आपको दिल्ली के पोल्यूशन के लिए या कहीं भी अगर आप पोल्यूटेड सिटी में हैं, पहाड़ों में नहीं रहते हैं। खुशनसीबी नहीं है अभी।

तो आप प्लीज एंड प्लीज सुबह कोई सीरम लगाएं। अगर आपकी फेस ऑयली है तो विटामिन बहुत अच्छा है। ओके? है । सुबह किसी भी ठीक-ठाक कंपनी का लगा लें। 300 मात्र ₹200 से शुरू हो जाता है। उसके ऊपर जैसे मैंने कहा ₹500 की मेडिकेटेड बेस्ड सनस्क्रीन जो ब्रॉड स्पेक्ट्रम है। सुबह का रूटीन हो गया। रात को आप घर आए चेहरा धोना जरूरी है। अगर आप महिला हैं घर पे ही रहती हैं। हाउस मेकर है वो भी बहुत बड़ा काम होता है। तो खाना बनाते वक्त चेहरे पे पानी जरूर डाल लें। उससे थोड़ा सा ह्यूमिडिटी सा बन जाता है स्किन के अंदर तो पिगमेंटेशन के चांस कम हो जाते हैं। शाम को चेहरा धोने के बाद रात को अगर आप 30 प्लस हैं तो कोई सीरम उसके बाद मॉइस्चराइजिंग।

अगर आप 30 से कम है तो सिर्फ मॉइस्चराइजिंग भी चलेगा। और इसके ऊपर जो थर्ड स्टेप आया वो यह हुआ कि आपकी स्किन पर कोई भी प्रॉब्लम है आपका आइब्रो कम है, पिगमेंट आ गया है, पिंपल आ गया है, गड्ढा आ गया है, कुछ भी आपके पास मार्क है तो उसके ऊपर आपको वो अपना ट्रीटमेंट वाला क्रीम लगाना है। मगर फिर वही बात श्रुति इसको आपको Instagram से नहीं करना है। Instagram से रिसेंटली मेरे पास एक पेशेंट आता है। सोचिए वो अपने साथ लेके आया है अपने के और वो मुझे कह रहा है कि डॉक्टर आप लगा दीजिए। आप कॉस्ट बता दीजिए। खुद से पेशेंट आपके पास इंजेक्शन लेके आए हैं। किस चीज का? यह कहलाई जाती है। मगर मैं उनको बोल-बोल के थक गई। एव्री ड्रिप इज नॉट ब्यूटी ड्रिप। आप देखिए कितने लोगों की जान जा चुकी है हमारे देश में इस तरह के से। सबसे जरूरी होता है इन आईवी के अंदर कि आपका जो कोल्ड चेन है वो मेंटेन होना चाहिए। जो मैन्युफैक्चरर है वो जान जाना पहचाना होना चाहिए। यू कांट जस्ट ट्रस्ट । वो क्या हो? जैसे दिस इज वेरी इंटरेस्टिंग। वो किस लिए लगवाते हैं? लोग क्यों चाहिए होती है वो ? श्रुति इसके अंदर तो पिछले 10-15 साल से चल रहा है मार्केट में। कोई नई चीज नहीं है। के बाद विटामिन सी और उसके साथ l ये बहुत कॉमन है। मगर अब जो नेक्स्ट लेवल

आने वाली है जो ऑलरेडी अमेरिका और डेवलप नेशंस में आ चुकी हैं। उसको नैट कहा जाता है। होता है। वही चीज है जो हमारे शरीर को अंदर से करती है। सेल्स को जवान करती है। यह भी काफी हद तक इंडिया में आ चुका है। जिसके रिजल्ट्स फैंटास्टिक हैं। मगर बार-बार यही कहूंगी कि Instagram के वायरल हुक्स के द्वारा इस तरह की बिल्कुल रिस्क ना लें। जैसे गोरी के अंदर लोगों की आ गया। 18 लेडीज का हमने न्यूज़ में पढ़ा है अभी गोरी स्किन प्रोडक्ट का। मैं आपको बताऊं ग्लटाथन से सिर्फ डेथ ही नहीं इंडिया में अगर आप गलत लगा लें तो भी हो सकता है। मगर वो चीज है जो सुपर है। इसको के केसेस के पेशेंट्स को दिया जाता है कि की के साइड इफेक्ट्स कम हो। तो मैम ये जो आपने बताया ये हमारे क्या स्किन केयर प्रोडक्ट्स में होता है डेली के? यस। यह हमारे खाने में भी होता है। मैं सबको ये कहती हूं कि आपका खाना ही देखिए आपकी जो स्किन की चमक है ना वो वाकई पेट के अंदर है। वहीं शुरू होती है।

जिसने अच्छा खाया उसकी स्किन पे हमेशा चमक आएगी। ओके। सो यू हैव टू ईट ब्रोकली खाइए। ब्रोकली जो है मगर ब्रोकली को खाने का भी एक तरीका है। आपको मैं श्रुति आज बताती हूं। ये मैंने भी अपने बुक को लिखने के द्वारा उस वक्त सीखा। हालांकि 15 साल हो गए बट हमें हर रोज सीखना है सबको। ब्रोकली आप जब भी बनाएंगे ना तो पहले आप ब्रोकली को धो लेते हैं सब लोग। उसके बाद काट दीजिए और छोड़ दीजिए। उसको सांस लेने दीजिए। 30-40 मिनट बाद ही उसको सटे ग्रिल या आपको जो भी करना है करिए। और हां अगर आप उसके साथ मस्टर्ड ऐड कर सकते हैं तो उसके अंदर जो भी तत्व हैं ना है, विटामिनस है, आयरन है, सेलेनियम है सारे जो मिनरल्स हैं ये ऑलमोस्ट 30 टाइम्स बढ़ जाते हैं सिर्फ मस्टर्ड ऐड करने से। तो मैम क्या ये सच है कि जैसे आपने बताया करके है । का मतलब जो एज करने से रोकती है जो चीजें बिल्कुल देखिए ये जो पोलशन है जो लोग सिगरेट पीते हैं मगर पीने से ज्यादा हार्मफुल होते हैं पैसिव स्मोकर जैसे अगर यहां पे कोई पी रहा है और मैं साथ बैठी हूं तो मेरे को ज्यादा हार्म आएगा जो धुआं होता है उसके अंदर इतने ऑर्गेनिक कंपाउंड्स होते हैं इतना सुपर ऑक्साइड क्रिएट कर देता है कि वो मेरे सेल्स को मारने पे आ जाता है जो हमारे सेल की मेन एनर्जी बॉडी होती है ना उसकी होते ही पोल्यूशन से से है केमिकल से है तो उन सब से बचाव उन सबको धोना जैसे हम शरीर को धोते हैं। हम सब्जियों को धोते हैं, कपड़ों को धोते हैं। अपने शरीर को अंदर से धोता है । मैम जैसे आपकी बातें सुनकर और यह बुक पढ़कर लगा कि इट्स दिस इज स्किन साइंस है ना? और अगर आज कोई जैसे बुक्स नहीं पढ़ रहे हैं या फिर किसी डॉक्टर से बात नहीं हुई है। तो हम अगर इंटरनेट खोल के देखें तो ऐसा लगता है कि हर चीज का इलाज कुछ लगाने से हो जाएगा। मैम क्या ये पॉसिबल है? क्योंकि जैसे आपने बताया कि आप डाइट देखिए आपकी सेल्स के अंदर इट साउंड्स लाइक कि इंटरनली क्या चल रहा है वो ज्यादा जरूरी है।

इज इज दैट राइट? आपने वही कहा जो मेरा रियल रीजन था ये बुक लिखने का। रीजन इज कि आज की डेट में Google ने Instagram ने पेशेंट्स को डॉक्टर से भी ज्यादा कंफ्यूज कर दिया है। ऐसे ऐसे नुस्खे आ गए हैं कि लोग अपने आप को वाकई स्किन को सेंसिटिव करते जा रहे हैं। स्किन को खराब करते जा रहे हैं। इतनी सारी चीजें यूज़ करने के बाद वो एक डर्मेटोलॉजिस्ट पे पहुंचते हैं कि वाकई दुख होता है और स्पेशली ये वो लोग भी कुछ होते हैं श्रुति जिनकी सिर्फ सैलरी 30-40000 है जिसमें से उन्होंने आधे से ज्यादा पैसे स्किन केयर पे खर्च दिए हैं। जस्ट इमेजिन मतलब मैम क्यों मतलब एक्चुअली मैं ना इस बुक से इंट्रोडक्शन की पहली लाइन पढ़ना चाहूंगी। ऑल ऑफ़ अस आर ब्यूटीफुल। वी हैव यूनिक फीचर्स दैट सम हाउ फिट आवर फेसेस परफेक्टली। मैम आपने यह लिखा है कि हम सब खूबसूरत हैं अपने यूनिक वे में।

लेकिन फिर भी देखने को मिलता है कि एक डेफिनेशन बन गई है। ऐसी आंखें होती हैं तो वो सुंदर है। ऐसी स्किन है, ऐसा स्किन कलर है, ऐसे लिप्स का कलर है। तो मैम लोग आपके अगर डार्कनेस है, पिंपल है या कोई गड्ढा है तो वो ठीक नहीं है। तो मैम जब यूनिकनेस ब्यूटीफुल है तो हम एज अ सोसाइटी एक ही तरफ क्यों भाग रहे हैं? एक स्टैंडर्ड की तरफ क्यों भाग रहे हैं? देखिए, अब मुझे नहीं लगता श्रुति जो यंगस्टर्स हैं ना, वह स्टैंडर्ड की तरफ नहीं भाग रहे हैं। दे आर बिकमिंग स्मार्टर जो स्पेशली 20 के जेंजीस हैं। दे ऑल वांट वो फिल्टर वाली स्किन। मगर वो यह नहीं समझ पा रहे हैं कि फिल्टर में जो उनके फोन से जो अचीवेबल स्किन होती है, उसके लिए उनको डाइट अच्छी करनी है, स्लीप अच्छी करनी है। इस किताब को मैंने इसीलिए लिखा है कि वो स्किन को समझे। अपनी, स्किन की साइंस को समझें। यह सिर्फ वायरल हुक और ट्रेंड से किसी की स्किन अच्छी नहीं होगी। ये किताब कोई 30 सेकंड Instagram इन्फ्लुएंसर वाला इंफॉर्मेशन नहीं दे रही है। ये आपको मेरे 15 साल का ज्ञान दे रही है। सो मैंने इसके अंदर ऐसे-ऐसे नुस्खे डाले हैं। इट इज नॉट जस्ट कि आपको l मेजरमेंट्स बट आपको मैंने ऐसी टिप्स दे दी हैं जिससे आप वाकई अपनी स्किन को बेहतर कर सकते हैं घर बैठे हुए। एंड हमने इसमें ओलंपिक भी डिस्कस किया है जो बहुत कॉमन हो चुका है आज। उस बारे में भी हम बात करेंगे। एक तो जैसे आपने कहा कि आजकल यंगस्टर्स अलग हो गए हैं। आज लोग 10 साल की उम्र में इवन यंगर देन दैट कंटेंट क्रिएटर्स हैं। मैं देखती हूं कि हम जब 10 साल के थे या 15 साल के थे हम वो मेकअप एप्लीकेशन नहीं करते थे। हमको पता भी नहीं था कि लिपस्टिक, काजल, मेकअप फाउंडेशन क्या होता है। आज बच्चे कैमरा के सामने हैं और मेकअप एप्लीकेशन इतना ज्यादा हो चुका है। मैम इज दिस वरिंग? क्या उन बच्चों की स्किन के लिए वो ठीक है? पेरेंट्स इसके लिए क्या कर सकते हैं? हम्। किस तरह का ध्यान देने की जरूरत? क्योंकि मैं तो इसमें पेरेंट्स को भी ब्लेम करती हूं। वह बेचारे मगर नहीं रुक पाते मगर पैसे तो वहीं से आ रहे हैं भाई। है ना? सो मेरी तो मदर बहुत स्ट्रिक्टर थी। अगर मैं उस उम्र में उनसे पैसे मांगती इस तरह की चीजों के लिए तो मुझे तो पक्का जैसे हम तो पंजाबी लोग हैं तो कहती चित्र पड़ेंगे। वो जनरेशन चली गई है शायद। मगर पेरेंट्स को ब्लेम करने की जगह हां बच्चों को ये चीज बहुत जरूरी है रियलाइज करनी। क्योंकि लिपस्टिक ज्यादा लगाएंगे, डार्क कलर लगाएंगे तो आपके लिप्स काले हो जाएंगे। ये चीजें इनको समझनी ही पड़ेंगी। तो मैं तो होप करूंगी कि आपके चैनल के इस वीडियो को काफी लोग देखें ताकि वो समझे कि किस तरह आपकी लाइफ को खराब करते हैं। मैम क्या एज है कि तब सेफ माना जाएगा कि हां अब आप मेकअप एप्लीकेशन या स्किन केयर एप्लीकेशन शुरू कर सकते हैं। क्योंकि हर कोई यूज़ कर रहा है एक तरीके से। एज नहीं है। इसको कैसे लगाया जाए वो है। साइंस है। आपको लिपस्टिक लगानी है। आप पहले Vaseline लगाइए। आप लाइट कलर की लिपस्टिक लगाइए। अगर आपको किसी पार्टी में जाना है, आप डार्क लिपस्टिक लगाती हैं, तो पार्टी से निकलती गाड़ी में बैठती निकाल दीजिए। बहुत सारे बेसिक नुस्खे होते हैं। आप मेकअप लगाने की शौकीन है तो बहुत बढ़िया बात है। लगाएं मगर साइंटिफिकली लगाएं। मेकअप लगाने से पहले आपका बेस में सनस्क्रीन होना चाहिए। जी हां। आप मतलब चौंकने वाली बात नहीं है ये। मगर वाकई सच्चाई है, साइंस है। मेकअप से पहले सनस्क्रीन। राइट? आप रात को डिनर पे भी जा रही हैं और आपको तब मेकअप लगाना है। आपकी डेट है, शादी है, कोई भी इवेंट है। आपको पार्टीज पे जाना है। सो पहले सनस्क्रीन बिकम्स द बेस। उसके ऊपर आप बेस लगाएं। उसके ऊपर आप अपना मेकअप करें। पार्टी से निकलते ही आपके पास गाड़ी में सिंपल एक बोतल आएगी। ₹100 की स्प्रे बोतल वह आप अपने पर्स में रख सकते हैं। उसमें सिंपल पानी डाल सकते हैं।

थोड़ा अपने आपको ज्यादा प्यार करना है। रोज वाटर डालिए। रोज वाटर से एलर्जी है तो कुकुंबर वाटर डालिए। जो भी आपने वाटर डाला है उसको तुरंत स्प्रे करके आपको टिश्यू से क्लीन करना है। वेट वाइप्स में होता है वो नहीं यूज करना है। आपको इस तरह से वेट वाइप खुद क्रिएट करना है। वो बहुत जरूरी है। तुरंत वो आपने हाइड्रेट करने के बाद डबल क्लीज़िंग करके ही आपको मेकअप रिमूव करना है। ये सब साइंस की बातें हैं। स्किन केयर इज एक्चुअली साइंस। जिसने अपनी स्किन समझ ली उसने अपनी स्किन सुधार ली। मैम हम लोगों के घर में आपको पता है इंडियन हाउसहोल्ड में नुस्खे ना हो ऐसा हो नहीं सकता। और आपका एक चैप्टर भी है होम इज वेयर द रेमेडी इज। राइट?

तो मैम मैं ये पूछना चाहती हूं कि एक एवरेज इंडियन घर में बाथरूम में ऐसी कौन सी तीन चीजें हैं जो हम लगा रहे हैं यूज कर रहे हैं बट करनी नहीं चाहिए और बहुत टाइम से कर रहे हैं। हेयर ऑयल ये बहुत कंट्रोवर्शियल होने वाला है। बिल्कुल मगर देखिए हेयर ऑयल आपके लिए वो एक तरह का लिपस्टिक है। आपने लिप्स मैंने अभी लिपस्टिक लगाई है। मेरे लिप्स का ये नेचुरल कलर नहीं है। मेरा हालांकि ऐसा ही है। सिर्फ 10% डार्कर है। हेयर ऑयल लगा के आप अपने बालों में को छुपा देते हैं। को खाना देते हैं। अगर आपको लगाना है पोल्यूटेड सिटीज में तो लगा के आधे घंटे बाद बाल धोएं। महीने में एक दिन या दो दिन से ज्यादा ना करें। वरना वही साइकिल में आप फंसे रहेंगे। आपने तेल लगाया आपने सोचा कि आपके पास नहीं है । क्या बोल रही हैं डॉक्टर दीपाली और उसके बाद आपके बाल टूटते रहेंगे, टूटते रहेंगे और आप फिर डॉक्टर के पास पहुंचेंगे। दूसरा प्रोडक्ट जो काफी इंडियन बाथरूम्स में गलत पड़ा होता है वुड बी आई वुड से डड्रेंट। इवन डड्रेंट लोग अपने कपड़ों के पे नहीं डालते हैं। वो अपनी बॉडी पर डालते हैं और उनको पिगमेंटेशन हो जाती है बहुत कॉमनली। अधिकतर डड्रेंट्स के अंदर इतना हाई और इरिटेंट होता है जिसकी वजह से एलर्जी बहुत कॉमन है। सोच समझ के स्किन अनुसार ही इस तरह का प्रोडक्ट लेना चाहिए। वेल तीसरी चीज थोड़ी और कंट्रोवर्शलिस्ट होती है। बट जो मैंने 15 साल में सीखा है ना बहुत लोग अपने फेस पर बेसन लगाते हैं। मगर देखिए यह कोई क्वांटिटेटिव नहीं है।

आपको नहीं पता है कि आपको कितना लगाना है क्या है। और उम्र के साथ कहते हैं डॉक्टर मैंने तो पूरे साल लगाया बेसन। आप कह रही हैं मुझे बेसन से एलर्जी है। बेसन से लगा लगा के आपने अनक्वाटे क्वांटिटेटिव मतलब कितनी क्वांटिटी लेनी चाहिए तो उस हिसाब से ना करके आपने अपनी स्किन करके पिगमेंटेशन किया होता है। ये इंडियंस में बहुत कॉमन है जो उम्र के साथ मैंने काफी बारी देखा है। ओके। सो हेयर ऑयल, डड्रेंट एंड बेसन। बेसन या इस तरह के नुस्खे जो आपकी स्किन को एक्सफोलिएट करते हैं। मगर आपको यही नहीं पता कि उसको कितना क्वांटिटीज में लेना है। वो सूट तो कर सकती है। 10 साल 20 साल भी सूट कर सकती है या सिर्फ दो महीने भी सूट कर सकती है। मगर एक्सेसिव एक्सफोलिएशन की वजह से आपकी स्किन पे दोनों इन जगहों पे पिगमेंटेशन भी दे सकती है।

लेकिन मैम जैसे आपकी बुक में भी आपने बात करी कि दिस साइंस द स्किन साइंस लेकिन बहुत टाइम से हम लोग बहुत हजारों सालों से घर की चीजों का इस्तेमाल करते हैं। वह ऐसा तो नहीं लगता यूं ही तो नहीं होता होगा वह क्योंकि जनरेशंस का उसमें होता है जनरेशंस का। मैम मैं यह पूछना चाहती हूं कि बेसन, हल्दी, दही, मुल्तानी मिट्टी ये सब चीजें इतनी कॉमनली यूज़ होती हैं। इवन जैसे अ होली का फेस्टिवल होता है। पहले बोलते हैं कि पूरा एकदम तेल-वेल लगा के जाओ बालों में, चेहरे पर, हाथ पैरों पर। आने के बाद बेसन में दही मिला के बॉडी पे लगा लो वो कलर निकल जाएगा और बॉडी ठीक हो जाएगी। मैम कितना कितनी सच्चाई है इस बात में? कितना ठीक है। सच्चाई है। बहुत ज्यादा सच्चाई है। देखिए आप कभी-कभी अगर बेसन या कुछ भी लगाते हैं मुझे दिक्कत नहीं है। मुझे दिक्कत उन पेशेंट से है जो इनको रोजाना कर रहा है। रोजाना करने के लिए मतलब जो आपकी स्किन को खुरदरा कर रहा है और स्किन को उतार रहा है डर्टी स्किन को। उस वक्त तो आपको मजा आ रहा है, चमक आ रही है। मगर आप इंडियन स्किन है। आपको कभी भी पिगमेंट आ सकता है।

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