चेक बाउंस मामले में फंसे जानेमाने अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राजपाल यादव लगातार मामले में फंसते जा रहे हैं। अब खबर है कि अभिनेता राजपाल यादव की संपत्ति की नीलामी होगी। जानकारी के मुताबिक यूपी के शाहजहांपुर में राजपाल यादव की दो बड़ी संपत्तियों को नीलाम किया जाएगा। फिल्म अभिनेता के ऋण नहीं चुकाने पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया राजपाल यादव की बंडा स्थित 3.10 करोड़ की संपत्ति को नीलाम करेगा।
ऋण वसूली के लिए संपत्ति कुर्क कर नीलामी करने का नोटिस बैंक की ओर से शाहजहांपुर कचहरी के नजदीक स्थित उनके एक अन्य प्लॉट के बाहर भी लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक राजपाल की पत्नी राधा और मां गोदावरी पर बैंक का 16.61 करोड़ बकाया है। अपडेट यह है कि 9 सितंबर को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में उनकी दो संपत्तियां नीलाम की जानी है। धनराशि जमा नहीं करने पर मुंबई ऋण वसूली न्यायाधिकरण की ओर से नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं। बता दें कि राजपाल यादव पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मुंबई का 16 करोड़ 6164000 का बकाया है। हालांकि इन दो संपत्तियों की कीमत की बात करें तो यह 3 करोड़ 19 लाख 26000 की बताई जा रही है।
राजपाल यादव ने बैंक से यह कर्ज अपनी फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए लिया था। कर्ज की वसूली ना होने पर बैंक ने गिरवी रखी गई संपत्ति को कब्जे में लेकर नीलामी की प्रोसेस शुरू कर दी है। बैंक रिकॉर्ड के मुताबिक शाहजहांपुर में राजपाल यादव की दो प्रॉपर्टी हैं। इनमें से एक शहर में है और दूसरी गांव में जिनमें खेत और मकान शामिल है। खबर है कि यह नीलामी 9 सितंबर को ऑनलाइन की जाएगी। बता दें कि लोन के लिए राजपाल यादव ने राधा यादव और मां गोदावरी यादव की संपत्तियों को भी गारंटर के तौर पर गिरवी रखा था। इसी आधार पर बैंक ने संपत्तियों पर कारवाई शुरू की है। खबर यह भी है कि शाहजहांपुर के अलावा मुंबई में उनकी दूसरी संपत्तियों की नीलामी की भी प्रक्रिया चल रही है।
दरअसल साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए मुरगली प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से ₹5 करोड़ की राशि लोन में ली थी। अता-पता लापता बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। कथित तौर पर राजपाल यादव को आर्थिक नुकसान हुआ। कर्ज के रूप में ली गई कंपनी की धनराशि वे भी लौटा नहीं पाए। कंपनी ने राजपाल यादव के खिलाफ केस किया और साथ ही यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने लोन वापस करने के लिए जो कुछ चेक जारी किए थे, वह सभी बाउंस हो गए। एक्टर के खिलाफ चेक बाउंस का केस दर्ज किया गया। यह चेक फिल्म प्रोडक्शन के लिए दिए गए थे, लेकिन पैसे नहीं मिले। चेक बाउंस मामले में निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया था और 6 महीने की सजा सुनाई थी।
मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो पहले हाईकोर्ट ने अभिनेता की सजा को कुछ समय के लिए रोक दिया था लेकिन शर्त रखी थी कि वे कंपनी को पैसे चुकाएंगे। कोर्ट में कई बार वादा किया गया लेकिन राजपाल यादव ने बार-बार पैसे नहीं चुकाए। कोर्ट ने कहा था कि उनका व्यवहार बहुत गलत है और वे कोर्ट के भरोसे को तोड़ रहे हैं। कोर्ट में कई बार समझौता हुआ था। बार-बार राजपाल यादव ने पैसे देने का वादा किया था। मगर उन्होंने समय पर पैसे नहीं दिए थे। कोर्ट ने उन्हें कई मौके दिए थे, लेकिन हर बार वादा तोड़ा गया। 2 फरवरी को जस्टिस शरणकांता शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए कहा था कि अब और राहत नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने 2 फरवरी 2026 को राजपाल यादव को आदेश दिया था कि वे बुधवार यानी 4 फरवरी 2026 को आत्मसमर्पण कर दें। साथ ही एक्टर की इस बात को लेकर भी आलोचना हुई थी कि उन्होंने बार-बार कोर्ट का भरोसा तोड़ा है। हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद राजपाल यादव ने 4 फरवरी को सरेंडर नहीं किया था। उन्होंने इस मामले में और मोहलत मांगी थी मगर कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट की सख्ती और कोई मोहलत ना मिलने के बाद आखिर राजपाल यादव ने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ में आत्मसमर्पण कर दिया था। लेकिन 17 फरवरी 2026 को वे अंतरिम जमानत पर रिहा हुए थे।
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