जब उनको मालूम चला कि हम अन्न और जल दोनों का त्याग किए हैं तो हमारे टीम से संपर्क करके चिंता जताए और हम लोग का पहले तो आंदोलन को समर्थन किए और मोटिवेट किए और उन्होंने कहा कि जंतरमंतर में जब मैं प्रोटेस्ट में था सॉरी हंगर स्ट्राइक में तब जल का ग्रहण कर रहा था अन्न का नहीं तो आप जल का ग्रहण करिए तो हम उनको एक शर्त रखा कि अगर आप मेरे मेरे शर्त मानेंगे तभी मैं जल ग्रहण करूंगा कि जिस प्रकार आप जंतरमंतर से ऑल इंडिया के स्टूडेंट प्रोटेस्ट को अब सफल बनाने में सहयोग किए आप वादा कीजिए कि झारखंड के स्टूडेंट प्रोटेस्ट को भी आप तब तक सपोर्ट करेंगे जब तक हमारा आंदोलन सफल नहीं होता है।
हमने आने का भी आग्रह किया। तो उन्होंने कहा कि मेरा तबीयत अभी ख़राब है। अभी अपना तबीयत का रिकवरी कर रहे हैं। रिकवरी होने के बाद हम ज़रूर आएंगे। आश्वासन दिए हैं। लेकिन सरकार से भी आग्रह किए हैं कि आप उतना देर तक बच्चों को सड़क पे मत रखें। आप जल्द से जल्द इनकी मांगों को पूरी करें। दादा एएनआई आपकी बातों को लगातार देश भर में पहुंचा रहा है। क्या कहेंगे एएनआई को? क्या मैसेज देंगे?
जी आप लोग पूरे एएनआई टीम को आप लोग को दिल से धन्यवाद देते हैं कि आप लोग के वजह से ही हम लोग का ये प्रोटेस्ट का ये जो आवाज है पूरा देश तक पहुंचा लेकिन ये आप लोग से आग्रह भी है और उम्मीद भी है कि ये सत्ता तक जब तक ना पहुंचे तब तक आप हम लोग को साथ सहयोग देते रहिए। आपने अनशन नहीं तोड़ा लेकिन पानी पी लिया।
पानी पे अब मेरा हंगर स्ट्राइक जारी रहेगा। सोनम मानसून ने आपसे रिक्वेस्ट किया कि नहीं आंदोलन करना ऐसी कुछ हां वो बोले कि जल भी नहीं लेना वो के बराबर है तो आपको नहीं करना है आपको आंदोलन करना है और वो भूख हड़ताल के शर्त में जल ग्रहण करना वो नियम पे है