दिल के दौरे से गई थी मशहूर एक्टर की जान। घर में चल रही थी बड़े भाई के जन्मदिन की तैयारियां। छोटे भाई को अचानक पड़ा दिल का दौरा। बीवी समझती रही मजाक और एक्टर ने तोड़ दिया दम। खुशियों के माहौल में परिवार में पसरा मातम।
जी हां, जरा सोचिए। घर में जश्न की तैयारियां चल रही हो और अचानक मौत का मातम पसर जाए। ऐसा ही कुछ हुआ था 13 अक्टूबर 1987 को जब बॉलीवुड के लेजेंड्री प्लेबैक सिंगर और एक्टर किशोर कुमार को अचानक दिल का दौरा पड़ा था। महज 58 साल की उम्र में किशोर कुमार का निधन हो गया था। दुख की बात तो यह कि जिस दिन किशोर कुमार ने दम तोड़ा उसी दिन उनके भाई अशोक कुमार का जन्मदिन भी था।
किशोर ने अपने बंगले पर भाई के जन्मदिन की खुशी में दावत रखी थी। घर में जश्न की तैयारियां चल रही थी लेकिन पल भर में खुशियां तबाह हो गई। आज इसी किस्से के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। बता दें कि किशोर कुमार उम्र में अशोक कुमार से 18 साल छोटे थे।
हालांकि बावजूद इसके दोनों भाइयों के बीच दोस्ती का गहरा रिश्ता था। 13 अक्टूबर 1987 को किशोर कुमार ने बड़े भाई अशोक कुमार के 76वें जन्मदिन पर अपने बंगले गौरीकुंज में एक शानदार दावत रखने का फैसला किया था। कहा जाता है कि तब अशोक कुमार अपने जन्मदिन का जश्न नहीं मनाना चाहते थे क्योंकि कुछ महीनों पहले ही उनकी पत्नी शोभा का निधन हुआ था। लेकिन किशोर कुमार हर हाल में अपने भाई का जन्मदिन मनाना चाहते थे।
उन्होंने फोन कर अशोक को कहा कि वह जरूर आए क्योंकि उन्होंने उनके लिए एक सरप्राइज रखा है। किशोर के आखिरी लम्हों को याद करते हुए एक इंटरव्यू में उनकी पत्नी और एक्ट्रेस लीना चंद्रवारकर ने बताया था कि उस दिन किशोर कुमार घर पर ही थे। दोपहर के खाने के बाद वह और लीना हंसीज़ाक कर रहे थे। शाम 4:30 बजे के करीब अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। लीना के मुताबिक तब किशोर कुमार पीले पड़ चुके थे। लीना ने डॉक्टर को बुलाने की बात की। लेकिन किशोर ने कहा कि अगर तुमने डॉक्टर को बुलाया तो सचमुच दिल का दौरा पड़ जाएगा। इसके बाद किशोर कुमार दर्द से नीचे गिर पड़े। पहले तो लीना को लगा कि किशोर हमेशा की तरह मजाक कर रहे हैं क्योंकि वह अक्सर इस तरह की शरारतें किया करते थे।
लेकिन जब वो नीचे गिर पड़े और कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तब घर के स्टाफ ने देखा कि उनकी नब्ज़ नहीं चल रही थी। डॉक्टर्स को बुलाया गया लेकिन तब तक हार्ट अटैक से किशोर कुमार का निधन हो चुका था। उसी शाम अशोक कुमार, अनूप कुमार और कुछ करीबी मेहमान गौरी कुंज पहुंचने वाले थे।
लेकिन जन्मदिन की खुशियों की जगह उन्हें किशोर कुमार के निधन की खबर मिली। जिस सरप्राइज़ की बात किशोर कुमार अपने बड़े भाई से कर रहे थे, वह कभी पूरा नहीं हो सका। यह घटना पूरे परिवार के लिए गहरा सदमा बन गई।
अपने ही जन्मदिन पर छोटे भाई को हमेशा हमेशा के लिए खो देने का दुख अशोक कुमार कभी नहीं भुला पाए। कहा जाता है कि 13 अक्टूबर 1987 के बाद अशोक कुमार ने अपना जन्मदिन फिर कभी भी दोबारा सेलिब्रेट नहीं किया था।