अजीत पवार की के 14 दिन बाद उनके भतीजे रोहित पवार ने एक ऐसा दावा किया जिस पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। रोहित पवार ने एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया और साबित करने की कोशिश की कि अजीत पवार का प्लेन महज हादसा नहीं था।
बारामती में अजीत पवार के चार्टर्ड प्लेन का मलबा साफ किया जा चुका है। लेकिन घटना के 14 दिन बाद अजीत पवार के भतीजे रोहित पवार ने एक बयान फोड़ दिया है। जिसकी आंच ना जाने कहां-कहां तक पहुंचे। पहले रोहित पवार का बयान । नाम की इजराइल की जो एजेंसी है उसके बारे में एक बुक मुझे वहां पे दी और उस बुक में एक पेज है वहां पे एक एजेंट बोलता है कि डेगन नाम का एजेंट है कौन है मुझे नहीं मालूम लेकिन वो रेफरेंस ऐसे है कि सबसे बड़ा व्हिच इज द मोस्टेंट स्ट्रेटजी टू असिनेट एनीवन इज़ बेसिकली समटाइ्स इट्सेंट इज़ इट्स मोस्ट इफेक्टिव टू किल द ड्राइवर एंड दैट्स दैट रोहित पवार ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयरलाइन कंपनी पीएसआर बुकिंग संभालने वाली कंपनी एरो और पायलट सुमित कपूर पर सवाल उठाए।
विमान के अचानक बुक किए जाने की भी बात कही। अजीत दादा का प्रोग्राम यह गाड़ी का था। प्लेन का नहीं था। प्लेन का बुकिंग कब हुआ? जब उनको 27 तारीख को उनकी मीटिंग्स उनका काम ये लेट होने के कारण उनको 7 बजके 13 मिनट पे वहां पे रिक्वेस्ट भेजा गया 27 तारीख को जिस पे क्रिस्टोफर जोसेफ जो है वो एरो का मेन पर्सन है उसने दिया था नोटेड सर ।
12:30 बजे का एक चैट है उसमें अगर आप देखो तो वहां पे भी अप्रूवल आया था आगे रोहित पवार के बयान पर महाराष्ट्र की सियासत में तूफान मचा हुआ है उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से जांच जांच कराने की मांग की। राज्य के सीएम देवेंद्र फडनवीस ने दो टूक कह दिया कि इस मामले में राजनीतिक शक की जरूरत नहीं है। मुझे ऐसा लगता है कि इसमें सबसे महत्वपूर्ण होती है जो डीजी सेफ्टी उनकी जो जांच होती है वो सबसे महत्वपूर्ण होती है। वो भी जांच चल रही है।
ब्लैक बॉक्स भी मिला हुआ है। तो मुझे ऐसा लगता है कि हमने इस जांच को समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए। लेकिन किसी के भी मन में कोई शंका होगी तो उस शंका का भी निरासन होना चाहिए।
अजीत पवार का निधन महाराष्ट्र की सियासत के एक बड़े चैप्टर क्लोज होने जैसा है। पवार फैमिली की पावर से देश वाकिफ है। बड़ा राजनीतिक परिवार और बड़ा रसूख और साथ। ऐसे में रोहित पवार के सवालों की अहमियत आने वाला वक्त बताएगा।