उनके लिए यह घटक है। उन लोगों ने योजना बनानी प्रारंभ कर दी है। भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोबाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 48 घंटों के भीतर देश को ऐसी सलाह, नसीहत और चेतावनी दी है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दोनों ने एक बहुत बड़े खतरे की तरफ इशारा कर दिया है। अजीत डोबाल और सीएम योगी ने कहा है कि भारत की तरक्की और ताकत से कई देश टेंशन में आ गए हैं। यह देश भारत को अब एक खतरा मानते हैं। इसी कड़ी में अजीत डोबाल और सीएम योगी ने कहा कि भारत को अब अंदर और बाहर दोनों तरफ से खतरा है।
वामपंथियों और विदेशी शक्तियों के झांसे में आकर भारत के युवाओं ने जंतरमंतर पर जो किया है उसे देखते हुए अजीत डोबाल ने कहा है कि भारत के युवाओं को यह समझना होगा कि आजादी का मतलब केवल अपनी मर्जी से कुछ भी करने की मनमानी नहीं है।
सीएम योगी ने भी युवाओं को सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और फर्जी खबरों से सावधान रहने की सलाह दी है। भारत के एक-एक व्यक्ति को अजीत डोबाल और सीएम योगी की यह चेतावनी सुननी चाहिए। विशेषकर जो हमारा युवा वर्ग है वो सोचता है शायद भारत हमेशा ऐसा ही था जिसे हम स्वतंत्रता कहते हैं।
शायद उनको लगता है कि स्वतंत्रता केवल भय करने की जो आपकी इच्छा है। स्वतंत्रता ये नहीं थी। भारत अभी वहां नहीं पहुंचा है। जहां उसे होना चाहिए। ऐसा लगता है कि शायद हम स्वतंत्र हैं तो हमारे ऊपर सारी जिम्मेदारियां खत्म हो गई है।
आज भी भारत को बाहर से भी और अंदर से भी बहुत अधिक चुनौतियां है। भारत का विकास से सभी लोग बहुत आनंदित हो ऐसा नहीं है। भारत का विकास कई लोगों के लिए, कई देशों के लिए, कई इंटरेस्ट के लिए उनके लिए यह घातक है और हमें उसका मुकाबला करना है। आने वाले एक दो वर्षों में भारत दुनिया के अंदर तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था जब होगा तो याद करिए ना तीन देशों में प्रतिस्पर्धा प्रारंभ होगी।
अमेरिका, चीन और भारत में। मुझे बताइए क्या दुनिया के जिन देशों को भारत ने पछाड़ा है क्या उनको अच्छा लगेगा जिसको आप पछाड़ने जा रहे हैं जिसकी प्रतिस्पर्धा में आप खड़े होने जा रहे हैं क्या वह शांत से शांति से बैठेगा और हम तो अभी योजना भी नहीं बनाए हैं उन लोगों ने योजना बनानी प्रारंभ कर दी है भारत को अस्थिर करने की भारत में अव्यवस्था पैदा करने की भारत में अशांति पैदा करने में आज भी आप देखेंगे भारत के अंदर समूहों के पास जो मिलते हैं कहां के प्राप्त होते हैं वह किसी ना किसी पड़ोसी देश के द्वारा निर्मित तो होते हैं.
उन्हीं के द्वारा भेजे गए तो होते हैं ये जो साजिशें हैं हमें इनको समझना होगा और यह साजिश हमारे लिए हमारी इस सनातन परंपरा के लिए हमारे इस देश के खिलाफ किस रूप में है?