1972 में आई ‘अमर प्रेम’ में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की जोड़ी ने भावनाओं से भरी ऐसी कहानी पेश की, जिसे आज भी याद किया जाता है। फिल्म का सबसे चर्चित संवाद था-‘पुष्पा, आई हेट टीयर्स’।
दिलचस्प बात यह है कि यह लाइन सिर्फ फिल्म के लिए अचानक नहीं गढ़ी गई थी।’अमर प्रेम’ की कहानी बंगाली फिल्म ‘निशि पद्म’ से प्रेरित थी और यह संवाद मूल कहानी में भी मौजूद था। हिंदी रूपांतरण के दौरान संवाद लेखक रमेश पंत ने इसे बरकरार रखा। बाकी संवादों को हिंदी में ढालने के बावजूद इस छोटी-सी अंग्रेजी लाइन को उसी रूप में रहने दिया गया।
निर्देशक शक्ति सामंत ने समझ लिया कि राजेश खन्ना के खास अंदाज में बोला गया यह छोटा-सा संवाद दर्शकों के दिल में उतर सकता है। फिल्म में आनंद बाबू, पुष्पा को रोते देखकर उसकी आंखों में आंसू नहीं देख पाते और यही बात इस संवाद के जरिए सामने आती है।
खास बात यह है कि फिल्म में यह संवाद कई बार दोहराया गया, लेकिन हर बार राजेश खन्ना की आवाज, ठहराव और भावनात्मक अंदाज ने इसे यादगार बना दिया।
धीरे-धीरे यह संवाद फिल्म की पहचान बन गया और बाद के वर्षों में इसकी पैरोडी भी होती रही। आज ‘पुष्पा, आई हेट टीयर्स’ हिंदी सिनेमा के सबसे पहचाने जाने वाले संवादों में गिना जाता है