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कंगना के गटर वाले बयान पर बौखलाए सोनू सूद, कह दी बड़ी बात मचा बवाल!

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मैं यही कहना चाहूंगा कि हमारी जो युवा पीढ़ी है वो देश का भविष्य है। हमें उन्हें सुनना जरूर चाहिए। उनका साथ देना चाहिए और साथ ही साथ यह भी कहना चाहूंगा कि कई बार ऐसे प्रदर्शनों में बहुत सारे यू नो ऐसे एलिमेंट्स आ जाते हैं जो इस जो उनका जो एक्चुअल मुद्दा है उसको भटकाने के लिए भी खराब किए जाते हैं। तो मैं कहूंगा उनसे बचकर चलना चाहिए और जो भी आपके दिल में है उसे आप बताएं और मुझे विश्वास है कि सरकार भी देश की भलाई के लिए ही काम कर रही है। बस वो रिश्ता जो है उसे जोड़ना जरूरी है। वही है युवाओं के लिए मैंने मैंने मैंने सुना नहीं एक्चुअली बयान सॉरी मैंने उनका बयान नहीं सुना पर मुझे लगता है कि ये जितने युवा लोग हैं वही एक्टर्स बनाते हैं। वही आपको इस मुकाम तक पहुंचाते हैं। जब तक वो आपके साथ रहेंगे तो आप रहेंगे। अगर वो नहीं रहेंगे तो फिर यू नो तकलीफ होगी। इसलिए सबको साथ लेकर चलना चाहिए। आपका जो प्रोफेशन है वो कोई भी हो। आप एक्टर हैं, डॉक्टर हैं या कोई भी हैं। जब तक लोग आपके साथ जुड़े हैं तब तक आप का जो अस्तित्व है वो इस दुनिया के अंदर यू नो मायने रखता है। अदरवाइज कोई फायदा नहीं। महिलाओं को उन्होंने गटर गटर कहा है। गटर अगर ऐसा कहा है तो बहुत मुझे लगता है कि शर्मनाक बात है। ऐसे नहीं कहना चाहिए था। और ऐसे नहीं बोलते कि तोलमोल के बोल। बड़ा जरूरी है कि आप सोच समझ के बोले क्योंकि जो जनता है वो ही यू नो ईश्वर का दूसरा रूप है। बात करते हैं कंगना रनौत की। कंगना रनौत ने जजी प्रदर्शन को लेकर बयान दिया था। उस बयान पर हंगामा लगातार बढ़ता जा रहा है। जजी से लेकर सियासतदाद कंगना के बयान पर उनको घेर रहे हैं। लेकिन कंगना रुकने को तैयार नहीं है। उन्होंने जजी प्रदर्शन को लेकर एक नया बयान भी दे दिया है। किस तरह के स्टूडेंट हैं और किस तरह की अश्लील बातें हैं। किस एंगल से ये लोग स्टूडेंट लगते हैं? रनौत ने भी कौन सी लेता है? मानसिकता दर्शाता है। उनकी जैसी मानसिकता है वैसे उनके मन से बात है। बयान पर बयान बयान पर बयान और उस पर जारी घमास। कंगना के गटर छाप वाले उपदेश पर ऐसा क्लेश मचा है जिसमें वो खुद बार-बार कूद कर उस क्लेश को और बढ़ा देती है। पहले कंगना ने सोशल मीडिया में लिखा जिसमें उन्होंने तमाम जेंसी को गटर छाप बताया। आपने देखा उस बयान पर भयंकर रार्झि। हर तरफ उनके नाम पर जुबानी विरोध का दौर शुरू हो गया। उनको पूछो नीट का फुल फॉर्म मालूम है? नहीं पता होगा उनको। और आप जैनजी स्टूडेंट छात्र जो हमारे भारत का भविष्य है उनके बारे में ऐसा बोल रहे हो? देश के छात्रों को ये घिनौना कहती हैं तो आप उनकी मानसिकता को समझ सकते हैं। यह स्वस्थ मानसिकता नहीं है। वो हमेशा इस तरह की बातें करते हैं और इस तरह की बातें करके फिर उनके दिमाग में क्या है वो लोगों के सामने आ जाता है। ऐसे में कंगना मंगलवार को फिर सामने आई और संसद परिसर से यह अलगार उठाई कि पीछे नहीं हटूंगी। जितना मर्जी ट्रोल कर अब आप अफोर्ड कर पाएंगे। ये इनके खुद की तो हैसियत नहीं है अफोर्ड करने की और हमें ये अब ट्रोल करें चाहे कुछ भी करें। 16 ईयर ओल्ड से जो है हम अपना करियर बना रहे हैं। माता-पिता पर कभी बोझ बनकर नहीं रहे। और जिनके माता-पिता बहुत ही कंजर्वेटिव है, हम जानते हैं कि हमारा हिंदुस्तानी समाज कैसा है। इसने विरोध की तीव्रता को और बढ़ा दिया। सियासी गलियारों से लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के सीधे जुबानी टारगेट पर कंगना ही बनी थी। किसने क्या कहा वो बताएं। उससे पहले कंगना ने बुधवार को फिर नया बयान दे दिया। अब उन्होंने गटर छाप बयान से आगे बढ़कर जेंसी के व्यवहार को जानवरों जैसा बता दिया। उनकी हरकतों को एनिमलिस्टिक बता दिया। शास्त्र भी कहते हैं कि आप पुरुषोत्तम जो सर्वश्रेष्ठ है पुरुषों में उस एवोल्यूशन की तरफ जाइए। लेकिन ये फेमिनाजी आपको सिखा रही है कि आप एनिमलिस्टिक जाइए और आप अपने गले में ऐसा मतलब आपके गले में पट्टा डाल रहे हैं कि आप एनिमल बनिए। आप एनिमल टेंडेंसीज जो है वो डिस्प्ले कीजिए। मैं यही कहूंगी जो मैंने अपने बड़ों से सीखा है और जिन्होंने मुझे गुरु गुरुओं ने जो मुझे ज्ञान दिया है वो यही है कि यह हमें जो जीवन मिला है वो इवॉल्व होने के लिए मिला है। रिग्रेस होने के लिए नहीं मिला है एनिमलिस्टिक टेंडेंसीज में। कंगना के इस बयान पर बीजेपी और सियासी दलों को आपको सुनवाए। उससे पहले आपको जिंदगी को सुनना चाहिए। जिनको कंगना ने गटर छाप से लेकर एनिमलिस्टिक यानी पशुओं जैसा व्यवहार करने वाली उपाधियां दे दी। व्हाट काइंड ऑफ़ ब्लैक एंड वाइट थिंकिंग इज दैट। खुद आपने 10 साल तक इंडस्ट्री में स्ट्रगल किया है। उसके बाद आप ये चीज बोल रही हैं। लिटरली बिहेविंग लाइक अ टिपिकल मोहल्ले की आंटी। उनकी आत्मा नहीं किलती है जब कोई लड़की अपना ओपिनियन सामने रखती है। सेम। तो आपने अभी तक शादी क्यों नहीं करी है? आप एक अच्छी गणी बन के कब दिखाएंगी? आपके बच्चे हैं। आपको कब दिखाएंगी कि हां आपको आप अपना घर अच्छे से चला पा रही हैं। जो आप दूसरों को लेक्चर दे रही हैं। हां आपने अभी तक जो भी कुछ किया है वो आपने खुद के लिए किया है। आपने अपने पर्सनल बेनिफिट के लिए किया है। आपने लोगों के लिए कुछ भी नहीं किया है। तो आपको कोई हक नहीं है किसी को गटर जनरेशन कहने का। क्या हो गया? मतलब अगर लाठी लाठी चार्ज अगर कर भी दिया तो क्या हो गया? आंसू गैस के अगर आप पे हमने गोली छोड़ भी दिए। और मैं हमारे देश के जैन को यह भी याद दिलाना चाहूंगी कि आपने रेिग्नेशन मांगा आपको मिल गया। और छात्रों की एकता को देखकर जो जंतरमंतर पे जो दृश्य थे कि जश्न मना रहे हैं लोग जो बेखौफ हो गए थे लोग उस डर को मिटते हुए देखकर उनका अपना डर उजागर हो रहा है। मुझे हास्यास्पद लगता है क्योंकि कंगना रानौत को ना कोई ज्ञान है ना कोई समझ है बस सांसद बन गई हैं। आप किसी के बारे में कमेंट ना ही करें तो अच्छा है। इन्हें सुनने के बाद एक बार फिर आपको कंगना रानौत के आज वाले बयान का अगला हिस्सा सुनवाती हैं। जिसमें वह कह रही हैं कि पीएम को गाली देना गलत है। किसी को ऐसा करने का कोई हक नहीं। मेरे आराध्य चाहे आपको मेरे माता-पिता के लिए कोई सेंटीमेंट ना हो। मेरे घर के बच्चों के लिए कोई आपको भावना ना हो। उसका मतलब यह नहीं है कि आप उनको सड़क पर सेक्सुअल गालियां देंगे। उनके मान को हानि करेंगे। मेरे आराध्य मेरे भगवान हो चाहे मेरे नेता हो। प्रधानमंत्री जी से जो है लोग उनको एग्जाम बडी कहते हैं बच्चे। उनके साथ में कितने लोगों की भावनाएं कोई उनको लीडर मानता है। कोई उनको दोस्त मानता है। कोई उनको परिवारजन मानता है। कोई उनको भगवान मानता है। उसी तरह से आप किसी की फीलिंग्स हर्ट नहीं कर सकते हैं। यह कोई कूल बनना नहीं है। कंगना गुमानी तीरों के साथ डटी हुई है। तो कॉकरोच जनता पार्टी से लेकर विपक्ष कंगना के गटर छाप वाले बयान पर अभी भी पलटवार कर रहा है। कंगना रनौत ने भी एजेंसी को कौन सी लेता है? कंगना रनौत जी को अब उनके पार्टी वाले ही ज्यादा नहीं पूछते हैं। ज्यादा सीरियसली नहीं लेते हैं उनको। तो हम लोग भी क्यों सीरियसली लेते हैं? तो बात तो निकली और यह दूर तलक जा भी रही। कंगना अभी भी बयान पर कायम। दूसरी तरफ जंतरमंतर की तरह सोशल मीडिया पर भी जजी डटे हुए हैं। कंगना उनको नसीहत दे रही है और वो कंगना को नसीहत दे रहे हैं। उन पर मीम्स बना रहे हैं। उन्हें अपनी भाषा में जवाब दे रहे हैं। फिलहाल तो दोनों तरफ से वार पलटवार का दौर जारी है। ब्यूरो रिपोर्ट एनडीt इंडिया और अब आइए आगे बढ़ते हैं अगली खबर की ओर। 30 जुलाई से 11 अगस्त आस्था की यात्रा पर लाखों शिव भक्त निकलेंगे। कावड़ यात्रा के दौरान किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए प्रशासन कई दिनों से काम कर रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को किसी तरह की कोई दिक्कत ना आए इसका ध्यान रखा जा रहा है। कावड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम और रूट डायवर्जन भी किए।

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