Cli

इस्तीफा देने के बाद सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने किया ये काम,जानकार दंग हो जाएंगे।

Uncategorized

36 दिन का अनशन, भूख हड़ताल, विपक्ष की बयान बाजी इन सबके बाद आखिरकार cjp और देश के युवा छात्रो की जीत हुई, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, सरकार ने नए शिक्षा मंत्री के तौर पर प्रहलाद जोशी की नियुक्ति कर ली। लेकिन क्या आप जानते है की इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने पहला काम क्या किया?

तो इस बात का जवाब है कि इस्‍तीफा देने के कुछ मिनटों बाद ही उन्‍होंने सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म ‘एक्‍स’ के अपने बायो पेज को अपडेट किया है. इस नए अपडेट में उन्‍होंने अपपनी प्रोफाइल से ‘केंद्रीय शिक्षा मंत्री’ हटा दिया है. अब उनके बायो पेज में उनका परिचय संबलपुर लोकसभा क्षेत्र का सांसद बताया गया है।

उन्‍होंने अपने एक्‍स एकाउंट में बायो पेज में ‘सांसद (लोकसभा), संबलपुर | विचार व्‍यक्तिगत हैं | RT समर्थन नहीं है’ लिखा है.20होमताजा खबरदेशमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सबसे पहला काम क्या किया?केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सबसे पहला काम क्या किया?Written by:Anoop Kumar MishraJul 25, 2026, 20:01What First Dharmendra Pradhan did After Resigning: नीट पेपर लीक मामले में बीते कई दिनों से चल रहे बवाल पर विराम पर लगाम लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है. आपको पता है कि अपना इस्‍तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सबसे पहले क्‍या काम किया? यदि आपको नहीं पता है, तो चलिए आपको बताते हैं पूरे विस्‍तार से.ख़बरें फटाफटगूगल परNews18 चुनेंADVERTISEMENTWhat First Dharmendra Pradhan did After Resigning: आखिरकार नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया है. शनिवार दोपहर उन्‍होंने सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म ‘एक्‍स’ के जरिए अपने इस्‍तीफे का ऐलान किया है. अपनी इस पोस्‍ट में धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात का खुलासा भी किया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सरकार के बीच हुई तीसरे राउंड की बातचीत से पहले उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया था. वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान के इस्‍तीफे के बाद सरकार ने सीजेपी की दो अन्‍य मांगों को भी मान लिया. जिसके बाद, सीजेपी ने अपना प्रदर्शन खत्‍म कर प्रदर्शनकारियों को घर वापस जाने के लिए कह दिया है.आपको पता है कि शिक्षा मंत्री के पद से इस्‍तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने क्‍या किया?ADVERTISEMENTवहीं इस सभी घटनाक्रम के बीच उत्‍सुकता इस बात को लेकर भी है कि अपना इस्‍तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सबसे पहले क्‍या किया. तो इस बात का जवाब है कि इस्‍तीफा देने के कुछ मिनटों बाद ही उन्‍होंने सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म ‘एक्‍स’ के अपने बायो पेज को अपडेट किया है. इस नए अपडेट में उन्‍होंने अपपनी प्रोफाइल से ‘केंद्रीय शिक्षा मंत्री’ हटा दिया है. अब उनके बायो पेज में उनका परिचय संबलपुर लोकसभा क्षेत्र का सांसद बताया गया है. उन्‍होंने अपने एक्‍स एकाउंट में बायो पेज में ‘सांसद (लोकसभा), संबलपुर | विचार व्‍यक्तिगत हैं | RT समर्थन नहीं है’ लिखा है.अपने इस्‍तीफे के साथ धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया में क्‍या कहा?कुछ घंटे पहले शिक्षा मंत्री से पूर्व शिक्षामंत्री हुए धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी पोस्‍ट में लिखा है ।

कि कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच तीसरे दौर की बातचीत से कुछ घंटें पहले उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया था. उन्‍होंने आगे लिखा कि देश-विरोधी ताकतें जंतर-मंतर के साथ पूरे देश में पैदा हुई परिस्थितियों का फायदा न उठा सकें, इस बात को ध्‍यान में रखते हुए अपने पद से इस्‍तीफा दिया है. उन्‍होंने यह भी लिखा कि देश की एकता बने रहे, देश के एक भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं और अपना करियर बनाने पर ध्यान दें. इन बातों के मद्देनजर उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया है.

जंतर-मंतर पर 20 जून से जमीं कॉकरोच जनता पार्टी शुरू से ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान के इस्‍तीफे की मांग कर रही थी. वहीं सीजेपी के इस प्रदर्शन को राजनीतिक अवसर मानकर तमाम राजनैतिक पार्टियां इस प्रदर्शन से जुड़ती चली गईं. इसके बाद, 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ का ऐलान किया गया. मार्च के दौरान, छात्रों के हमदर्द बनकर उनकी भीड़ में घुसे अराजकतत्‍वों ने ऐसा माहौल खड़ा कर दिया कि पुलिस को बल इस्‍तेमाल करने में मजबूर होना पड़ गया. दुर्भाग्‍य से पुलिस की इस कार्रवाई में कई छात्र बुरी तरह से जख्‍मी हो गए. एक छात्रा की हालत यहां तक बिगड़ गई कि उसे वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा. इसके बाद, पुलिस की कार्रवाई के वीडियो को सोशल मीडिया में कुछ तरह से प्रसारित किया गया, जिससे नौजवानों को उकसाकर हिंसा के रास्‍ते पर भेजा जा सके. गमीमत रही कि अराजकतत्‍वों की यह कोशिश नाकाम रही.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *