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इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान की संपत्ति पर हुआ चौंकाने वाला खुलासा।

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क्या नीट पेपर लीक विवाद के भारी दबाव के बीच आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है? जंतरमंतर से उठी छात्रों के गुस्से की आग ने क्या सरकार को यह बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया और इस पूरे सियासी घमासान के बीच पूर्व शिक्षा मंत्री और उनके परिवार के पास कुल कितनी संपत्ति है? यह सच जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

नीट परीक्षा को लेकर देश भर में मचा बवाल अब एक बेहद बड़े मोड़ पर पहुंच चुका है। सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे लाखों छात्रों और लगातार बन रहे सियासी दबाव के बीच अब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफादे दिया है।

इस खबर ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। नई दिल्ली के जंतरमंतर से शुरू हुआ छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल गया था। जिसके बाद से ही मंत्री जी के इस्तीफे की मांग लगातार जोर पकड़ रही थी। लेकिन इस बड़े सियासी उलटफेर के साथ ही एक और चीज है जो इस वक्त सोशल मीडिया और इसी के साथ खबरों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है और वह है धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार की कुल संपत्ति और उनका बैंक बैलेंस।

चुनावी हलफनामे के आधार पर सामने आई जानकारी के मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान के पूरे परिवार के पास कुल 6 करोड़ 38 लाख से ज्यादा की संपत्ति है। धर्मेंद्र प्रधान की व्यक्तिगत संपत्ति की बात करें इस पूरे आंकड़े में सबसे दिलचस्प बात यह है कि परिवार में सबसे ज्यादा अमीर खुद धर्मेंद्र प्रधान नहीं बल्कि उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर हैं। जहां धर्मेंद्र प्रधान की अपनी व्यक्तिगत संपत्ति करीब 1 करोड़ 999 लाख है। वहीं उनकी पत्नी के पास 4 करोड़ 12 लाख की चल और अचल संपत्ति दर्ज है।

अगर कमाई की बात करें तो साल 2022 से 23 में धर्मेंद्र प्रधान की सालाना कमाई जहां करीब ₹1,74,000 थी वहीं उनकी पत्नी की आय ₹49 लाख के आसपास रही। परिवार के पास सुरक्षित निवेश का भी बड़ा जरिया मौजूद है। जिसमें बैंक एफडी, पीपीएफ और म्यूच्यूल फंड में करोड़ों रुपए का भारी भरकम इन्वेस्टमेंट किया गया है। अगर इस पूरे संपत्ति के ढांचे को गहराई से समझे तो प्रधान परिवार ने अपने पैसों को बेहद सुरक्षित और पारंपरिक तरीके से इन्वेस्ट किया है।

निवेश किया है। बैंक में जमा रकम, पीपीएफ और फिक्स्ड डिपॉजिट मिलाकर परिवार के पास करीब ₹ करोड़ 47 लाख की जमा पूंजी है। इसके अलावा शेयर बाजार और म्यूच्यूल फंड में भी ₹80 लाख से ज्यादा लगाए गए हैं। जबकि इंश्योरेंस पॉलिसी में 67 लाख से अधिक का निवेश है।

धर्मेंद्र प्रधान के पास ओसा में कृषि और गैर कृषि जमीनें हैं। तो वहीं गाजियाबाद के इंदिरापुरम और भुवनेश्वर जैसे प्राइम लोकेशन में उनके और उनकी पत्नी के नाम पर शानदार फ्लैट्स भी मौजूद हैं। परिवार के बच्चों की बात करें तो उनकी बेटी नेम के नाम पर करीब 25 लाख और बेटे निशांत के नाम ₹1.5 लाख से ज्यादा की चल संपत्ति है। अब सवाल यह उठता है कि इस पूरे जो विवाद [संगीत] है इसका देश की राजनीति और देश के करोड़ों छात्रों पर क्या असर पड़ता है? नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से जिस तरह का माहौल बना हुआ था उसने ना सिर्फ शिक्षा मंत्रालय बल्कि पूरी सरकार की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। छात्रों का साफ तौर पर यह कहना था कि जब तक व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं आएगी और जिम्मेदार पद पर बैठे लोग जवाबदेही नहीं तय करेंगे तब तक उनका आंदोलन थमने वाला बिल्कुल भी नहीं है।

ऐसे में मंत्री के इस्तीफे की खबर को छात्र अपनी पहली बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की जांच किस दिशा में जाएगी और शिक्षामंत्रालय की कमान अब किसे सौंपी जाएगी? तो नीट विवाद में हुए इस बड़े घटनाक्रम और पूर्व शिक्षा मंत्री

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